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300 फीट ऊंचे बिजली टावर पर चढ़ा युवक, नीचे मची अफरा-तफरी: बहन के साथ अन्याय का आरोप लगाकर बोला- ‘समझौता कैसे करूं?’

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प्रयागराज। मऊआइमा थाना क्षेत्र के बादीपुर इलाके में गुरुवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक अचानक करीब 300 फीट ऊंचे हाईवोल्टेज बिजली टावर पर चढ़ गया। युवक को टावर के सबसे ऊपरी हिस्से तक पहुंचा देखकर आसपास मौजूद ग्रामीणों और राहगीरों के होश उड़ गए। देखते ही देखते नेशनल हाईवे और ओवरब्रिज के पास लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। किसी अनहोनी की आशंका से लोग सहम गए और पुलिस को सूचना दी गई।

टावर पर चढ़े युवक की पहचान ख्वाजा के सराय निवासी अब्दुल रहीम के रूप में बताई गई। युवक लगातार अपनी बात रखने की कोशिश कर रहा था और नीचे मौजूद लोगों से बातचीत करना चाहता था, लेकिन टावर की अत्यधिक ऊंचाई के कारण उसकी आवाज नीचे तक साफ नहीं पहुंच पा रही थी। दूसरी ओर हाईवोल्टेज विद्युत लाइन के बेहद करीब युवक के पहुंच जाने से मौके पर मौजूद लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही थी।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए समझाने-बुझाने का प्रयास शुरू किया। पुलिस ने आसपास मौजूद लोगों से भी घटनास्थल से दूरी बनाए रखने की अपील की, ताकि युवक पर किसी तरह का दबाव न बने और कोई अप्रिय स्थिति पैदा न हो।

एक साल पुराने मुकदमे को लेकर नाराजगी का आरोप

युवक का कहना था कि करीब एक साल पहले उसकी शिकायत पर एक मुकदमा दर्ज हुआ था, लेकिन मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई। युवक इसी बात को लेकर नाराज था। उसका आरोप था कि वह लगातार पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से कार्रवाई की मांग कर रहा है, लेकिन उसे न्याय नहीं मिल रहा।

अब्दुल रहीम के मुताबिक, करीब एक साल पहले पड़ोसियों पर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया था। उसका कहना था कि आरोपियों ने उसकी गाय को लाठी-डंडों से पीटकर मार डाला था। इसके अलावा जब उसने इस घटना का विरोध किया तो उसकी छोटी बहन के साथ छेड़खानी किए जाने का भी आरोप लगाया गया था।

युवक का दावा है कि उसकी बहन उस समय नाबालिग थी और उसकी उम्र करीब 13 वर्ष है। युवक ने आरोप लगाया कि मामले में पॉक्सो एक्ट से संबंधित कार्रवाई भी हुई, लेकिन इसके बावजूद उसे और उसके परिवार को समझौता करने के लिए दबाव का सामना करना पड़ रहा है।

‘मेरी बहन के साथ अन्याय हुआ है, समझौता कैसे करूं?’

टावर पर पहुंचने के बाद युवक ने वीडियो भी बनाया और अपनी बात लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की। वीडियो में वह कथित तौर पर कहता नजर आया कि उसकी बहन के साथ अन्याय हुआ है और वह इस मामले में समझौता नहीं करना चाहता।

युवक का आरोप था कि उससे पैसों के लेनदेन के जरिए सुलह-समझौता करने के लिए कहा जा रहा है। उसका सवाल था कि अगर किसी की नाबालिग बहन के साथ कथित तौर पर अन्याय हुआ हो तो वह पैसे लेकर कैसे समझौता कर सकता है।

उसने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उसकी लड़ाई न्याय के लिए है। युवक ने आरोप लगाया कि मामले में कार्रवाई कराने के लिए उसे लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन उसकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही।

हालांकि युवक द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस और प्रशासन की ओर से मामले की जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

मुख्यमंत्री से मिलने का भी किया दावा

अब्दुल रहीम का यह भी कहना था कि वह अपनी शिकायत को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने तक गया था। युवक का दावा है कि मुख्यमंत्री के आदेश के बाद ही उसके मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था।

युवक का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद वह जिस कार्रवाई की मांग कर रहा था, वह पूरी नहीं हुई। इसी वजह से वह काफी समय से परेशान था। गुरुवार को भी वह इसी मामले को लेकर थाने पहुंचा था।

उसका आरोप है कि थाने पर उसकी बात सुनने के बजाय उसे वहां से भगा दिया गया। युवक का दावा है कि इसी से नाराज होकर वह वहां से निकला और वीडियो बनाते हुए बिजली के टावर पर चढ़ गया।

‘मुझसे सबूत मांगे जाते हैं, दूसरी तरफ फर्जी मुकदमे’

टावर से बनाए गए वीडियो में युवक ने पुलिस और प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए। उसका कहना था कि जब वह अपनी शिकायत लेकर पुलिस के पास जाता है तो उससे सबूत मांगे जाते हैं, जबकि उसके अनुसार दूसरी तरफ से उसके और उसके परिवार के खिलाफ बिना पर्याप्त सबूत के मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं।

युवक ने मामले से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और आसपास लगे कैमरों की जांच कराने की भी मांग किए जाने की बात कही। उसका आरोप था कि जब उसने कैमरों की जांच की मांग की तो उसे कैमरा बंद या खराब होने की बात बताई गई।

