मुंबई जा रहे परिवार पर बेखौफ दबंगों का कहर, सरेराह बांस-बल्ली लगाकर रोकी कार, लाठी-डंडों से हमला, महिलाएं समेत कई घायल


प्रतापगढ़। जनपद के रानीगंज थाना क्षेत्र में सोमवार की शाम दबंगई और कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई। प्रयागराज से मुंबई जाने के लिए निकले एक परिवार पर ओवरटेक को लेकर हुए मामूली विवाद के बाद दर्जनों दबंगों ने सरेराह बांस-बल्ली लगाकर हमला कर दिया। इस हमले में महिलाएं, युवक और परिवार के अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, रानीगंज थाना क्षेत्र के कायस्थ पट्टी निवासी मोहम्मद इमरान (39) पुत्र मुस्ताक सोमवार की शाम अपनी चाची शहनाज बानो (50) पत्नी इस्तियाक, भाई कैफ (22) पुत्र इस्तियाक, सबा बानो (20) पुत्री इस्तियाक तथा अन्य परिजनों के साथ प्रयागराज जंक्शन जा रहे थे। परिवार को कामायनी एक्सप्रेस (11072) से मुंबई जाना था, जिसके लिए सभी के पास कन्फर्म टिकट भी थे। शाम करीब पांच बजे परिवार दो कारों में सवार होकर घर से निकला।


बताया जा रहा है कि दुर्गागंज बाजार में एक बाइक पर सवार दो युवकों से कार ओवरटेक करने को लेकर कहासुनी हो गई। बाजार में मौजूद लोगों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया और दोनों पक्ष आगे बढ़ गए। लेकिन यह विवाद यहीं खत्म नहीं हुआ। आरोप है कि बाइक सवार दोनों युवकों ने रास्ते में ही फोन कर अपने साथियों को इकट्ठा कर लिया और देल्हुपुर–रानीगंज मार्ग स्थित कछरा पुल के पास पहले से घात लगाकर बैठ गए।


जैसे ही कार सवार परिवार कछरा पुल के पास पहुंचा, बड़ी संख्या में बेखौफ दबंगों ने बीच सड़क पर बांस-बल्ली और लकड़ियां लगाकर रास्ता रोक लिया। अचानक हुई इस हरकत से परिवार संभल भी नहीं पाया था कि दबंगों ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। आरोप है कि दबंगों ने महिलाओं को भी नहीं बख्शा और कार के शीशे डंडों से मारकर तोड़ दिए।


हमले में मोहम्मद इमरान (39), शहनाज बानो (50), कैफ (22), सबा बानो (20) समेत अन्य परिजन घायल हो गए। चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। घटना के दौरान सड़क पर कुछ देर के लिए आवागमन भी बाधित हो गया। राहगीरों में दहशत फैल गई, लेकिन दबंगों के आतंक के कारण कोई खुलकर बीच-बचाव करने की हिम्मत नहीं जुटा सका।


घटना की सूचना मिलते ही दुर्गागंज चौकी इंचार्ज अमित सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने हालात को नियंत्रित किया और सभी घायलों को एंबुलेंस से उपचार के लिए ट्रॉमा सेंटर भेजा। जहां डॉक्टरों द्वारा घायलों का इलाज किया जा रहा है। पीड़ितों के शरीर पर लाठी-डंडों के गंभीर निशान बताए जा रहे हैं।


पीड़ित मोहम्मद इमरान ने बताया कि वह अपने परिवार को सुरक्षित प्रयागराज स्टेशन पहुंचाने के लिए निकला था, लेकिन दबंगों की इस हैवानियत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला पूर्व नियोजित था और दबंगों ने जान से मारने की नीयत से हमला किया। पीड़ित परिवार ने रानीगंज थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।


रानीगंज थाना प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला ओवरटेक को लेकर हुए विवाद का प्रतीत हो रहा है, जिसके बाद मारपीट हुई। तहरीर प्राप्त कर ली गई है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


इस घटना के बाद सबसे दुखद पहलू यह है कि सभी घायलों का आज ही कामायनी एक्सप्रेस से मुंबई जाने का टिकट था। घायल होने के कारण परिवार अब मुंबई नहीं जा सका। इससे न सिर्फ उनका सफर छूट गया, बल्कि आर्थिक और मानसिक क्षति भी हुई। परिवार के लोगों का कहना है कि अगर समय पर पुलिस न पहुंचती तो घटना और भी भयावह हो सकती थी।


इलाके में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि सरेराह इस तरह बांस-बल्ली लगाकर हमला करना कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। वहीं स्थानीय लोगों को रानीगंज पुलिस और क्षेत्राधिकारी रानीगंज विनय प्रभाकर साहनी पर भरोसा है कि मामले में निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई होगी और दबंगों को जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।


फिलहाल पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि मामूली विवाद किस तरह दबंगई और हिंसा का रूप ले लेता है, और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कितने बड़े सवाल खड़े हो जाते हैं।

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