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नाबालिग से हैवानियत करने वाले एक युवक को पुलिस ने पकड़ा भेजा जेल

POCSO एक्ट के वांछित आरोपी को दिलीपपुर पुलिस ने दबोचा

महिला उपनिरीक्षक सारिका साहू के नेतृत्व में मुखबिर की सूचना पर राजपूत चौराहे के पास हुई गिरफ्तारी

प्रतापगढ़। थाना दिलीपपुर पुलिस ने नाबालिग से संबंधित POCSO एक्ट के मामले में वांछित चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को राजपूत चौराहे के पास से पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की गई।

पुलिस के अनुसार, वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना दिलीपपुर पुलिस को एक वांछित आरोपी के क्षेत्र में मौजूद होने की सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी की और राजपूत चौराहे के पास संदिग्ध रूप से मौजूद युवक को पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान पुनीत सिंह पुत्र प्रीतम सिंह, उम्र करीब 25 वर्ष, निवासी ग्राम सुजानपुर, त्रिलोकपुर, थाना चौबेपुर, जनपद कानपुर नगर के रूप में हुई।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किया गया आरोपी थाना दिलीपपुर में दर्ज मु0अ0सं0 197/2026 से संबंधित मामले में वांछित चल रहा था। उसके खिलाफ धारा 65(1) बीएनएस तथा धारा 5N/6 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। मुकदमे में वांछित होने के बाद से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।

महिला उपनिरीक्षक के नेतृत्व में कार्रवाई

वांछित आरोपी की गिरफ्तारी में महिला उपनिरीक्षक सारिका साहू की अहम भूमिका रही। पुलिस टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आरोपी की घेराबंदी की और उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद आरोपी को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए थाने लाया गया।

दिलीपपुर पुलिस के मुताबिक, क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पुलिस टीम को यह सफलता मिली। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए वांछित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

इन पुलिसकर्मियों ने निभाई भूमिका

आरोपी की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में महिला उपनिरीक्षक सारिका साहू, उपनिरीक्षक आनन्द राय, कांस्टेबल निर्दोष कुमार तथा कांस्टेबल रामजनम सिंह शामिल रहे।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। POCSO एक्ट से जुड़े मामले में गिरफ्तारी होने के बाद अब प्रकरण में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

रूबरू इंडिया, प्रतापगढ़

कंधई में नशे के कारोबार पर पुलिस का प्रहार, एमडी के साथ तीन गिरफ्तार

कंधई में एमडी की खेप के साथ तीन गिरफ्तार

35.84 ग्राम मादक पदार्थ बरामद, तराजू-पन्नियां और बाइक भी मिली

प्रतापगढ़। कंधई पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बुधवार को तीन युवकों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से 35.84 ग्राम अवैध एमडी बरामद करने का दावा किया है। आरोपियों के पास से इलेक्ट्रॉनिक तराजू, नौ छोटी पारदर्शी पन्नियां, मोबाइल फोन और एक बाइक भी मिली है। कार्रवाई में थाना पुलिस के साथ स्पेशल टीम और सर्विलांस सेल की अहम भूमिका रही।

पुलिस के अनुसार, क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्ति और वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को पकड़ लिया। पकड़े गए युवकों की पहचान सचिन तिवारी उर्फ दिलावर पुत्र कपिल देव तिवारी निवासी पूरे भुलई, सिद्धार्थ शुक्ला पुत्र राजमणि शुक्ला निवासी गोगलापुर और अश्वनी तिवारी पुत्र निशाकांत तिवारी निवासी तरहा के रूप में हुई।

तलाशी में सचिन तिवारी के पास से 21.43 ग्राम, सिद्धार्थ शुक्ला के पास से 8.23 ग्राम और अश्वनी तिवारी के कब्जे से 6.18 ग्राम एमडी बरामद हुई। पुलिस के मुताबिक तीनों के पास से बरामद मादक पदार्थ की कुल मात्रा 35.84 ग्राम है।

सचिन तिवारी के पास से एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू और नौ छोटी पारदर्शी पन्नियां भी बरामद हुईं। इसके अलावा POCO कंपनी का नेवी ब्लू रंग का मोबाइल फोन मिला। पुलिस ने बरामदगी में इस्तेमाल एचएफ डीलक्स बाइक को भी कब्जे में लिया है।

स्पेशल टीम की रही अहम भूमिका

मादक पदार्थ के खिलाफ हुई इस कार्रवाई में स्पेशल टीम और सर्विलांस सेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्पेशल टीम प्रभारी उपनिरीक्षक विजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने पुलिस के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाया। सर्विलांस सेल प्रभारी उपनिरीक्षक अजीत सिंह की टीम ने भी इसमें सहयोग किया। पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से मादक पदार्थ की बिक्री और तस्करी में जुटे लोगों में खलबली मची है।

कार्रवाई करने वाली टीम में कंधई थाने के उपनिरीक्षक अनुपम पटेल, उपनिरीक्षक कैलाश यादव, कांस्टेबल कपिल, रिजर्व कांस्टेबल संदीप पासवान, राहुल पटेल, नदीम स्पेशल टीम में हेड कांस्टेबल भानु प्रताप सिंह, कांस्टेबल मुकेश पटेल, माधवेश राय, आनंद यादव और पियूष यादव शामिल रहे।

पुलिस ने तीनों के खिलाफ कंधई थाने में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार मामले में एनडीपीएस एक्ट समेत संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर मादक पदार्थ की खेप कहां से लाई गई थी और इसके कारोबार से कौन-कौन लोग जुड़े हैं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

रेलवे ट्रैक पर मौत बनकर दौड़ी इंटरसिटी, 30 से 35 बकरियों की दर्दनाक मौत

कुछ ही सेकंड में उजड़ गया पशुपालकों का सहारा, ट्रैक पार कर रहीं महिलाएं बाल-बाल बचीं

प्रतापगढ़। हथिगवां थाना क्षेत्र में बुधवार की सुबह प्रयागराज-लखनऊ रेलखंड पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब तेज रफ्तार इंटरसिटी एक्सप्रेस की चपेट में आकर करीब 30 से 35 बकरियों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा कृष्णा राम का पुरवा के पास रेलवे फाटक पर हुआ। घटना के दौरान रेलवे ट्रैक के आसपास मौजूद कुछ महिलाएं भी ट्रेन की चपेट में आने से बाल-बाल बच गईं। कुछ ही पलों में रेलवे ट्रैक का मंजर ऐसा हो गया कि मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।

बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह करीब 10 बजे लखनऊ से प्रयागराज की ओर जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस खिदिरपुर के पास रेलवे फाटक से गुजर रही थी। इसी दौरान रेलवे लाइन के आसपास घूम रही बकरियां अचानक ट्रैक पर पहुंच गईं। ट्रेन की रफ्तार इतनी तेज थी कि बकरियों को संभलने या वहां से हटने का मौका तक नहीं मिला।

देखते ही देखते तेज रफ्तार ट्रेन कई बकरियों को अपनी चपेट में लेते हुए आगे निकल गई। हादसे में करीब 30 से 35 बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई। अचानक हुए इस हादसे से आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। ट्रेन गुजरने के बाद जब लोगों ने रेलवे ट्रैक की ओर देखा तो वहां बकरियों के शव पड़े थे। यह दृश्य देखकर पशुपालकों और ग्रामीणों में मायूसी छा गई।

सबसे बड़ा हादसा टल गया। जिस समय ट्रेन रेलवे फाटक से गुजर रही थी, उसी दौरान कुछ महिलाएं भी रेलवे ट्रैक पार कर रही थीं। ट्रेन को अचानक अपनी ओर आता देख महिलाओं ने किसी तरह ट्रैक से हटकर अपनी जान बचाई। चंद सेकंड की देरी या जरा सी चूक होती तो बकरियों के साथ इंसानी जिंदगी का भी बड़ा नुकसान हो सकता था। महिलाओं के सुरक्षित बच जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।

हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवान मौके पर पहुंचे। जवानों ने घटनास्थल का जायजा लिया और आवश्यक कार्रवाई के बाद ट्रेन को आगे रवाना किया। हादसे के बाद रेलवे फाटक के आसपास काफी देर तक लोगों की भीड़ जमा रही।

बकरियां ग्रामीण पशुपालकों के लिए केवल पशु नहीं, बल्कि उनकी रोजी-रोटी और परिवार के भरण-पोषण का बड़ा सहारा होती हैं। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में बकरियों की मौत ने पशुपालकों को गहरा झटका दिया। जिन परिवारों के लिए यही बकरियां आमदनी का जरिया थीं, उनके सामने आर्थिक नुकसान की चिंता भी खड़ी हो गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे ट्रैक के आसपास पशुओं के पहुंचने की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान दिया जाना जरूरी है। बुधवार की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि यदि समय रहते बकरियां ट्रैक से नहीं हटतीं और महिलाएं भी वहां मौजूद रहतीं, तो हादसा कितना भयावह हो सकता था।

