प्रतापगढ़। जनपद के रानीगंज थाना क्षेत्र में रविवार की शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें बाइक सवार तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा रानीगंज जामताली मार्ग पर स्थित पचरास इंडिया पेट्रोल पंप के पास शाम करीब 7:40 बजे हुआ, जब अचानक सड़क पार कर रही नीलगाय से बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार तीनों युवक बाइक समेत सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायल युवक प्रयागराज जनपद के मऊ आईमा थाना क्षेत्र के झलिया (सराय जाजा) गांव के रहने वाले हैं। पंकज कुमार (25 वर्ष) पुत्र नागेंद्र कुमार, अपने गांव के ही दोस्त करन कुमार (22 वर्ष) पुत्र जवाहर लाल तथा प्रमोद कुमार (21 वर्ष) पुत्र हरि लाल के साथ रानीगंज थाना क्षेत्र के जामताली गांव में एक दोस्त के घर गए थे। रविवार शाम तीनों युवक एक ही बाइक से अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही वे पचरास इंडिया पेट्रोल पंप के पास पहुंचे, तभी अचानक सामने से सड़क पार कर रही नीलगाय से उनकी बाइक टकरा गई।
हादसे के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सड़क पर गिरे युवकों की हालत देखकर राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कस्बा चौकी इंचार्ज राकेश चौरसिया बिना देर किए मौके पर पहुंचे। उस समय घायलों की हालत गंभीर थी और तत्काल इलाज की आवश्यकता थी। ऐसे में राकेश चौरसिया ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए समय की नजाकत को समझा और बिना किसी औपचारिकता में उलझे दो घायलों को अपने निजी वाहन से तुरंत ट्रामा सेंटर भेजा। वहीं तीसरे घायल को एंबुलेंस के माध्यम से ट्रामा सेंटर भिजवाया गया।
ट्रामा सेंटर में डॉक्टरों ने तीनों घायलों का प्राथमिक उपचार किया। घायलों की स्थिति गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए तीनों को मेडिकल कॉलेज प्रतापगढ़ रेफर कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही घायलों के परिजन भी ट्रामा सेंटर पहुंच गए, जहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर नीलगाय और अन्य आवारा जानवर सड़क पर आ जाते हैं, जिससे आए दिन हादसों की आशंका बनी रहती है। लोगों ने प्रशासन से सड़क पर जानवरों की आवाजाही रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

इस पूरे घटनाक्रम में कस्बा चौकी इंचार्ज राकेश चौरसिया की तत्परता और संवेदनशीलता की क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है। जिस तरह उन्होंने बिना समय गंवाए, अपने निजी वाहन का इस्तेमाल कर घायलों को अस्पताल पहुंचाया, वह कर्तव्यनिष्ठा और मानवता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि पुलिस समय पर मौके पर न पहुंचती तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी। राकेश चौरसिया जैसे जिम्मेदार और जमीनी स्तर पर सक्रिय पुलिसकर्मी न सिर्फ कानून-व्यवस्था संभालते हैं, बल्कि संकट की घड़ी में आम जनता के लिए देवदूत बनकर सामने आते हैं।







