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“22 वर्षीय आकाश की संदिग्ध मौत पर तीन दिन तक रोका अंतिम संस्कार,  नेताओं के हस्तक्षेप के बाद आज प्रयागराज ले जाया जा रहा शव – परिजनों ने हत्या की आशंका जताई, पुलिस पर लापरवाही के आरोप भी तेज”

(रुबरु इंडिया न्यूज)

प्रतापगढ़। रानीगंज थाना क्षेत्र के पंडित का पुरवा हरनाहर गांव निवासी 22 वर्षीय युवक आकाश यादव की मौत ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी है। सोमवार 1 दिसंबर की शाम आकाश घर से यह कहकर निकला कि वह पास ही स्थित बाग में जा रहा है, लेकिन देर रात तक वह वापस नहीं लौटा। परिजनों ने सोचा कि शायद किसी दोस्त के यहां रुक गया होगा, पर जब मंगलवार सुबह तक कोई जानकारी नहीं मिली तो परिवार चिंतित हो उठा।

मंगलवार 2 दिसंबर की दोपहर जानकारी मिली कि घर से लगभग 15 किलोमीटर दूर, देहात कोतवाली क्षेत्र में लखनऊ–वाराणसी हाईवे किनारे स्थित कटरा मेदनीगंज के एटीएल मैदान में एक युवा का शव मिला है। मौके पर पहुंचे परिजनों ने आकाश की पहचान की। जमीन पर मृत पड़े बेटे को देखकर परिवार में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में हड़कंप फैल गया।

शव मिलने के बाद फैली सनसनी – परिजनों ने हत्या की आशंका जताई

आकाश का शव जिस हालात में मिला था, उससे परिजन शुरू से ही यह मानने को तैयार नहीं थे कि यह सामान्य मौत है। परिवार का कहना था कि यह साफ-साफ हत्या का मामला है और पुलिस शुरुआती चरण में गंभीरता नहीं बरत रही है। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का भी आरोप लगाया।

इस घटना को और गंभीर बना देने वाली बात यह थी कि आकाश के एक बेहद करीबी दोस्त की हत्या पखवाड़ा भर पहले ही हुई थी। लगातार दो दोस्तों की संदिग्ध मौत ने परिवार को झकझोर दिया। परिजनों का कहना था कि यह कोई साजिश है और आकाश की मौत भी उसी कड़ी का हिस्सा हो सकती है।

पिता के दुबई से लौटने पर हुआ पोस्टमार्टम

आकाश के पिता उदय राज यादव दुबई में नौकरी करते हैं। बेटे की मौत की खबर सुनते ही वे तुरंत भारत के लिए रवाना हुए और 3 दिसंबर की दोपहर प्रतापगढ़ पहुंचे। उनके पहुंचने के बाद ही डॉक्टरों की टीम ने वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम किया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया, जिसके बाद बिसरा सुरक्षित रख लिया गया ताकि आगे जांच की जा सके।

शव घर पहुंचते ही परिजन भड़के – अंतिम संस्कार से इन्कार

देर शाम शव घर पहुंचा तो परिवार की नाराज़गी और गुस्सा चरम पर था। परिजनों ने साफ कहा कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। परिवार को लग रहा था कि पुलिस पूरे मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।

गांव में माहौल तनावपूर्ण हो गया। भीड़ इकट्ठा होने लगी। परिवार का कहना था:
“जब तक हत्या करने वालों को पकड़ा नहीं जाएगा, बेटे का अंतिम संस्कार नहीं होगा। हमें डर है कि अगला नंबर हमारे किसी और सदस्य का भी हो सकता है।”

पुलिस का लगातार मान-मनौव्वल – परिजन नहीं माने

3 दिसंबर की रात से लेकर 4 दिसंबर गुरुवार की शाम तक पुलिस और प्रशासन के कई अधिकारी परिवार को समझाने में लगे रहे।प्रतापगढ़ पुलिस की पांच थानों की पुलिस थाना प्रभारी बार परिवार से बातचीत करते रहे, लेकिन परिजन गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।पूरे दिन यह स्थिति बनी रही कि परिवार न तो अंतिम संस्कार को तैयार है और न ही शव को देने को।

सीओ रानीगंज पूर्व विधायक अभय कुमार धीरज ओझा का हस्तक्षेप

मामले ने तूल पकड़ा तो गुरुवार देर शाम पूर्व भाजपा विधायक अभय कुमार धीरज ओझा परिवार से मिलने पहुंचे और थोड़े देर में क्षेत्राधिकारी रानीगंज विनय प्रभाकर साहनी
उन्होंने परिवार को कई आश्वासन दिए—
• विस्तृत और निष्पक्ष जांच
• परिवार की सुरक्षा
•शस्त्र लाइसेंस उपलब्ध कराने की व्यवस्था
• आरोपी की जल्द गिरफ्तारी

काफी समय तक बातचीत चली और धीरे-धीरे परिवार मानने को तैयार हुआ।

शव को घर के पास दफनाने की जिद – फिर समझाकर मनाया गया

परिजन पहले बेटे का शव घर के पास ही दफनाने की जिद करने लगे, लेकिन गांव के लोगों और पुलिस अधिकारियों ने उन्हें यह समझाया कि इससे भविष्य में कानूनी अड़चनें पैदा हो सकती हैं। बात समझ में आने पर परिजन अंतिम संस्कार के लिए सहमत हो गए।इस मौके पर सपा के जिला पंचायत सदस्य जय सिंह यादव,राहुल यादव,वासिफ,आदि भी मौजूद रहे

5 दिसंबर शुक्रवार सुबह प्रयागराज के लिए रवाना हुए परिजन

सभी राज़ी-नाराज़गी और तीन दिनों की जद्दोजहद के बाद आखिरकार आज 5 दिसंबर शुक्रवार की सुबह परिजन आकाश के शव को अंतिम संस्कार के लिए प्रयागराज ले जाने को तैयार हो गए।पुलिस सुरक्षा के साथ शव वाहन को रवाना किया गया।

इलाके में अभी भी गम और तनाव का माहौल

गांव में लोग आकाश की मौत को लेकर गहरे सदमे में हैं। 22 साल का यह युवक तेजी से अपने करियर की ओर बढ़ रहा था और परिवार का सहारा माना जाता था। उसके अचानक चले जाने से लोग स्तब्ध हैं।

परिवार अब भी यही कह रहा है कि—
“हम न्याय के लिए लड़ाई जारी रखेंगे। चाहे जितना समय लगे, लेकिन आकाश की मौत का सच सामने आना चाहिए।”

पुलिस जांच जारी – बिसरा रिपोर्ट के बाद खुल सकते हैं राज

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट कारण सामने नहीं आने के कारण आगे की जांच में बिसरा रिपोर्ट और मोबाइल कॉल डिटेल्स अहम भूमिका निभाएंगी। पुलिस आस-पास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है।

हालांकि परिजनों का दबाव और इलाके में फैला तनाव इस मामले को बेहद संवेदनशील बना चुका है।

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