फिलहाल घटना में किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन 30 से 35 बेजुबान जानों का यूं असमय खत्म हो जाना पशुपालकों के लिए किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। कुछ सेकंड तक रेलवे ट्रैक पर गूंजती ट्रेन की आवाज थमी, तो पीछे रह गया बकरियों की मौत का दर्द और उन परिवारों की चिंता, जिनका सहारा देखते ही देखते छिन गया।

प्रतापगढ़ में प्रेमी की मौत के एक घंटे बाद प्रेमिका ने भी उठाया खौफनाक कदम, दोनों की मौत से मचा हड़कंप

शादी के बाद भी प्रेमी कर रहा था बात करने का दबाव, आपत्तिजनक तस्वीरें पति को भेजने का दावा; जहर खाने के बाद प्रेमी की मौत, खबर मिलते ही प्रेमिका ने फंदा लगाकर दी जान

प्रतापगढ़। जिले के रानीगंज थाना क्षेत्र में मंगलवार की रात एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। कुंभापुर गांव में प्रेमी द्वारा जहरीला पदार्थ खाकर जान देने के करीब एक घंटे बाद उसकी प्रेमिका ने भी फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। एक के बाद एक हुई दोनों मौतों से गांव में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार, दोनों की मौत के पीछे की वास्तविक वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही मौत के कारणों तथा दोनों घटनाओं के बीच संबंध की स्थिति साफ हो सकेगी।

मृतक आँचल और विनय की फाइल फोटो

तीन साल से चल रहा था प्रेम संबंध

बताया गया कि कुंभापुर गांव निवासी विनय अपने परिवार के साथ रहता था। उसके परिवार में पिता रामदेव, मां सरोज और तीन भाई विजय, अजय व विनय हैं। तीन बहनों की शादी हो चुकी है। भाई-बहनों में विनय सबसे छोटा था। उसके दोनों भाई निजी नौकरी करते हैं, जबकि विनय अपने पिता के साथ मजदूरी करता था।

विनय के घर से करीब 30 मीटर की दूरी पर आंचल गौतम (25) का घर है।  उसके पिता राम आसरे गौतम का करीब 14 वर्ष पहले निधन हो चुका था, जबकि मां की मृत्यु करीब तीन वर्ष पहले हो गई थी।। परिवार में उसकी दो बहनें और एक भाई है। बताया गया कि उसका भाई बाहर रहकर निजी नौकरी करता है।

ग्रामीणों और पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विनय और आंचल के बीच करीब तीन वर्षों से प्रेम संबंध था। दोनों पड़ोसी होने के कारण एक-दूसरे को लंबे समय से जानते थे। हालांकि, बाद में आंचल की शादी हो गई।

घटना की सूचना के बाद मृतक के घर ग्रामीणों की भीड़ पहुंची पुलिस

मई 2026 में हुई थी आंचल की शादी

बताया गया कि मई 2026 में आंचल की शादी रानीगंज क्षेत्र के जाजापुर गांव निवासी जीतू उर्फ जितेंद्र गौतम के साथ हुई थी। शादी के बाद आंचल अपने ससुराल चली गई, लेकिन पुलिस के अनुसार विनय उससे संपर्क करने का प्रयास करता रहा।

परिजनों के मुताबिक, विनय कथित तौर पर आंचल से लगातार बातचीत करने का दबाव बनाता था। आंचल द्वारा बातचीत से इनकार किए जाने के बाद दोनों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी।

पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक, विनय के पास आंचल की कुछ पुरानी तस्वीरें थीं। आरोप है कि उसने इन तस्वीरों को आंचल की बहन को भेजा और उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी देते हुए आंचल से बात कराने का दबाव बनाया। बाद में कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें आंचल के पति को भेजे जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इन सभी आरोपों की पुलिस स्तर से जांच की जा रही है।

15 दिन पहले मायके आई थी आंचल

बताया गया कि शादी के करीब कुछ समय बाद आंचल अपने मायके आ गई थी और पिछले करीब 15 दिनों से वह मायके में ही रह रही थी। इसी दौरान विनय द्वारा उससे संपर्क करने का प्रयास किए जाने की बात सामने आई।

परिजनों के अनुसार, आंचल उससे बात नहीं करना चाहती थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद और तनाव की स्थिति बनी हुई थी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि घटना के पीछे की पूरी परिस्थितियों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

मंगलवार रात करीब 10 बजे विनय ने खाया जहरीला पदार्थ

मंगलवार, 15 सितंबर की रात करीब 10 बजे अचानक विनय की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों को जानकारी हुई तो वे उसे तत्काल रानीगंज स्थित ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे। वहां उसकी हालत गंभीर बताई गई।

चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हालत गंभीर होने के कारण उसे प्रयागराज ले जाने की तैयारी की गई। परिजन उसे लेकर प्रयागराज जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

विनय की मौत के बाद परिजन शव को लेकर वापस गांव लौट आए। घर में मातम पसर गया। परिजनों और ग्रामीणों को समझ नहीं आ रहा था कि अचानक यह सब कैसे हो गया।

मौत की खबर मिलने के करीब एक घंटे बाद प्रेमिका ने भी दी जान

विनय की मौत की सूचना जब आंचल को मिली तो कुछ ही देर बाद उसने भी कथित तौर पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया गया कि रात करीब 11 बजे आंचल ने अपने घर में फांसी लगा ली।

करीब एक घंटे के अंतराल में हुई दोनों मौतों की खबर पूरे गांव में फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों घटनास्थलों का निरीक्षण किया।

पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। एक ही रात में पड़ोस में रहने वाले युवक और युवती की मौत से गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

दोनों घटनाओं के बीच संबंध की जांच कर रही पुलिस

पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि विनय द्वारा जहरीला पदार्थ खाने और उसकी मौत के करीब एक घंटे बाद आंचल द्वारा फंदा लगाने के बीच क्या सीधा संबंध था।

प्रारंभिक जानकारी में दोनों के बीच पुराने प्रेम संबंध, आंचल की शादी के बाद भी संपर्क बनाए रखने के कथित प्रयास और तस्वीरों को लेकर दबाव की बात सामने आई है। लेकिन पुलिस अभी किसी एक वजह को दोनों मौतों का अंतिम कारण नहीं मान रही है।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य, परिजनों के बयान और अन्य पहलुओं की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी।

परिवारों में मचा कोहराम

विनय की मौत के बाद उसके परिवार में कोहराम मचा हुआ है। जिस बेटे के साथ परिवार का भविष्य जुड़ा था, उसकी अचानक मौत से माता-पिता और भाई-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

दूसरी ओर आंचल की मौत से उसके परिवार में भी मातम छा गया। माता-पिता पहले ही दुनिया में नहीं हैं और अब परिवार ने एक और सदस्य को खो दिया।

दोनों परिवारों के लिए यह रात बेहद दुखद साबित हुई। कुछ ही दूरी पर रहने वाले दो लोगों की एक के बाद एक हुई मौत ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है।

पुलिस जांच के बाद ही साफ होगी पूरी कहानी

फिलहाल रानीगंज पुलिस दोनों मामलों की अलग-अलग परिस्थितियों की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विनय ने जहरीला पदार्थ क्यों खाया और उसकी मौत की जानकारी मिलने के बाद आंचल ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया।

आंचल की शादी हो चुकी थी और वह करीब 15 दिन से मायके में रह रही थी। ऐसे में शादी के बाद विनय से उसके संपर्क, दोनों के बीच हुई बातचीत, तस्वीरों को लेकर सामने आए आरोप और घटना से पहले की परिस्थितियां जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

थाना प्रभारी प्रदीप कुमार के अनुसार, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा। दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है।

रानीगंज क्षेत्र में एक ही रात में प्रेम संबंध से जुड़े युवक और युवती की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और दोनों मौतों की वास्तविक वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तथा जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

विष्णुपुर में गूंजी कबड्डी की हुंकार, खिलाड़ियों के हौसले को समाजसेवी जाबिर अली ने दी नई उड़ान

प्रतापगढ़। जनपद के रानीगंज तहसील क्षेत्र अंतर्गत शिवगढ़ ब्लॉक के विष्णुपुर गांव में कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और दमखम का शानदार प्रदर्शन करते हुए मैदान में रोमांच भर दिया। मुकाबले को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और खेलप्रेमी भी मौजूद रहे।

