प्रतापगढ़। रानीगंज कस्बे में जिला प्रशासन द्वारा लागू साप्ताहिक बंदी का आदेश अब महज कागजों तक सीमित होता नजर आ रहा है। डीएम के स्पष्ट निर्देश के बावजूद रविवार को बाजार में अधिकतर दुकानें खुल रही हैं, जिससे प्रशासनिक आदेश की खुलेआम अवहेलना हो रही है। हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी चुप्पी साधे हुए हैं।
शुरुआती दो-तीन सप्ताह तक व्यापारियों ने साप्ताहिक बंदी का पालन किया, लेकिन अब कई दुकानदार सुबह से ही दुकानें खोल देते हैं। इससे नियम का पालन करने वाले व्यापारी भी मजबूरी में अपनी दुकानें खोलने लगते हैं, क्योंकि बंद रखने पर उन्हें सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इस स्थिति ने पूरे बाजार की व्यवस्था को अव्यवस्थित कर दिया है।
कई व्यापारियों का कहना है कि जब प्रशासन खुद आदेश का पालन सुनिश्चित नहीं करा पा रहा, तो कुछ लोग मनमानी कर रहे हैं। इससे उन दुकानदारों में नाराजगी बढ़ रही है जो नियम का पालन करना चाहते हैं। बाजार में अब खुलकर चर्चा होने लगी है कि यदि प्रशासन की सख्ती नहीं हुई तो साप्ताहिक बंदी की व्यवस्था पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
स्थानीय नागरिकों का भी कहना है कि प्रशासन की उदासीनता से बाजार में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। निरीक्षण और कार्रवाई के अभाव में दुकानदार बेखौफ होकर दुकानें खोल रहे हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
व्यापार मंडल के कुछ पदाधिकारियों ने भी माना कि यदि तुरंत कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो सामूहिक बंदी का कोई महत्व नहीं बचेगा। व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि या तो नियम को सख्ती से लागू कराया जाए या फिर स्पष्ट निर्णय लेकर स्थिति साफ की जाए, ताकि बाजार में अनुशासन और समानता बनी रह सके।






