प्रतापगढ़।साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर थाना प्रतापगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। ऑनलाइन गेमिंग, ट्रेडिंग और लोन एप के जरिए अंतरराज्यीय स्तर पर की जा रही साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, डेबिट कार्ड और पैन कार्ड बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ दीपक भूकर के निर्देशन और नोडल अधिकारी साइबर अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी शैलेन्द्र लाल के पर्यवेक्षण में साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में साइबर थाना में दर्ज मुकदमा संख्या 21/2025, धारा 318(2)/319(2)/338/336(3)/340(2)/3(5) बीएनएस व 66सी आईटी एक्ट के तहत विवेचना के दौरान यह गिरफ्तारी की गई।
साइबर थाना पुलिस के अनुसार, जेठवारा थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति की तहरीर पर दर्ज मामले में खुलासा हुआ कि आरोपी सीधे-साधे लोगों को लोन दिलाने का झांसा देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाते थे। बाद में उन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया जाता था। जांच के दौरान प्रभारी निरीक्षक साइबर थाना दिवाकर सिंह और निरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जौनपुर जनपद के कोतवाली नगर क्षेत्र अंतर्गत उत्तरी वाजिदपुर के पास से आरोपी पंकज कुमार अग्रहरि को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी सिद्धार्थनगर जनपद का निवासी बताया गया है, जो वर्तमान में लखनऊ में रह रहा था। पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड, चार डेबिट कार्ड और दो पैन कार्ड बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों की आईडी पर खाते खुलवाता था और उन खातों को साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराता था।
आरोपी ने यह भी बताया कि गेमिंग एप, ट्रेडिंग एप और लोन एप के जरिए ठगी की रकम इन खातों में मंगाई जाती थी, जिसे बाद में एटीएम के माध्यम से निकालकर आपस में बांट लिया जाता था। ठगी की रकम को छिपाने के लिए आरोपी मोबाइल से चैट और कॉल डिलीट कर देता था।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में इससे पहले भी 11 जुलाई 2025 को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां की जा सकती हैं।
इस पूरी कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक दिवाकर सिंह, निरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद यादव, कांस्टेबल सत्येन्द्र यादव, कांस्टेबल हर्षदीप सिंह और चालक आरक्षी ज्वाला सिंह शामिल रहे। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार के ऑनलाइन लालच, लोन या निवेश के नाम पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर थाना या हेल्पलाइन नंबर पर दें।
