प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी जाबिर अली पहुंचे। आयोजन स्थल पर पहुंचने पर आयोजकों और ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया। जाबिर अली ने मैदान में उतरकर प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उनके उत्साह को बढ़ाया। उन्होंने खिलाड़ियों के खेल प्रदर्शन को करीब से देखा और बेहतर प्रदर्शन के लिए उनका हौसला बढ़ाया।

इस दौरान खिलाड़ियों में भी खासा उत्साह नजर आया। जाबिर अली ने कहा कि खेल केवल जीत-हार का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, मेहनत और टीम भावना पैदा करने का मजबूत जरिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए बेहतर मंच देता है।

उन्होंने कहा कि गांवों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ उन्हें उचित अवसर और प्रोत्साहन देने की है। कबड्डी जैसे पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देकर ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने खिलाड़ियों से मेहनत और लगन के साथ खेलते रहने की अपील की।

इस  मौके पर मोहम्मद अनश भावी प्रधान पद प्रत्याशी ने कहा प्रतियोगिता के दौरान मैदान में खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त जोश देखने को मिला। एक ओर खिलाड़ी अपनी टीम को जीत दिलाने के लिए पूरा जोर लगाते नजर आए तो दूसरी ओर दर्शक तालियों और उत्साहवर्धन के साथ खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाते रहे।यही होता है असली खेल

ग्रामीणों ने भी इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि गांव के मैदानों में जब खेल की आवाज गूंजती है, तो युवाओं के भीतर नई उम्मीद और नई मंजिल की तलाश पैदा होती है। प्रतियोगिता ने क्षेत्र के युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करने के साथ-साथ ग्रामीणों को एकजुट होने का अवसर भी दिया।

विष्णुपुर में आयोजित यह कबड्डी प्रतियोगिता सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच देने और युवाओं के हौसले को मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय पहल के रूप में सामने आई।

प्रतापगढ़ पुलिस में बड़ा फेरबदल, सभी  थानों में बदले उपनिरीक्षक

प्रतापगढ़ पुलिस में बड़ा फेरबदल, कई थानों में बदले उपनिरीक्षक

एक साथ बड़ी संख्या में पुलिस के तबादले, थाना प्रभारियों के साथ नई तैनाती से बदलेगा पुलिसिंग का समीकरण

प्रतापगढ़। जनपद में कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा पुलिसिंग को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर उपनिरीक्षकों के स्थानांतरण किए गए हैं। जारी स्थानांतरण सूची में जिले के कई थानों और पुलिस लाइन से अधिकारियों को इधर से उधर भेजा गया है। इसमें रानीगंज, लालगंज, लीलापुर, संग्रामगढ़, सांगीपुर, हथिगवां समेत कई थाने शामिल हैं।

तबादले के बाद अलग-अलग थानों में नए अधिकारियों की आमद होगी, जबकि कई अधिकारी अपने वर्तमान तैनाती स्थल से नई जिम्मेदारी संभालने के लिए रवाना होंगे।

थाना अन्तू—बाघराय, कन्धई और अन्य स्थानों से पहुंचे

थाना अन्तू में म0उ0नि0 कीर्ति रमन और उ0नि0 राहुल का स्थानांतरण बाघराय से किया गया है। वहीं उ0नि0 अशोक कुमार कन्धई से अन्तू पहुंचे हैं। उ0नि0 अंकुर केवटास लीलापुर से एसएसआई अन्तू की जिम्मेदारी संभालेंगे।

थाना उदयपुर—संग्रामगढ़ और कुण्डा से नई तैनाती

उदयपुर थाने में उ0नि0 रोकेश सिंह परिहार संग्रामगढ़ से तथा उ0नि0 प्रदीप कुमार सिंह कुण्डा से पहुंचे हैं। इससे थाना स्तर पर पुलिस टीम में बदलाव हुआ है।

थाना कन्धई—चार दरोगा की नई तैनाती

कन्धई में उ0नि0 धनश्याम सिंह आसपुर देवसरा से, उ0नि0 वीरेन्द्र सिंह संग्रामगढ़ से, उ0नि0 शिवाकान्त मिश्रा हथिगवां से और उ0नि0 देवदीन बुन्देला मानिकपुर से भेजे गए हैं।

थाना कुण्डा—सबसे अधिक दरोगा की तैनाती

कुण्डा में कई उपनिरीक्षकों को नई जिम्मेदारी दी गई है। उ0नि0 उदयमान यादव कोतवाली नगर से, उ0नि0 मुकुन्द जी पाण्डेय और उ0नि0 मार्कण्डे सिंह यादव देल्हूपुर से, उ0नि0 अजीत कुमार सिंह आसपुर देवसरा से, उ0नि0 राधेश्याम सिंह हथिगवां से, उ0नि0 प्रकाश राय पट्टी से, उ0नि0 लालजीराम बाघराय से तथा उ0नि0 सुभाष चन्द्र कन्धई से कुण्डा भेजे गए हैं।

कोतवाली देहात—पुलिस लाइन और हथिगवां से पहुंचे

कोतवाली देहात में उ0नि0 रमेश तिवारी हथिगवां से, जबकि उ0नि0 प्रकाश यादव और उ0नि0 अशोक यादव पुलिस लाइन से भेजे गए हैं।

कोतवाली नगर—बड़ी संख्या में दरोगा का फेरबदल

कोतवाली नगर में व्यापक स्तर पर तैनाती बदली गई है। उ0नि0 धीरेन्द्र सिंह पुलिस लाइन से, उ0नि0 विनोद कुमार यादव और उ0नि0 अमलेश कुमार शुक्ला जेठवारा से, उ0नि0 प्रमोद कुमार यादव और उ0नि0 राजेश कुमार शुक्ल बाघराय से, उ0नि0 रामकुमार सिंह फतनपुर से, उ0नि0 अशोक कुमार तिवारी लालगंज से तथा उ0नि0 रामसृजित हथिगवां से कोतवाली नगर पहुंचे हैं। इसके अलावा उ0नि0 सुमन्त कुमार सिंह, बच्चू सिंह यादव, कृष्ण स्वरूप और दिनेश कुमार पुलिस लाइन/बाघराय से कोतवाली नगर भेजे गए हैं। उ0नि0 मृत्युंजय भी फतनपुर से कोतवाली नगर पहुंचे हैं।

कोहड़ौर—पुलिस लाइन और हथिगवां से नई तैनाती

कोहड़ौर में उ0नि0 प्रेम कुमार पुलिस लाइन से और उ0नि0 विवेक पाण्डेय हथिगवां से भेजे गए हैं।

जेठवारा—पांच दरोगा की नई जिम्मेदारी

जेठवारा में उ0नि0 राजाराम यादव फतनपुर से, उ0नि0 रविन्द्र सिंह पट्टी से, उ0नि0 पवन कुमार यादव कन्धई से, उ0नि0 संजय कुमार आसपुर देवसरा से और उ0नि0 विनय प्रताप सिंह सांगीपुर से पहुंचे हैं।

दिलीपपुर—छह उपनिरीक्षकों की तैनाती

दिलीपपुर में उ0नि0 जय सुशील मिश्रा और उ0नि0 इकबाल अहमद बाघराय से, उ0नि0 राजेन्द्र राम लालगंज से, उ0नि0 केशर खाँ और उ0नि0 राकेश कुमार पुलिस लाइन से तथा उ0नि0 सत्येन्द्र सिंह कोतवाली नगर से भेजे गए हैं।

पट्टी—कई थानों से पहुंचे दरोगा

पट्टी में उ0नि0 अब्दुल खलील, कृपाशंकर तिवारी और अरुण कुमार मौर्य अन्तू से, उ0नि0 चरण सिंह जेठवारा से, उ0नि0 मनोज कुमार पाण्डेय कुण्डा से, उ0नि0 सतीश तिवारी मानिकपुर से तथा उ0नि0 रामधनी वर्मा, छोटेलाल, उदयवीर सिंह और बालकृष्ण राम पुलिस लाइन से पहुंचे हैं।

फतनपुर—पट्टी, आसपुर देवसरा, लालगंज और अन्य स्थानों से तैनाती

फतनपुर में उ0नि0 चन्द्रजीत सिंह पट्टी से, उ0नि0 मृदुल सिंह यादव आसपुर देवसरा से, उ0नि0 अरुण कुमार सिंह लालगंज से, म0उ0नि0 अंकिता वाजपेयी मानिकपुर से तथा उ0नि0 विनोद कुमार यादव अन्तू से पहुंचे हैं।

