जायस में नृशंस हत्या से सनसनी, ‘देवा शरीफ’ जाने की बात कहकर निकला था विजय, खेत में गला रेतकर हत्या, सिर कटा शव नाले में फेंका
जिले के जायस थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। नईया नाले में एक अधेड़ व्यक्ति का सिर कटा शव मिलने से हड़कंप मच गया। जांच में सामने आया कि हत्यारों ने पहले पास के एक खेत में बेरहमी से गला रेतकर हत्या की, फिर शव को करीब 150 मीटर तक घसीटते हुए नाले में फेंक दिया। सबसे सनसनीखेज पहलू यह है कि मृतक का सिर अब तक बरामद नहीं हो सका है।
मृतक की पहचान प्रतापगढ़ जिले के धर्मशाला चौक, वार्ड-67 निवासी विजय (50) के रूप में हुई है। विजय ओझा-सोखा था और तंत्र-मंत्र व झाड़-फूंक का काम करता था। वह बुधवार दोपहर जायस थाना क्षेत्र के बहादुरपुर गांव में अपनी भांजी अलका के घर आया था। अलका के पति प्रवीण कुमार एक विद्यालय में अध्यापक हैं। परिजनों के अनुसार, बुधवार रात करीब 10:30 बजे विजय के मोबाइल पर एक फोन आया। इसके बाद उन्होंने कहा कि वे ‘देवा शरीफ’ की दरगाह जा रहे हैं और घर से निकल गए। इसके बाद वह वापस नहीं लौटे।
परिजनों ने बताया कि विजय हाजी वारिस अली शाह (देवा शरीफ) का मुरीद था और अक्सर वहां जाया करता था। बुधवार देर शाम कुछ स्थानीय लोगों ने उसे राजीव गांधी पेट्रोलियम संस्थान के पास पैदल जाते हुए भी देखा था। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला। गुरुवार सुबह जब ग्रामीण शौच के लिए निकले तो नईया नाले में शव का धड़ पड़ा देखा। शव की हालत देख ग्रामीणों के होश उड़ गए और देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक अर्पणा रजत कौशिक, क्षेत्राधिकारी दिनेश कुमार मिश्र, जायस थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान नाले से कुछ दूरी पर स्थित एक खेत में खून के धब्बे, घसीटने के निशान और संघर्ष के सबूत मिले, जिससे साफ हो गया कि हत्या खेत में की गई थी और शव को बाद में नाले तक लाया गया।
घटना स्थल बांदा-टांडा राष्ट्रीय राजमार्ग के पास मुखेतिया ग्राम सभा क्षेत्र में बताया जा रहा है, जहां दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है। इतनी व्यस्त जगह के पास इस तरह की नृशंस हत्या से लोगों में डर और आक्रोश दोनों देखने को मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सबसे बड़ी चुनौती मृतक के सिर की बरामदगी है। पुलिस ने इसके लिए कई टीमें गठित कर दी हैं, जो आसपास के खेतों, नालों, झाड़ियों और सुनसान इलाकों में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। साथ ही, मृतक के मोबाइल कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिरी फोन किसका था और वह किन लोगों के संपर्क में था।
परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार, विजय के कामकाज को लेकर कुछ लोगों से विवाद भी हो सकता है। ओझा-सोखा और तंत्र-मंत्र से जुड़े मामलों में रंजिश की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस फिलहाल किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है और सभी एंगल से जांच कर रही है।
विजय अपने पीछे पत्नी ज्योति और तीन बेटे—राहुल, सिद्धार्थ और सम्राट—को छोड़ गया है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा और दोषियों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।






