पुलिस लाइन में सड़क दुर्घटना रोकथाम को लेकर विशेष प्रशिक्षण एवं समीक्षा गोष्ठी


प्रतापगढ़। जनपद में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को पुलिस लाइन स्थित सई कॉम्प्लेक्स में iRAD/eDAR प्रणाली को लेकर विशेष प्रशिक्षण एवं समीक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ दीपक भूकर के निर्देशन में किया गया।


प्रशिक्षण एवं समीक्षा कार्यक्रम पुलिस उपाधीक्षक यातायात अनिल कुमार राय के पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ। इस दौरान प्रभारी यातायात प्रदीप कुमार सिंह भी मौजूद रहे। गोष्ठी में जनपद के सभी थानों से आए उपनिरीक्षक एवं यातायात से जुड़े अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के सही, सटीक और समयबद्ध आंकड़ों के संकलन के माध्यम से दुर्घटनाओं की रोकथाम को प्रभावी बनाना रहा।


प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को iRAD (इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस) सॉफ्टवेयर के उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि किसी भी सड़क दुर्घटना की स्थिति में पीड़ित पक्ष और प्रतिवादी पक्ष का नाम-पता, दोनों पक्षों के वाहन व चालकों का पूरा विवरण, दुर्घटना स्थल का सटीक नाम, समय और संबंधित थाना क्षेत्र जैसी सभी जानकारियां अनिवार्य रूप से iRAD प्रणाली पर अपलोड की जाएं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि डाटा की शुद्धता और समय पर एंट्री बेहद जरूरी है, क्योंकि इसी के आधार पर आगे की कार्रवाई और योजनाएं तय की जाती हैं।


गोष्ठी में यह भी जानकारी दी गई कि iRAD/eDAR प्रणाली के माध्यम से एकत्र किए गए आंकड़ों का विश्लेषण कर यह पता लगाया जा सकता है कि किन स्थानों पर बार-बार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। ऐसे स्थानों को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित किया जाएगा। इसके बाद संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। इनमें चेतावनी संकेतक बोर्ड लगाना, स्पीड ब्रेकर का निर्माण, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था, सड़क की मरम्मत और यातायात संकेतों में सुधार जैसे कार्य शामिल हैं। इन प्रयासों से दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है।


अधिकारियों ने यह भी निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों को बीमा क्लेम की त्वरित सुविधा उपलब्ध कराने के लिए IRAD/eDAR प्रणाली पर बीमा से संबंधित सभी विवरण सही और समयबद्ध तरीके से दर्ज किए जाएं। इससे पीड़ितों और उनके परिजनों को शीघ्र आर्थिक सहायता मिल सकेगी और अनावश्यक परेशानियों से बचाव होगा।


पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में यातायात पुलिस द्वारा तकनीक आधारित और वैज्ञानिक तरीकों से सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए केवल चालान या कार्रवाई ही नहीं, बल्कि डेटा आधारित योजना, जागरूकता और विभागीय समन्वय भी बेहद जरूरी है।


कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों से अपेक्षा जताई गई कि वे प्रशिक्षण में दी गई जानकारी को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में गंभीरता से लागू करेंगे, जिससे सड़क हादसों पर अंकुश लगाया जा सके और जनहानि को न्यूनतम किया जा सके।

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