बाघराय—मानधाता और अन्तू से नई तैनाती

बाघराय में उ0नि0 जगदेव सिंह मानधाता से और उ0नि0 जय प्रकाश सिंह अन्तू से भेजे गए हैं।

महेशगंज—कुण्डा, सांगीपुर और पुलिस लाइन से पहुंचे

महेशगंज में उ0नि0 रोहित कुमार कुण्डा से, उ0नि0 रामजी सिंह यादव सांगीपुर से, उ0नि0 रियाजुद्दीन अहमद पुलिस लाइन से तथा उ0नि0 गिरजा प्रसाद आसपुर देवसरा से भेजे गए हैं।

मानधाता और मानिकपुर में भी बदली जिम्मेदारी

मानधाता में उ0नि0 विनीत कुमार रानीगंज से पहुंचे हैं। वहीं मानिकपुर में उ0नि0 सुमित सिंह देल्हूपुर से भेजे गए हैं।

रानीगंज—आठ से अधिक दरोगा की नई तैनाती

रानीगंज थाने में भी बड़ा फेरबदल किया गया है। उ0नि0 दिनेश चंद्र तिवारी और उ0नि0 सुनील कुमार संग्रामगढ़ से, उ0नि0 राजवीर सिंह, सत्येन्द्र सिंह और आलोक कुमार यादव पुलिस लाइन से, उ0नि0 अलंकार यादव मानधाता से, उ0नि0 ज्ञानेंद्र कुमार सांगीपुर से, उ0नि0 शिशिर पटेल नवाबगंज से तथा उ0नि0 राम शंकर पांडे अन्तू से रानीगंज भेजे गए हैं।

लालगंज—सात नए दरोगा की तैनाती

लालगंज में उ0नि0 सुभाष चंद्र सिंह और उ0नि0 प्रभात कुमार मानधाता से, उ0नि0 पारस नाथ और उ0नि0 मतगंजन मिश्रा अन्तू से, उ0नि0 रामनिवास यादव देल्हूपुर से, उ0नि0 नंदलाल उदयपुर से तथा उ0नि0 अजय कुमार हथिगवां से पहुंचे हैं।

लीलापुर—अन्तू, रानीगंज और पुलिस लाइन से दरोगा आए

लीलापुर में उ0नि0 औरंगजेब खान अन्तू से, उ0नि0 फिरोज खान रानीगंज से और उ0नि0 विश्राम सिंह पुलिस लाइन से भेजे गए हैं। वहीं उ0नि0 असलम खाँ फतनपुर से एसएसआई लीलापुर की जिम्मेदारी संभालेंगे।

संग्रामगढ़ और सांगीपुर में भी बदलाव

संग्रामगढ़ में उ0नि0 शहंशाह खान लीलापुर से पहुंचे हैं। सांगीपुर में उ0नि0 राजेश राय और उ0नि0 तारकेश्वर मिश्रा कोतवाली नगर से भेजे गए हैं।

हथिगवां—दो दरोगा की नई तैनाती

हथिगवां में उ0नि0 अजय कुमार कोतवाली देहात से तथा उ0नि0 वीरेन्द्र कुमार वीरपुर से भेजे गए हैं।

इस बड़े फेरबदल के बाद जिले के विभिन्न थानों की पुलिस टीमों में बदलाव हुआ है। नई तैनाती के साथ अधिकारियों के सामने अपने-अपने क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और जनता की शिकायतों के त्वरित निस्तारण की जिम्मेदारी होगी। अब देखना होगा कि नई टीमों के साथ जनपद की पुलिसिंग में किस तरह का बदलाव देखने को मिलता है।



प्रतापगढ़ पुलिस स्थानांतरण सूची

क्र. अधिकारी का नाम वर्तमान तैनाती नई तैनाती

1 म0उ0नि0 कीर्ति रमन बाघराय अन्तू
2 उ0नि0 राहुल बाघराय अन्तू
3 उ0नि0 अशोक कुमार कन्धई अन्तू
4 उ0नि0 रोकेश सिंह परिहार संग्रामगढ़ उदयपुर
5 उ0नि0 प्रदीप कुमार सिंह कुण्डा उदयपुर
6 उ0नि0 अंकुर केवटास लीलापुर एसएसआई अन्तू
7 उ0नि0 असलम खाँ फतनपुर एसएसआई लीलापुर
8 उ0नि0 धनश्याम सिंह आसपुर देवसरा कन्धई
9 उ0नि0 वीरेन्द्र सिंह संग्रामगढ़ कन्धई
10 उ0नि0 शिवाकान्त मिश्रा हथिगवां कन्धई
11 उ0नि0 देवदीन बुन्देला मानिकपुर कन्धई
12 उ0नि0 उदयमान यादव कोतवाली नगर कुण्डा
13 उ0नि0 मुकुन्द जी पाण्डेय देल्हूपुर कुण्डा
14 उ0नि0 मार्कण्डे सिंह यादव देल्हूपुर कुण्डा
15 उ0नि0 अजीत कुमार सिंह आसपुर देवसरा कुण्डा
16 उ0नि0 राधेश्याम सिंह हथिगवां कुण्डा
17 उ0नि0 प्रकाश राय पट्टी कुण्डा
18 उ0नि0 लालजीराम बाघराय कुण्डा
19 उ0नि0 सुभाष चन्द्र कन्धई कुण्डा
20 उ0नि0 रमेश तिवारी हथिगवां कोतवाली देहात
21 उ0नि0 प्रकाश यादव पुलिस लाइन कोतवाली देहात
22 उ0नि0 अशोक यादव पुलिस लाइन कोतवाली देहात
23 उ0नि0 धीरेन्द्र सिंह पुलिस लाइन कोतवाली नगर
24 उ0नि0 विनोद कुमार यादव जेठवारा कोतवाली नगर
25 उ0नि0 अमलेश कुमार शुक्ला जेठवारा कोतवाली नगर
26 उ0नि0 प्रमोद कुमार यादव बाघराय कोतवाली नगर
27 उ0नि0 राजेश कुमार शुक्ल बाघराय कोतवाली नगर
28 उ0नि0 रामकुमार सिंह फतनपुर कोतवाली नगर
29 उ0नि0 अशोक कुमार तिवारी लालगंज कोतवाली नगर
30 उ0नि0 रामसृजित हथिगवां कोतवाली नगर
31 उ0नि0 सुमन्त कुमार सिंह पुलिस लाइन कोतवाली नगर
32 उ0नि0 बच्चू सिंह यादव पुलिस लाइन कोतवाली नगर
33 उ0नि0 कृष्ण स्वरूप पुलिस लाइन कोतवाली नगर
34 उ0नि0 दिनेश कुमार बाघराय कोतवाली नगर
35 उ0नि0 मृत्युंजय फतनपुर कोतवाली नगर
36 उ0नि0 प्रेम कुमार पुलिस लाइन कोहड़ौर
37 उ0नि0 विवेक पाण्डेय हथिगवां कोहड़ौर
38 उ0नि0 राजाराम यादव फतनपुर जेठवारा
39 उ0नि0 रविन्द्र सिंह पट्टी जेठवारा
40 उ0नि0 पवन कुमार यादव कन्धई जेठवारा
41 उ0नि0 संजय कुमार आसपुर देवसरा जेठवारा
42 उ0नि0 विनय प्रताप सिंह सांगीपुर जेठवारा
43 उ0नि0 जय सुशील मिश्रा बाघराय दिलीपपुर
44 उ0नि0 इकबाल अहमद बाघराय दिलीपपुर
45 उ0नि0 राजेन्द्र राम लालगंज दिलीपपुर
46 उ0नि0 केशर खाँ पुलिस लाइन दिलीपपुर
47 उ0नि0 राकेश कुमार पुलिस लाइन दिलीपपुर
48 उ0नि0 सत्येन्द्र सिंह कोतवाली नगर दिलीपपुर
49 उ0नि0 अब्दुल खलील अन्तू पट्टी
50 उ0नि0 कृपाशंकर तिवारी अन्तू पट्टी
51 उ0नि0 अरुण कुमार मौर्य अन्तू पट्टी
52 उ0नि0 चरण सिंह जेठवारा पट्टी
53 उ0नि0 मनोज कुमार पाण्डेय कुण्डा पट्टी
54 उ0नि0 सतीश तिवारी मानिकपुर पट्टी
55 उ0नि0 रामधनी वर्मा पुलिस लाइन पट्टी
56 उ0नि0 छोटेलाल पुलिस लाइन पट्टी
57 उ0नि0 उदयवीर सिंह पुलिस लाइन पट्टी
58 उ0नि0 बालकृष्ण राम पुलिस लाइन पट्टी
59 उ0नि0 चन्द्रजीत सिंह पट्टी फतनपुर
60 उ0नि0 मृदुल सिंह यादव आसपुर देवसरा फतनपुर
61 उ0नि0 अरुण कुमार सिंह लालगंज फतनपुर
62 म0उ0नि0 अंकिता वाजपेयी मानिकपुर फतनपुर
63 उ0नि0 विनोद कुमार यादव अन्तू फतनपुर
64 उ0नि0 जगदेव सिंह मानधाता बाघराय
65 उ0नि0 जय प्रकाश सिंह अन्तू बाघराय
66 उ0नि0 रोहित कुमार कुण्डा महेशगंज
67 उ0नि0 रामजी सिंह यादव सांगीपुर महेशगंज
68 उ0नि0 रियाजुद्दीन अहमद पुलिस लाइन महेशगंज
69 उ0नि0 गिरजा प्रसाद आसपुर देवसरा महेशगंज
70 उ0नि0 विनीत कुमार रानीगंज मानधाता
71 उ0नि0 सुमित सिंह देल्हूपुर मानिकपुर
72 उ0नि0 दिनेश चंद्र तिवारी संग्रामगढ़ रानीगंज
73 उ0नि0 राजवीर सिंह पुलिस लाइन रानीगंज
74 उ0नि0 अलंकार यादव मानधाता रानीगंज
75 उ0नि0 ज्ञानेंद्र कुमार सांगीपुर रानीगंज
76 उ0नि0 सुनील कुमार संग्रामगढ़ रानीगंज
77 उ0नि0 शिशिर पटेल नवाबगंज रानीगंज
78 उ0नि0 राम शंकर पांडे अन्तू रानीगंज
79 उ0नि0 सत्येंद्र सिंह पुलिस लाइन रानीगंज
80 उ0नि0 आलोक कुमार यादव पुलिस लाइन रानीगंज
81 उ0नि0 सुभाष चंद्र सिंह मानधाता लालगंज
82 उ0नि0 पारस नाथ अन्तू लालगंज
83 उ0नि0 मतगंजन मिश्रा अन्तू लालगंज
84 उ0नि0 प्रभात कुमार मानधाता लालगंज
85 उ0नि0 रामनिवास यादव देल्हूपुर लालगंज
86 उ0नि0 नंदलाल उदयपुर लालगंज
87 उ0नि0 अजय कुमार हथिगवां लालगंज
88 उ0नि0 औरंगजेब खान अन्तू लीलापुर
89 उ0नि0 फिरोज खान रानीगंज लीलापुर
90 उ0नि0 विश्राम सिंह पुलिस लाइन लीलापुर
91 उ0नि0 शहंशाह खान लीलापुर संग्रामगढ़
92 उ0नि0 राजेश राय कोतवाली नगर सांगीपुर
93 उ0नि0 तारकेश्वर मिश्रा कोतवाली नगर सांगीपुर
94 उ0नि0 अजय कुमार कोतवाली देहात हथिगवां
95 उ0नि0 वीरेंद्र कुमार वीरपुर हथिगवां

