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प्रतापगढ़। जिले में साइबर ठगों ने एक बार फिर शातिर तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया है। इस बार ठगों ने लॉटरी लगने और विदेश से कीमती आभूषण भेजने का लालच देकर एक महिला से कुल 1 लाख 30 हजार रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने बारकोड स्कैन के जरिए अलग-अलग किस्तों में यह रकम मंगवाई। पीड़िता की शिकायत पर कंधई थाना पुलिस ने अज्ञात मोबाइल नंबरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


मामला कंधई थाना क्षेत्र के मिसिर का पुरवा गांव का है, जहां रहने वाली सुलोचना देवी को 25 दिसंबर को एक अज्ञात मोबाइल नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को एक विदेशी कंपनी का प्रतिनिधि बताया और बड़े ही भरोसे के साथ कहा कि सुलोचना देवी की एक लॉटरी निकली है। उसने यह भी दावा किया कि लॉटरी के साथ विदेश से कीमती आभूषण और उपहार भी भेजा जा रहा है, जो जल्द ही उनके घर पहुंच जाएगा।


ठग की बातों में आकर सुलोचना देवी ने उससे बातचीत जारी रखी। कुछ देर बाद ठगों ने महिला से उसका पूरा पता और अन्य जानकारी ले ली। इसके बाद उन्होंने कहा कि विदेश से भेजे जा रहे उपहार को घर तक पहुंचाने के लिए कुछ प्रक्रिया शुल्क देना होगा। इस बहाने ठगों ने महिला को एक बारकोड स्कैनर भेजा और उसे स्कैन कर पैसे भेजने के लिए कहा।


पहली बार में सुलोचना देवी ने भरोसा करते हुए 35 हजार रुपये बारकोड स्कैन के जरिए भेज दिए। ठगों ने भरोसा दिलाया कि यह अंतिम भुगतान है और जल्द ही आभूषण और लॉटरी की राशि उनके घर पहुंच जाएगी। लेकिन कुछ ही समय बाद ठगों ने दोबारा संपर्क किया और नया बहाना बनाया।


ठगों ने बताया कि विदेश से आने वाले सामान को कस्टम विभाग में रोक लिया गया है और उसे छुड़ाने के लिए अतिरिक्त पैसे देने होंगे। इस बार ठगों ने 50 हजार रुपये की मांग की। ठगों की बातों और लगातार भरोसा दिलाने के चलते सुलोचना देवी ने यह रकम भी भेज दी।


इसके करीब एक सप्ताह बाद फिर से ठगों का फोन आया। इस बार उन्होंने कहा कि कुछ और औपचारिकताएं बाकी हैं और अंतिम प्रक्रिया के लिए 10 हजार रुपये और देने होंगे। महिला ने यह रकम भी भेज दी। इस तरह ठगों ने अलग-अलग चार किस्तों में कुल 1 लाख 30 हजार रुपये की ठगी कर ली।


कई दिन बीत जाने के बाद भी जब न तो कोई आभूषण मिला और न ही लॉटरी की कोई राशि, तो सुलोचना देवी को शक होने लगा। उन्होंने ठगों से दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन या तो फोन बंद मिला या फिर गोलमोल जवाब दिए गए। जब संतोषजनक उत्तर नहीं मिला, तब जाकर महिला को यह एहसास हुआ कि उसके साथ साइबर ठगी हो चुकी है।


इसके बाद सुलोचना देवी ने पूरे मामले की लिखित शिकायत कंधई थाने में दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात मोबाइल नंबरों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब मोबाइल नंबरों, बारकोड भुगतान और लेनदेन के डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।


कंधई थाना प्रभारी सत्येंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। साइबर सेल की मदद से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पैसे किन खातों में गए और ठग किस नेटवर्क से जुड़े हैं। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।


इस घटना के बाद पुलिस ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अनजान कॉल, लॉटरी जीतने के संदेश या विदेशी उपहार के नाम पर पैसे मांगने वालों से सावधान रहें। बिना पूरी जानकारी और सत्यापन के कभी भी बारकोड स्कैन कर पैसे न भेजें। यदि इस तरह की कोई कॉल आए तो तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।


प्रतापगढ़ में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि ठग लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही इस तरह की घटनाओं से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।

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