स्कूल में जल भराव और कीचड़ से अभिभावकों में आक्रोश

बच्चों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्कूल एक दूर का सपना

बच्चों की सेहत और पढ़ाई पर खतरा

शिक्षा लेने से पहले बच्चों की कीचड़ से जंग, कैसे स्कूल चलें हम

विद्रोही सामना संवाददाता

प्रयागराज। सरकार जहां एक ओर सब बढ़ें,सब पढ़ें का नारा लगाकर शिक्षा का बढ़ावा दे रही है, वही सरकारी तंत्र में कुछ ऐसे लोग हैं जिनकी वजह से ऐसी योजनाओं पर पानी फिरता नजर आ रहा है। ऐसे ही शर्मनाक तस्वीर विकासखंड शंकरगढ़ के प्राथमिक विद्यालय भैंसहाई से सामने आई है। जहां एक तरफ स्वच्छता के बैनर तले गंदगी और कीचड़ का अंबार लगा नजर आया। वहीं दूसरी ओर स्कूल जाने के लिए बच्चों को कीचड़ से जंग लड़ना पड़ रहा है। स्कूल में गंदगी और कीचड़ की समस्या एक गंभीर मुद्दा है जिससे बच्चों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। अभिभावकों में इस समस्या को लेकर भारी आक्रोश है और वह जल्द से जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि गंदगी और कीचड़ के कारण बच्चों में बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। जिससे अपने बच्चों की सुरक्षा और सेहत को लेकर चिंतित हैं। बच्चों के लिए बने सुविधा घर को देखकर आप हैरान रह जाएंगे शिक्षा के लिए जिस स्कूल में भेजा जा रहा है वहां ठीक से पढ़ाई तो दूर शौच और बाथरूम जाने की भी ठीक व्यवस्था नहीं है। बच्चों के लिए बना शौचालय व पेशाब घर जंगल की तरह दिखाई देता है क्योंकि विद्यालय में बने इस शौचालय परिसर में बड़ी-बड़ी घास उग रही है। जिससे जहरीले जंतुओं के आक्रमण का भय बना रहता है। जबकि स्वच्छता से जुड़े एक से बढ़कर एक नारे दीवार लेखन पर लिखे हुए हैं। लेकिन इन नारों की ओर किसी का ध्यान नहीं है। अभिभावकों ने संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए मांग की है कि समस्याओं की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र ही निराकरण कराया जाए।

रूबरू इंडिया न्यूज़ डेस्क
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