300 फीट ऊंचे बिजली टावर पर चढ़ा युवक, नीचे मची अफरा-तफरी: बहन के साथ अन्याय का आरोप लगाकर बोला- ‘समझौता कैसे करूं?’

प्रयागराज। मऊआइमा थाना क्षेत्र के बादीपुर इलाके में गुरुवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक अचानक करीब 300 फीट ऊंचे हाईवोल्टेज बिजली टावर पर चढ़ गया। युवक को टावर के सबसे ऊपरी हिस्से तक पहुंचा देखकर आसपास मौजूद ग्रामीणों और राहगीरों के होश उड़ गए। देखते ही देखते नेशनल हाईवे और ओवरब्रिज के पास लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। किसी अनहोनी की आशंका से लोग सहम गए और पुलिस को सूचना दी गई।

टावर पर चढ़े युवक की पहचान ख्वाजा के सराय निवासी अब्दुल रहीम के रूप में बताई गई। युवक लगातार अपनी बात रखने की कोशिश कर रहा था और नीचे मौजूद लोगों से बातचीत करना चाहता था, लेकिन टावर की अत्यधिक ऊंचाई के कारण उसकी आवाज नीचे तक साफ नहीं पहुंच पा रही थी। दूसरी ओर हाईवोल्टेज विद्युत लाइन के बेहद करीब युवक के पहुंच जाने से मौके पर मौजूद लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही थी।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए समझाने-बुझाने का प्रयास शुरू किया। पुलिस ने आसपास मौजूद लोगों से भी घटनास्थल से दूरी बनाए रखने की अपील की, ताकि युवक पर किसी तरह का दबाव न बने और कोई अप्रिय स्थिति पैदा न हो।

एक साल पुराने मुकदमे को लेकर नाराजगी का आरोप

युवक का कहना था कि करीब एक साल पहले उसकी शिकायत पर एक मुकदमा दर्ज हुआ था, लेकिन मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई। युवक इसी बात को लेकर नाराज था। उसका आरोप था कि वह लगातार पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से कार्रवाई की मांग कर रहा है, लेकिन उसे न्याय नहीं मिल रहा।

अब्दुल रहीम के मुताबिक, करीब एक साल पहले पड़ोसियों पर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया था। उसका कहना था कि आरोपियों ने उसकी गाय को लाठी-डंडों से पीटकर मार डाला था। इसके अलावा जब उसने इस घटना का विरोध किया तो उसकी छोटी बहन के साथ छेड़खानी किए जाने का भी आरोप लगाया गया था।

युवक का दावा है कि उसकी बहन उस समय नाबालिग थी और उसकी उम्र करीब 13 वर्ष है। युवक ने आरोप लगाया कि मामले में पॉक्सो एक्ट से संबंधित कार्रवाई भी हुई, लेकिन इसके बावजूद उसे और उसके परिवार को समझौता करने के लिए दबाव का सामना करना पड़ रहा है।

‘मेरी बहन के साथ अन्याय हुआ है, समझौता कैसे करूं?’

टावर पर पहुंचने के बाद युवक ने वीडियो भी बनाया और अपनी बात लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की। वीडियो में वह कथित तौर पर कहता नजर आया कि उसकी बहन के साथ अन्याय हुआ है और वह इस मामले में समझौता नहीं करना चाहता।

युवक का आरोप था कि उससे पैसों के लेनदेन के जरिए सुलह-समझौता करने के लिए कहा जा रहा है। उसका सवाल था कि अगर किसी की नाबालिग बहन के साथ कथित तौर पर अन्याय हुआ हो तो वह पैसे लेकर कैसे समझौता कर सकता है।

उसने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उसकी लड़ाई न्याय के लिए है। युवक ने आरोप लगाया कि मामले में कार्रवाई कराने के लिए उसे लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन उसकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही।

हालांकि युवक द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस और प्रशासन की ओर से मामले की जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

मुख्यमंत्री से मिलने का भी किया दावा

अब्दुल रहीम का यह भी कहना था कि वह अपनी शिकायत को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने तक गया था। युवक का दावा है कि मुख्यमंत्री के आदेश के बाद ही उसके मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था।

युवक का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद वह जिस कार्रवाई की मांग कर रहा था, वह पूरी नहीं हुई। इसी वजह से वह काफी समय से परेशान था। गुरुवार को भी वह इसी मामले को लेकर थाने पहुंचा था।

उसका आरोप है कि थाने पर उसकी बात सुनने के बजाय उसे वहां से भगा दिया गया। युवक का दावा है कि इसी से नाराज होकर वह वहां से निकला और वीडियो बनाते हुए बिजली के टावर पर चढ़ गया।

‘मुझसे सबूत मांगे जाते हैं, दूसरी तरफ फर्जी मुकदमे’

टावर से बनाए गए वीडियो में युवक ने पुलिस और प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए। उसका कहना था कि जब वह अपनी शिकायत लेकर पुलिस के पास जाता है तो उससे सबूत मांगे जाते हैं, जबकि उसके अनुसार दूसरी तरफ से उसके और उसके परिवार के खिलाफ बिना पर्याप्त सबूत के मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं।

युवक ने मामले से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और आसपास लगे कैमरों की जांच कराने की भी मांग किए जाने की बात कही। उसका आरोप था कि जब उसने कैमरों की जांच की मांग की तो उसे कैमरा बंद या खराब होने की बात बताई गई।

युवक का कहना था कि यदि कैमरों की रिकॉर्डिंग सामने आ जाए तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है। वह इसी आधार पर जांच की मांग कर रहा था।

थाने से लौटने के बाद उठाया खतरनाक कदम

बताया गया कि गुरुवार को युवक दोबारा थाने गया था। वहां से लौटने के बाद उसने वीडियो बनाना शुरू किया। देखते ही देखते वह हाईवे के पास स्थित बिजली के टावर पर चढ़ने लगा।

