प्रतापगढ़। जनपद के रानीगंज थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात पुलिस चेकिंग के दौरान हुई मुठभेड़ में एक शातिर बदमाश गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसके दो अन्य साथियों को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई बुढ़ौरा कुम्भापुर के पास की गई, जहां पुलिस टीम संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ बदमाश चोरी की वारदात में प्रयुक्त वाहन से क्षेत्र में आने वाले हैं। सूचना के आधार पर रानीगंज पुलिस ने चेकिंग अभियान तेज किया। इसी दौरान रात लगभग 2 बजे एक बैगनार कार आती दिखाई दी। पुलिस द्वारा रोकने का प्रयास करने पर कार सवार बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक बदमाश मिथलेश केसरवानी के दाहिने पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने मौके से मिथलेश केसरवानी सहित लवकुश यादव और पवन यादव को गिरफ्तार कर लिया।
मुठभेड़ के दौरान एक अन्य शातिर बदमाश जदरथ उर्फ जय प्रकाश यादव अंधेरे और भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाकर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। घायल मिथलेश केसरवानी को तत्काल इलाज के लिए रानीगंज ट्रामा सेंटर भेजा जहां से जिला अस्पताल प्रतापगढ़ भेजा गया, जहां उसका उपचार चल रहा है।
गिरफ्तार बदमाश की तलाशी के दौरान मिथलेश केसरवानी के कब्जे से एक तमंचा, एक खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। वहीं लवकुश यादव और पवन यादव के पास से एक सरकारी विद्यालय से चोरी किया गया सामान तथा चोरी की घटना में प्रयुक्त बैगनार कार बरामद की गई। बरामद वाहन का नंबर यूपी 70 एई 4906 बताया गया है।
पुलिस के अनुसार, इन बदमाशों के द्वारा बीते 22 दिसंबर की रात रानीगंज थाना क्षेत्र के चंदी गोविंदपुर स्थित एक सरकारी स्कूल में चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था। इस मामले में पहले ही मुकदमा दर्ज किया जा चुका था और बदमाश लंबे समय से फरार चल रहे थे। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर इस घटना के खुलासे और बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई थीं, जिसके तहत यह कार्रवाई की गई।
गिरफ्तार बदमाश में मिथलेश केसरवानी की उम्र करीब 38 वर्ष बताई गई है, जो मूल रूप से प्रयागराज जनपद का निवासी है और वर्तमान में प्रतापगढ़ में रह रहा था। वहीं लवकुश यादव (28 वर्ष) और पवन यादव (23 वर्ष) रानीगंज थाना क्षेत्र के जामताली गांव के रहने वाले हैं। पुलिस अब तीनों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है।
इस पूरे अभियान में रानीगंज सर्किल की सक्रिय भूमिका सराहनीय रही। अपराध नियंत्रण को लेकर क्षेत्राधिकारी रानीगंज विनय प्रभाकर साहनी की रणनीति और सतत निगरानी का असर साफ दिखाई दे रहा है। उनके नेतृत्व में रानीगंज सर्किल में लगातार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, जिससे बदमाशों में खौफ और आमजन में भरोसा बढ़ा है।
कार्रवाई के दौरान कांस्टेबल रुद्रांश चौबे, मुकेश पटेल और विकास बाबू की मुस्तैदी और साहस की भी सराहना की जा रही है। इन पुलिसकर्मियों ने लंबे समय से रानीगंज सर्किल में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई है और कई मामलों में अपराधियों को धूल चटाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल के महीनों में क्षेत्र में अपराध के मामलों में कमी आई है, जिसका श्रेय पुलिस की सक्रियता को जाता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार बदमाश की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई प्रचलित है। इस मुठभेड़ के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ा दी गई है।