युवक का कहना था कि यदि कैमरों की रिकॉर्डिंग सामने आ जाए तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है। वह इसी आधार पर जांच की मांग कर रहा था।

थाने से लौटने के बाद उठाया खतरनाक कदम

बताया गया कि गुरुवार को युवक दोबारा थाने गया था। वहां से लौटने के बाद उसने वीडियो बनाना शुरू किया। देखते ही देखते वह हाईवे के पास स्थित बिजली के टावर पर चढ़ने लगा।

कुछ ही देर में वह टावर के काफी ऊंचे हिस्से तक पहुंच गया। जब लोगों की नजर उस पर पड़ी तो आसपास अफरा-तफरी मच गई। लोग नीचे खड़े होकर उसे आवाज लगाकर वापस आने की अपील करते रहे, लेकिन करीब 300 फीट की ऊंचाई होने के कारण बातचीत करना बेहद मुश्किल था।

सबसे बड़ी चिंता इस बात को लेकर थी कि टावर पर हाईवोल्टेज बिजली की लाइनें थीं। ऐसे में युवक की एक छोटी सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती थी।

नेशनल हाईवे पर बढ़ती गई भीड़, यातायात भी प्रभावित

घटना नेशनल हाईवे और ओवरब्रिज के पास हुई थी। इसलिए कुछ ही समय में वहां से गुजर रहे राहगीरों की नजर भी टावर पर चढ़े युवक पर पड़ गई। लोग अपने वाहन रोककर घटना देखने लगे। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों के साथ राहगीरों की भी भारी भीड़ जुट गई।

भीड़ बढ़ने के कारण हाईवे पर यातायात भी प्रभावित होने लगा। पुलिस ने लोगों को मौके से दूर हटाने का प्रयास किया और अपील की कि कोई भी व्यक्ति टावर के आसपास न जाए।

पुलिस का पूरा ध्यान युवक को सुरक्षित नीचे उतारने पर केंद्रित था। किसी भी तरह की जल्दबाजी स्थिति को और गंभीर बना सकती थी।

चौकी इंचार्ज ने संभाली कमान, पुलिस ने शुरू किया समझाने का प्रयास

सूचना मिलते ही चौकी इंचार्ज बृजेश तिवारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने युवक से बातचीत कर उसे नीचे उतरने के लिए मनाने की कोशिश शुरू की।

पुलिस के साथ मौके पर मौजूद ग्रामीण भी युवक को समझाते रहे। लोगों ने उससे नीचे आने की अपील की और भरोसा दिलाने की कोशिश की कि उसकी बात सुनी जाएगी।

पुलिस ने भी स्थिति को संवेदनशील मानते हुए संयम के साथ बातचीत का रास्ता अपनाया। अधिकारियों और पुलिसकर्मियों का प्रयास था कि किसी तरह युवक को विश्वास में लेकर सुरक्षित नीचे उतारा जाए।

‘वह अपनी मांगों को लेकर कुछ भी बात नहीं कर रहा था’

मामले को लेकर मऊआइमा थाना प्रभारी जगदीश कुशवाहा ने बताया कि पुलिस युवक को समझा-बुझाकर नीचे उतारने का प्रयास कर रही है। थाना प्रभारी के अनुसार युवक से उसकी मांगों के बारे में जानने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन वह कुछ भी स्पष्ट रूप से नहीं बता रहा था।

पुलिस लगातार उससे बातचीत कर रही थी ताकि उसकी स्थिति सामान्य हो और वह खुद टावर से नीचे उतरने के लिए तैयार हो जाए।

करीब पांच घंटे चला हाईवोल्टेज ड्रामा

दोपहर में शुरू हुआ यह घटनाक्रम शाम तक लोगों के लिए चिंता का कारण बना रहा। टावर पर युवक के चढ़ने के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसकी जान बचाना थी। नीचे खड़ी भीड़ की निगाहें लगातार टावर के ऊपर टिकी रहीं।

हर गुजरते मिनट के साथ लोगों की बेचैनी बढ़ती रही। पुलिस और स्थानीय लोग लगातार उसे समझाते रहे। कोई उससे शांत रहने की अपील करता तो कोई परिवार और पुलिस पर भरोसा रखने की बात कहकर नीचे उतरने को कहता।

हाईवोल्टेज लाइन के कारण मामला बेहद संवेदनशील था। पुलिस किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचते हुए युवक को बातचीत के जरिए नीचे लाने की कोशिश करती रही।

शाम करीब सात बजे मिली बड़ी राहत

काफी देर तक चले प्रयास के बाद आखिरकार शाम करीब सात बजे युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। युवक के नीचे आते ही पुलिसकर्मियों, ग्रामीणों और मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।

जिस टावर को देखकर दोपहर से लोगों की सांसें अटकी हुई थीं, वहां आखिरकार स्थिति सामान्य हुई। पुलिस ने युवक को अपने कब्जे में लेकर मामले के संबंध में पूछताछ शुरू की।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि गंभीर शिकायतों को लेकर परेशान व्यक्ति की बात समय रहते सुनी जाए तो शायद ऐसी खतरनाक स्थिति पैदा होने से रोकी जा सकती है। हालांकि युवक ने पुलिस पर जो आरोप लगाए हैं, उनकी जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही रही कि करीब 300 फीट ऊंचे बिजली टावर पर चढ़े युवक को कई घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित नीचे उतार लिया गया और एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया।

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