कुछ ही देर में वह टावर के काफी ऊंचे हिस्से तक पहुंच गया। जब लोगों की नजर उस पर पड़ी तो आसपास अफरा-तफरी मच गई। लोग नीचे खड़े होकर उसे आवाज लगाकर वापस आने की अपील करते रहे, लेकिन करीब 300 फीट की ऊंचाई होने के कारण बातचीत करना बेहद मुश्किल था।

सबसे बड़ी चिंता इस बात को लेकर थी कि टावर पर हाईवोल्टेज बिजली की लाइनें थीं। ऐसे में युवक की एक छोटी सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती थी।

नेशनल हाईवे पर बढ़ती गई भीड़, यातायात भी प्रभावित

घटना नेशनल हाईवे और ओवरब्रिज के पास हुई थी। इसलिए कुछ ही समय में वहां से गुजर रहे राहगीरों की नजर भी टावर पर चढ़े युवक पर पड़ गई। लोग अपने वाहन रोककर घटना देखने लगे। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों के साथ राहगीरों की भी भारी भीड़ जुट गई।

भीड़ बढ़ने के कारण हाईवे पर यातायात भी प्रभावित होने लगा। पुलिस ने लोगों को मौके से दूर हटाने का प्रयास किया और अपील की कि कोई भी व्यक्ति टावर के आसपास न जाए।

पुलिस का पूरा ध्यान युवक को सुरक्षित नीचे उतारने पर केंद्रित था। किसी भी तरह की जल्दबाजी स्थिति को और गंभीर बना सकती थी।

चौकी इंचार्ज ने संभाली कमान, पुलिस ने शुरू किया समझाने का प्रयास

सूचना मिलते ही चौकी इंचार्ज बृजेश तिवारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने युवक से बातचीत कर उसे नीचे उतरने के लिए मनाने की कोशिश शुरू की।

पुलिस के साथ मौके पर मौजूद ग्रामीण भी युवक को समझाते रहे। लोगों ने उससे नीचे आने की अपील की और भरोसा दिलाने की कोशिश की कि उसकी बात सुनी जाएगी।

पुलिस ने भी स्थिति को संवेदनशील मानते हुए संयम के साथ बातचीत का रास्ता अपनाया। अधिकारियों और पुलिसकर्मियों का प्रयास था कि किसी तरह युवक को विश्वास में लेकर सुरक्षित नीचे उतारा जाए।

‘वह अपनी मांगों को लेकर कुछ भी बात नहीं कर रहा था’

मामले को लेकर मऊआइमा थाना प्रभारी जगदीश कुशवाहा ने बताया कि पुलिस युवक को समझा-बुझाकर नीचे उतारने का प्रयास कर रही है। थाना प्रभारी के अनुसार युवक से उसकी मांगों के बारे में जानने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन वह कुछ भी स्पष्ट रूप से नहीं बता रहा था।

पुलिस लगातार उससे बातचीत कर रही थी ताकि उसकी स्थिति सामान्य हो और वह खुद टावर से नीचे उतरने के लिए तैयार हो जाए।

करीब पांच घंटे चला हाईवोल्टेज ड्रामा

दोपहर में शुरू हुआ यह घटनाक्रम शाम तक लोगों के लिए चिंता का कारण बना रहा। टावर पर युवक के चढ़ने के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसकी जान बचाना थी। नीचे खड़ी भीड़ की निगाहें लगातार टावर के ऊपर टिकी रहीं।

हर गुजरते मिनट के साथ लोगों की बेचैनी बढ़ती रही। पुलिस और स्थानीय लोग लगातार उसे समझाते रहे। कोई उससे शांत रहने की अपील करता तो कोई परिवार और पुलिस पर भरोसा रखने की बात कहकर नीचे उतरने को कहता।

हाईवोल्टेज लाइन के कारण मामला बेहद संवेदनशील था। पुलिस किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचते हुए युवक को बातचीत के जरिए नीचे लाने की कोशिश करती रही।

शाम करीब सात बजे मिली बड़ी राहत

काफी देर तक चले प्रयास के बाद आखिरकार शाम करीब सात बजे युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। युवक के नीचे आते ही पुलिसकर्मियों, ग्रामीणों और मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।

जिस टावर को देखकर दोपहर से लोगों की सांसें अटकी हुई थीं, वहां आखिरकार स्थिति सामान्य हुई। पुलिस ने युवक को अपने कब्जे में लेकर मामले के संबंध में पूछताछ शुरू की।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि गंभीर शिकायतों को लेकर परेशान व्यक्ति की बात समय रहते सुनी जाए तो शायद ऐसी खतरनाक स्थिति पैदा होने से रोकी जा सकती है। हालांकि युवक ने पुलिस पर जो आरोप लगाए हैं, उनकी जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही रही कि करीब 300 फीट ऊंचे बिजली टावर पर चढ़े युवक को कई घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित नीचे उतार लिया गया और एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया।

समाजसेवा करने वालों का सम्मान, डॉ. विनोद शंकर दुबे ने बढ़ाया हौसला

समाजसेवियों, पत्रकारों और गुरुजनों को अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मानित, जनहित के कार्यों में हर संभव सहयोग का दिया भरोसा

प्रतापगढ़। समाज के विकास, जनसेवा और सामाजिक सरोकारों के लिए निरंतर कार्य करने वाले लोगों का सम्मान न केवल उनके योगदान को पहचान देता है, बल्कि समाज के अन्य लोगों को भी सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। इसी उद्देश्य को लेकर रानीगंज विधानसभा क्षेत्र के गौरा क्षेत्र में समाजसेवियों, पत्रकारों एवं गुरुजनों के सम्मान में विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय लोगों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया और समाजहित के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।

विशेष सम्मान समारोह का आयोजन कृष्णा मेमोरियल जन सेवा शोध संस्थान के तत्वावधान में किया गया। समारोह में क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों, शिक्षकों और समाज के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, शिक्षक एवं पत्रकार मौजूद रहे।

समारोह में गौरा क्षेत्र के बेहदौल खुर्द निवासी एवं ग्लोरी इन्फोकॉम प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली के मालिक विनोद शंकर दुबे तथा कृष्णा मेमोरियल जन सेवा शोध संस्थान के सचिव डॉ. जीवन प्रकाश दुबे ने समाजहित में कार्य करने वाले लोगों का सम्मान किया। सम्मान प्राप्त करने वालों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज के लिए निस्वार्थ भाव से काम करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने से जनसेवा की भावना और मजबूत होती है।

समाजसेवियों और पत्रकारों की भूमिका अहम

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विनोद शंकर दुबे ने कहा कि समाज को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की नहीं है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार जनहित में योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाजसेवी जरूरतमंद लोगों की मदद करने के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता बढ़ाने का काम करते हैं, जबकि पत्रकार समाज की समस्याओं और आम लोगों की आवाज को जिम्मेदारी के साथ सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि गुरुजन समाज की नई पीढ़ी को शिक्षा और संस्कार देकर देश और समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। ऐसे लोगों का सम्मान करना वास्तव में उनके कार्यों के प्रति समाज का सम्मान है। उन्होंने कहा कि निस्वार्थ भाव से समाजसेवा करने वाले लोगों का उत्साह बढ़ाना सभी की जिम्मेदारी है।

विनोद शंकर दुबे ने कहा कि समाज में जब अच्छे कार्य करने वालों को सम्मान और प्रोत्साहन मिलता है तो इससे सकारात्मक माहौल तैयार होता है। इससे युवा पीढ़ी भी सामाजिक कार्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित होती है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि जरूरतमंदों की सहायता, शिक्षा को बढ़ावा देने, सामाजिक एकता मजबूत करने और जनहित के कार्यों में सभी लोग अपनी भूमिका निभाएं।

जनसेवा के कार्यों में सहयोग का भरोसा

समारोह के दौरान विनोद शंकर दुबे ने समाजहित से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र की तरक्की तभी संभव है, जब वहां के लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े हों और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे आएं।

उन्होंने कहा कि समाजसेवा किसी पद, प्रतिष्ठा या दिखावे का विषय नहीं है, बल्कि यह जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाने का माध्यम है। उन्होंने लोगों से अपील की कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के लिए सामूहिक रूप से काम किया जाए।

