प्रतापगढ़। देहात कोतवाली क्षेत्र के रेंडवीर गांव में 7 दिसंबर को हुई मारपीट की घटना में गंभीर रूप से घायल 40 वर्षीय रामखेलावन की प्रयागराज में इलाज के दौरान मौत हो गई। मंगलवार शाम पोस्टमॉर्टम के बाद जब शव गांव पहुंचा तो परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। आर्थिक सहायता और आवास की मांग को लेकर परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया, जिससे गांव में तनाव की स्थिति बन गई। सूचना पर कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभालने में जुटी रही।
जानकारी के अनुसार, 7 दिसंबर की शाम करीब साढ़े पांच बजे रामखेलावन गांव में ही भुल्लर के घर की ओर गए थे। आरोप है कि वहां पहले से मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की और फिर डंडे व धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में रामखेलावन गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर प्रयागराज रेफर कर दिया गया था।
इस मामले में घायल रामखेलावन के भाई रामलाल ने देहात कोतवाली में तहरीर देकर अंकेश पटेल उर्फ गोलई और अंबुज को नामजद करते हुए कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट और जानलेवा हमले की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो पता चला कि नामजद आरोपी अंकेश पटेल घटना से पहले ही 4 दिसंबर को मुंबई चला गया था। पुलिस ने इस मामले में आकाश नामक एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इलाज के दौरान सोमवार शाम रामखेलावन की प्रयागराज में मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले में प्रकाश में आए एक अन्य आरोपी अजय को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मंगलवार को पोस्टमॉर्टम के बाद जब शव रेंडवीर गांव पहुंचा तो परिजन बेहद आक्रोशित हो गए। परिजनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के साथ-साथ मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता और आवास दिए जाने की मांग करते हुए अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया। सूचना पर देहात कोतवाली के साथ ही देल्हपुर और जेठवारा थाने के प्रभारी भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया।
काफी देर तक चली बातचीत के बाद परिजन इस शर्त पर अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए कि फरीदाबाद में रहने वाला रामखेलावन का भाई घर पहुंच जाए। देर शाम तक भाई के गांव न पहुंचने के कारण अंतिम संस्कार नहीं हो सका और एहतियात के तौर पर पुलिसकर्मी मृतक के घर पर तैनात रहे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।







