








रानीगंज। अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में रानीगंज पुलिस को शुक्रवार को बड़ी सफलता हाथ लगी। पुलिस टीम ने लच्छीपुर रेलवे फाटक के आगे मेढ़ौली जाने वाले रास्ते से एक युवक को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चार अदद अवैध देशी बम बरामद किए। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान नीरज तिवारी पुत्र ओमप्रकाश तिवारी, निवासी खेमईपुर, थाना रानीगंज के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ दीपक भूकर के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी आलोक कुमार और सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी रानीगंज प्रशान्त राज के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी रानीगंज प्रदीप कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी।
इसी दौरान कस्बा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अंकित श्रीवास्तव को मुखबिर से अहम सूचना मिली। सूचना को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने हमराह पुलिसकर्मियों के साथ तत्काल घेराबंदी की और बताए गए स्थान पर पहुंचकर संदिग्ध युवक को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से चार अवैध देशी बम बरामद हुए।
पुलिस की इस कार्रवाई में कस्बा चौकी प्रभारी अंकित श्रीवास्तव की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई खास तौर पर चर्चा में रही। सूचना मिलते ही बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचना और संदिग्ध को अवैध विस्फोटक सामग्री के साथ गिरफ्तार करना पुलिस की सक्रियता को दर्शाता है। क्षेत्र में अपराधियों पर शिकंजा कसने को लेकर पुलिस की ऐसी कार्रवाई आम लोगों में भी सुरक्षा का भरोसा मजबूत करती है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पहले से ही कई गंभीर मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार नीरज तिवारी के खिलाफ हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम तथा एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में कुल नौ अभियोग दर्ज हैं। उसके खिलाफ फतनपुर थाने में भी गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस ने बरामद चारों देशी बम को कब्जे में लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। बरामदगी के संबंध में थाना रानीगंज में मु0अ0सं0 417/2026, धारा 4/5 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम-1908 के तहत अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक अंकित श्रीवास्तव के साथ उपनिरीक्षक अचिन्त्य शुक्ला, कांस्टेबल विकास बाबू, कांस्टेबल धीरज कुमार, रिजर्व कांस्टेबल जगन्नाथ यादव और रिजर्व कांस्टेबल विमलेश यादव शामिल रहे।
चार बम बरामद होने की घटना ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं—आखिर आरोपी इन विस्फोटक सामग्री को लेकर कहां जा रहा था और इसका इस्तेमाल किस मकसद से किया जाना था? पुलिस अब इन सवालों के जवाब तलाशने में जुटी है।