सम्मान से बढ़ता है हौसला

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि सम्मान समारोह जैसे आयोजन समाज के लिए सकारात्मक संदेश देते हैं। इससे उन लोगों का मनोबल बढ़ता है जो बिना किसी स्वार्थ के लंबे समय से सामाजिक कार्यों में जुटे हुए हैं। वक्ताओं ने कहा कि सम्मान केवल एक अंगवस्त्र या स्मृति चिन्ह तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह उस व्यक्ति के संघर्ष और योगदान की सामाजिक स्वीकार्यता का प्रतीक होता है।

उन्होंने कहा कि पत्रकारिता, शिक्षा और समाजसेवा तीनों क्षेत्र समाज को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पत्रकार जनसमस्याओं को सामने लाते हैं, शिक्षक समाज की भावी पीढ़ी तैयार करते हैं और समाजसेवी जरूरतमंदों के बीच पहुंचकर सहायता एवं जागरूकता का कार्य करते हैं। ऐसे लोगों का प्रोत्साहन पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है।

सामाजिक एकता और जरूरतमंदों की मदद पर जोर

समारोह के दौरान सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और जरूरतमंद परिवारों के सहयोग पर विशेष जोर दिया गया। उपस्थित लोगों ने कहा कि क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता और जनसेवा से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि समाज के विकास के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। आम नागरिक, सामाजिक संगठन, शिक्षक, पत्रकार और जनप्रतिनिधि जब मिलकर काम करते हैं तो उसका प्रभाव अधिक व्यापक होता है।

सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों को निरंतर जारी रखने तथा समाज के जरूरतमंद वर्ग तक सहायता पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने सभी अतिथियों और सम्मानित व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

ये लोग रहे मौजूद

इस अवसर पर डॉ. महेंद्र दुबे, डॉ. के.एन. मिश्रा, पूर्व ब्लॉक प्रमुख गौरा राकेश कुमार सरोज, राजेश कुमार पाण्डेय (गुरु जी), पंडित राज नारायण तिवारी, आनंद मिश्रा, शिवाकांत दुबे, आशीष दुबे, कार्यक्रम संचालक विनोद शुक्ला, अश्वनी दुबे, रविशंकर दुबे, ग्राम प्रधान बेहदौल खुर्द रोहित यादव, श्री नारायण दुबे, डॉ. गौरव दुबे, ऋषभ दुबे, अरुण शर्मा, रामबाबू, अंकित, अंकुर, राजू दुबे, प्रदीप एवं अरुण प्रताप सिंह सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

समारोह ने यह संदेश दिया कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले लोगों को पहचान और सम्मान मिलने से जनसेवा की भावना और मजबूत होती है। आयोजकों की इस पहल को क्षेत्रवासियों ने सामाजिक एकता और सेवा भावना को बढ़ावा देने वाला कदम बताया।

महाराष्ट्र में 61.50 लाख की लूट का प्रयागराज कनेक्शन, यूपी STF ने तीन वांछित आरोपियों को दबोचा

महाराष्ट्र पुलिस के इनपुट पर बड़ी कार्रवाई, अंडावा चौराहे के पास से गिरफ्तारी; 1.05 लाख रुपये नकद, आई-10 कार और पांच मोबाइल बरामद

प्रयागराज। महाराष्ट्र के ठाणे ग्रामीण जिले में मुंबई-आगरा हाईवे पर हुई 61.50 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट के मामले में उत्तर प्रदेश STF की प्रयागराज फील्ड यूनिट को बड़ी सफलता मिली है। महाराष्ट्र पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर STF ने कार्रवाई करते हुए लूटकांड में वांछित चल रहे तीन आरोपियों को प्रयागराज से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनिल सिंह, बीरबल पटेल और नरेश गिरी के रूप में हुई है। तीनों के खिलाफ महाराष्ट्र के शाहापुर थाने में मुकदमा दर्ज बताया गया है।

STF की कार्रवाई के बाद इस बड़े लूटकांड की जांच में नया मोड़ आ गया है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर लूट की रकम के बंटवारे, गिरोह के अन्य सदस्यों और वारदात में इस्तेमाल संसाधनों से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

मुंबई-आगरा हाईवे पर 23/24 अगस्त की रात हुई थी वारदात

STF के मुताबिक, 23/24 अगस्त 2026 की रात महाराष्ट्र के ठाणे ग्रामीण जिले के शाहापुर थाना क्षेत्र में मुंबई-आगरा हाईवे पर लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था। आरोप है कि अनिल सिंह, बीरबल पटेल और नरेश गिरी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर गोविंद की बोलेरो गाड़ी को निशाना बनाया और उसमें रखे 61.50 लाख रुपये लूट लिए।

इतनी बड़ी रकम की लूट के बाद महाराष्ट्र पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। घटना में शामिल आरोपियों की तलाश के दौरान पुलिस को उनके उत्तर प्रदेश में होने की जानकारी मिली। इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस ने यूपी STF से संपर्क कर आरोपियों की गिरफ्तारी में सहयोग मांगा।

महाराष्ट्र पुलिस के इनपुट पर STF ने बिछाया जाल

महाराष्ट्र पुलिस से जानकारी मिलने के बाद यूपी STF की प्रयागराज फील्ड यूनिट सक्रिय हुई। आरोपियों की गतिविधियों और संभावित ठिकानों पर निगरानी शुरू की गई। STF ने तकनीकी और स्थानीय इनपुट के आधार पर आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास किया।

पुलिस उपाधीक्षक शैलेश प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण और निरीक्षक जय प्रकाश राय के नेतृत्व में STF टीम ने लगातार निगरानी की। जांच के दौरान आरोपियों की मौजूदगी प्रयागराज के सराय इनायत थाना क्षेत्र में सामने आई।

STF को जब आरोपियों के एक स्थान पर पहुंचने की पुख्ता जानकारी मिली तो महाराष्ट्र पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई की योजना तैयार की गई।

अंडावा चौराहे के पास भोजनालय से तीनों गिरफ्तार

2 सितंबर 2026 को दोपहर करीब एक बजे यूपी STF और महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त टीम ने वाराणसी-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर अंडावा चौराहे के पास एक भोजनालय के निकट घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

अचानक हुई कार्रवाई से आरोपियों को संभलने का मौका नहीं मिला। पुलिस ने मौके से अनिल सिंह, बीरबल पटेल और नरेश गिरी को हिरासत में लिया।

तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1.05 लाख रुपये नकद, एक आई-10 कार और पांच मोबाइल फोन बरामद किए। बरामद नकदी को महाराष्ट्र में हुई लूट की रकम से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, बरामद धनराशि की वास्तविक भूमिका और उसके स्रोत को लेकर आगे की जांच महाराष्ट्र पुलिस द्वारा की जाएगी।

पूछताछ में लूट गिरोह से जुड़े होने की बात सामने आई

STF के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने खुद को एक सक्रिय लूट गिरोह का हिस्सा बताया है। पूछताछ में कथित तौर पर यह जानकारी भी सामने आई कि लूट की रकम को वारदात में शामिल गिरोह के सदस्यों के बीच बांटा गया था।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि 61.50 लाख रुपये की पूरी रकम किस तरह बांटी गई, कितनी रकम किन आरोपियों तक पहुंची और लूट की शेष रकम कहां है।

इसके साथ ही जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि गिरोह ने इससे पहले कितनी वारदातों को अंजाम दिया है और महाराष्ट्र के अलावा दूसरे राज्यों में भी इसके सदस्यों की सक्रियता थी या नहीं।

गुजरात में रह रहे थे आरोपी, एक का प्रतापगढ़ से संबंध

गिरफ्तार तीनों आरोपियों के संबंध गुजरात से बताए जा रहे हैं। STF के अनुसार अनिल सिंह गुजरात के सूरत में रह रहा था, जबकि उसका मूल निवास प्रतापगढ़ बताया गया है।

वहीं बीरबल पटेल अहमदाबाद और नरेश गिरी मेहसाणा, गुजरात का रहने वाला बताया गया है।

महाराष्ट्र में वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों के उत्तर प्रदेश पहुंचने और अलग-अलग स्थानों पर रहने की जानकारी भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी प्रयागराज क्यों आए थे और क्या यहां भी गिरोह के अन्य सदस्यों से उनकी मुलाकात या संपर्क हुआ था।

पूछताछ में महाराष्ट्र पुलिस के SI का नाम आने से जांच में नया मोड़

इस मामले में पूछताछ के दौरान एक और गंभीर दावा सामने आया है। STF के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में दावा किया कि उनके गिरोह में महाराष्ट्र के ठाणे ग्रामीण जिले के कसर थाना क्षेत्र से संबंधित SI राजेश सविता भी शामिल था।

आरोपियों ने कथित तौर पर यह भी दावा किया कि उक्त पुलिसकर्मी और अन्य साथियों के सहयोग से लूट की घटनाओं को अंजाम दिया गया।

