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रिपोर्ट: रुबरु इंडिया न्यूज, प्रतापगढ़

प्रतापगढ़।रानीगंज पुलिस ने लूट की झूठी वारदात का पर्दाफाश करते हुए ऐसा खुलासा किया जिसने सभी को हैरान कर दिया। पुलिस ने लूट के वादी डॉ. आशीष कुमार गुप्ता को ही उसके साथी गोलू सिंह उर्फ शेखर सिंह के साथ गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में पता चला कि वादी ने खुद अपने ऊपर लूट की झूठी घटना रचवाई थी, ताकि एक पुराने प्रेम प्रसंग से पीछा छुड़ा सके। पुलिस ने दोनों अभियुक्तों से सोने की अंगूठी, दो मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त पल्सर बाइक (UP72BJ6843) बरामद की है।

घटना 26 अक्टूबर की रात की है, जब वादी आशीष कुमार गुप्ता निवासी लच्छीपुर ने थाना रानीगंज में तहरीर दी थी कि इंडियन पेट्रोल पंप के पास 2–3 बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने पिस्टल दिखाकर ₹6,500 और सोने की अंगूठी लूट ली। पुलिस ने तत्परता से मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

एसपी दीपक भूकर के निर्देशन में एएसपी पूर्वी शैलेन्द्र लाल और सीओ रानीगंज विनय प्रभाकर साहनी के पर्यवेक्षण में गठित स्वाट टीम व थाना रानीगंज पुलिस ने जब साक्ष्यों की गहन जांच शुरू की तो कहानी में कई विरोधाभास सामने आए। सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और मोबाइल लोकेशन की जांच में पता चला कि घटना में कोई अज्ञात बदमाश नहीं बल्कि वादी स्वयं शामिल था।

पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर 30 अक्टूबर को सईं नदी चौहर्जन पुल के पास से आशीष गुप्ता और गोलू सिंह को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने पूरे षड्यंत्र का खुलासा कर दिया।

आशीष गुप्ता ने बताया कि उसका रानीगंज बाजार में ‘मां बाराही फिजियोथैरेपी सेंटर’ नाम से क्लीनिक है। शादी से पहले उसकी एक युवती से पहचान थी जो उस पर शादी का दबाव बना रही थी। विवाहित होने के कारण वह तनाव में रहने लगा और नींद की गोलियां तक खाने लगा। परेशान होकर उसने अपने दोस्त गोलू सिंह से सलाह ली, जिसके बाद दोनों ने योजना बनाई कि अपने ऊपर लूट और फायरिंग की झूठी घटना रचाकर उस लड़की को फँसा दिया जाए।

गोलू सिंह ने अपने दो साथियों रुद्राक्ष उर्फ रुद्रांश शुक्ला और श्याम मिश्रा को इस नकली लूट के लिए लगाया। योजनानुसार 26 अक्टूबर की रात इंडियन पेट्रोल पंप के पास दिखावटी फायरिंग कर ₹6,500 और अंगूठी लेकर फरार हो गए। बाद में आशीष गुप्ता ने खुद थाने पहुंचकर लूट की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी।

पुलिस ने जब तकनीकी साक्ष्य खंगाले तो सारा षड्यंत्र उजागर हो गया। जांच में सामने आया कि गोलू सिंह ने घटना के बाद अपने मोबाइल से रुद्राक्ष के चचेरे भाई अर्पित शुक्ला को UPI के माध्यम से पैसे भी भेजे, जिसका स्क्रीनशॉट भी पुलिस को मिला।

गोलू सिंह का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। वह प्रयागराज और मध्यप्रदेश में हत्या, आर्म्स एक्ट और अन्य मामलों में वांछित रह चुका है।

पुलिस ने दोनों अभियुक्तों के खिलाफ बीएनएस की धारा 309(4)/288/217/61(2)A/317(2) के तहत कार्रवाई की है। बरामद मोटरसाइकिल को धारा 207 एमवी एक्ट के तहत सीज किया गया है।

थाना रानीगंज प्रभारी निरीक्षक प्रभात कुमार सिंह के नेतृत्व में उ0नि0 राजनारायण यादव, राकेश चौरसिया, शिवेंद्र यादव,गंगासागर, रुद्रांश चौबे आदि पुलिसकर्मियों और स्वाट प्रभारी अमित कुमार चौरसिया की टीम ने यह कार्रवाई की। तेज़ तर्रार क्षेत्राधिकारी विनय प्रभाकर साहनी ने एक बार फिर कम समय में एक और बड़ी घटना का खुलासा कर दिया सीओ की खास टीम राकेश चौरसिया राज नारायण शिवेंद्र यादव रुद्रांश चौबे ने एक बार फिर सीओ की उम्मीदों पर खरे उतरे

सीओ रानीगंज ने कहा कि पुलिस ने बहुत कम समय में झूठी लूट का सफल खुलासा कर क्षेत्र के लोगों का विश्वास एक बार फिर जीत लिया है। वहीं एसपी दीपक भूकर ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मामलों से स्पष्ट होता है कि पुलिस तकनीकी और तथ्यात्मक जांच के माध्यम से हर घटना का सच सामने लाने में सक्षम है।

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