हालांकि, यह बेहद महत्वपूर्ण है कि पुलिसकर्मी की कथित भूमिका फिलहाल केवल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आए दावे तक सीमित है। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। संबंधित पुलिसकर्मी की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

यदि जांच में आरोपियों के इस दावे की पुष्टि होती है तो यह मामला और गंभीर रूप ले सकता है। महाराष्ट्र पुलिस द्वारा इस बिंदु पर भी विस्तृत जांच किए जाने की संभावना है।

पांच मोबाइल फोन भी बरामद, डिजिटल कड़ियां खंगालेगी पुलिस

गिरफ्तारी के दौरान पांच मोबाइल फोन बरामद होना भी जांच में अहम माना जा रहा है। पुलिस इन मोबाइल फोन से आरोपियों के संपर्क में रहे लोगों, कॉल डिटेल, आपसी बातचीत और घटना से पहले तथा बाद की गतिविधियों से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर सकती है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास करेंगी कि लूट की वारदात से पहले आरोपियों के बीच किस तरह संपर्क हुआ था और घटना के बाद वे किन लोगों के संपर्क में थे।

आई-10 कार के संबंध में भी पुलिस जानकारी जुटा रही है कि उसका इस्तेमाल लूटकांड के दौरान किया गया था या गिरफ्तारी के समय आरोपी उसमें मौजूद थे।

सराय इनायत थाने में दाखिल कराए गए आरोपी

गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को सराय इनायत थाने में दाखिल कराया गया। चूंकि मामला महाराष्ट्र के शाहापुर थाने में दर्ज है, इसलिए आगे की कानूनी कार्रवाई महाराष्ट्र पुलिस द्वारा की जा रही है।

महाराष्ट्र पुलिस आरोपियों को सीजेएम प्रयागराज की अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड लेने की कार्रवाई में जुटी है। ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद आरोपियों को महाराष्ट्र ले जाया जाएगा, जहां शाहापुर थाना पुलिस उनसे लूटकांड के संबंध में विस्तृत पूछताछ करेगी।

महाराष्ट्र ले जाने के बाद पुलिस वारदात में आरोपियों की वास्तविक भूमिका, लूट की रकम, गिरोह के अन्य सदस्यों और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों के बारे में जानकारी जुटाएगी।

अब गिरोह के बाकी सदस्यों पर नजर

तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों का अगला फोकस गिरोह के अन्य सदस्यों पर है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि लूट की वारदात में कुल कितने लोग शामिल थे और किसकी क्या भूमिका थी।

साथ ही लूटी गई 61.50 लाख रुपये की रकम में से कितनी धनराशि बरामद हो चुकी है और शेष रकम कहां है, इसका भी पता लगाया जा रहा है।

पुलिस आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और दूसरे राज्यों में दर्ज मामलों की जानकारी भी जुटा सकती है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि गिरफ्तार तीनों आरोपी केवल महाराष्ट्र की इस वारदात तक सीमित थे या किसी बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का हिस्सा हैं।

बड़ी रकम की लूट से शुरू हुई जांच, प्रयागराज में गिरफ्तारी तक पहुंचा मामला

महाराष्ट्र में हाईवे पर लाखों रुपये की लूट से शुरू हुई जांच अब उत्तर प्रदेश तक पहुंच चुकी है। 61.50 लाख रुपये की लूट के मामले में तीन वांछित आरोपियों की प्रयागराज से गिरफ्तारी ने जांच एजेंसियों के सामने कई नए सवाल भी खड़े किए हैं।

STF की कार्रवाई में नकदी, कार और मोबाइल फोन की बरामदगी हुई है, जबकि पूछताछ में सामने आए कथित बयानों के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित पुलिसकर्मी की भूमिका की जांच की दिशा भी खुली है।

अब महाराष्ट्र पुलिस की आगे की जांच से यह स्पष्ट होगा कि हाईवे पर हुई इस बड़ी लूट की पूरी साजिश कैसे रची गई, लूटी गई रकम का कितना हिस्सा आरोपियों के पास पहुंचा और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे।

रुबरु इंडिया न्यूज

80 साल पुराना रास्ता बंद होने से मचा हाहाकार, डीएम के दरबार पहुंचे ग्रामीण; बोले- रास्ता खुलवाइए साहब,

80 साल पुराना रास्ता बंद होने से मचा हाहाकार, डीएम के दरबार पहुंचे ग्रामीण; बोले- रास्ता खुलवाइए साहब, बच्चों की पढ़ाई और मरीजों का इलाज हुआ मुश्किल

प्रतापगढ़। पृथ्वीगंज नगर पंचायत के वार्ड संख्या-15 औवार में यादव बस्ती और पाल बस्ती को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग को बंद किए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया है। रास्ता बंद होने के विरोध में मंगलवार को बड़ी संख्या में गांव के बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और अन्य ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंचे और जिलाधिकारी प्रतापगढ़ से मुलाकात कर रास्ता बहाल कराने की मांग की। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए मामले में तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई।

ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता कोई नया या अस्थायी रास्ता नहीं है, बल्कि करीब 80 वर्षों से भी अधिक समय से लोग इसी मार्ग का इस्तेमाल करते चले आ रहे हैं। इसी रास्ते से यादव बस्ती और पाल बस्ती के लोग बाजार, स्कूल, अस्पताल तथा अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचते हैं। अचानक मुख्य मार्ग बंद कर दिए जाने से ग्रामीणों के सामने आवागमन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मिल उठायी मांग

बच्चों की पढ़ाई से लेकर मरीजों के अस्पताल पहुंचने तक पर संकट

ग्रामीणों ने बताया कि रास्ता बंद होने का सबसे अधिक असर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। बस्ती के बच्चों को स्कूल जाने के लिए अब लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। कई बच्चों के लिए यह परेशानी रोजाना की समस्या बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर स्कूल पहुंचने में दिक्कत होने के साथ ही छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी अभिभावक चिंतित हैं।

वहीं, किसी व्यक्ति के बीमार पड़ने की स्थिति में परेशानी और बढ़ जाती है। ग्रामीणों के मुताबिक मुख्य मार्ग बंद होने के कारण मरीजों को अस्पताल ले जाने में अतिरिक्त समय लग सकता है। आपात स्थिति में यह देरी गंभीर समस्या पैदा कर सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि रास्ते को तत्काल बहाल कराया जाए, ताकि किसी भी व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने में परेशानी न उठानी पड़े।

रोजमर्रा की जरूरतों का सामान लाना भी मुश्किल

स्थानीय लोगों के अनुसार इसी रास्ते से ग्रामीण रोजमर्रा की जरूरत का सामान लाते-ले जाते हैं। रास्ता बंद होने के बाद लोगों को दूसरे मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे दूरी और परेशानी दोनों बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इस्तेमाल में रहे इस रास्ते के बंद होने से पूरे क्षेत्र का सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया है।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि रास्ता उनके लिए केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि वर्षों से उनकी बस्ती को मुख्य मार्ग और आसपास के क्षेत्रों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण रास्ता है। उनका आरोप है कि रास्ता बंद होने से दो बस्तियों के सैकड़ों लोगों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो गया है।

बच्चे-बुजुर्ग और महिलाएं लेकर पहुंचे अपनी फरियाद

मंगलवार को ग्रामीणों का समूह जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा तो उनके साथ बड़ी संख्या में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने अपनी समस्या रखते हुए रास्ता खुलवाने की मांग की। लोगों का कहना था कि यदि समय रहते रास्ता बहाल नहीं कराया गया तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मौके की जांच कराने तथा राजस्व एवं संबंधित अधिकारियों को भेजकर रास्ते की वास्तविक स्थिति का सत्यापन कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने वर्षों से चले आ रहे आवागमन के रास्ते को बहाल कराने की अपील की।

प्रशासन से ग्रामीणों को कार्रवाई की उम्मीद

ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें जिला प्रशासन से पूरी उम्मीद है कि उनकी समस्या को गंभीरता से लिया जाएगा। लोगों ने कहा कि रास्ता बंद होने का सीधा असर बच्चों की शिक्षा, मरीजों के उपचार और ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है। ऐसे में प्रशासन को जल्द से जल्द मामले की जांच कराकर ग्रामीणों के आवागमन की समस्या का समाधान करना चाहिए।

फिलहाल ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर अपनी फरियाद पहुंचा दी है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। 80 वर्षों से इस्तेमाल किए जा रहे बताए जा रहे इस मार्ग को लेकर ग्रामीणों की मांग है कि जांच के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि रास्ता सार्वजनिक आवागमन का है तो उसे तत्काल बहाल कराया जाए।