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नीतीश सरकार में अल्पसंख्यक समुदाय के लिए हो रहे हैं बेहतर कार्य: ज़मा ख़ान

संवाददाता शम्स तबरेज से बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री ज़मा ख़ान से ख़ास बातचीत

पटना: बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा ख़ान से एक मुलाकात में उनके विभाग अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में चल रही योजनाओं पर बेली रोड पटना स्थित के उनके सरकारी आवास पर संवाददाता शम्स तबरेज से ख़ास बातचीत के कुछ अंश

सवाल,1:आपके राज्य में कुल कितने मदरसे हैं, राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त कितने हैं और राज्य अनुदानित कितने हैं?

जवाब: हमारे राज्य बिहार में कुल मदरसों की संख्या 4332 है जिसमें से 2000 मदरसों को राज्य सरकार से अनुदान मिल रहे हैं और बाक़ी मदरसे मान्यता प्राप्त हैं और मान्यता प्राप्त मदरसों को भी राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही अन्य योजनाओं का भरपूर लाभ मिल रहा है।

सवाल,2: अल्पसंख्यकों के कल्याण हेतु बिहार सरकार की भविष्य में क्या योजना है?

जवाब: देखिए, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में अन्य समुदायों के साथ साथ अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण हेतु बहुत से कार्य किए हैं चाहे विभाग के बजट बढ़ाने का मामला हो चाहे मदरसों के वेतन बढ़ाने का मामला हो या स्कूलों में अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों की तालीम का मामला हो इन सब कार्यों में नीतीश सरकार द्वारा विशेष व्यवस्था की गई है।

सवाल,3: बिहार राज्य के वक्फ की संपत्तियों पर भी कुछ कार्य किए जा रहे हैं?

जवाब: हमारी सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों की तालीम के लिए पूरे राज्य में वक्फ बोर्ड की ज़मीनों पर 55, 55 करोड़ की लागत से हर ज़िलों में आवासीय विद्यालय बनाए जाने का निर्णय लिया है कुछ ज़िलों में निर्माण कार्य भी
जारी है, राज्य के सभी ज़िलों में वक्फ बोर्ड की ज़मीनों पर बच्चियों के हॉस्टल बनवाने हैं जिसमें से 53 हॉस्टलों का संचालन भी शुरू हो गया है और 12 हॉस्टलों पर कार्य जारी है।

सवाल,4: बिहार उर्दू एकेडमी का सालाना बजट क्या है और उर्दू एकेडमी द्वारा चलाई जा रही प्रमुख योजनाएं कौन कौन सी हैं?

जवाब: बिहार उर्दू एकेडमी का वार्षिक बजट 2 करोड़ रूपए है,उर्दू हमारे राज्य की द्वितीय राजभाषा है उर्दू ज़बान और अदब की तरक्की व इशाअत के लिए एकेडमी का मुख्य उद्देश्य है। उर्दू एकेडमी शायरों, अदीबों और उर्दू पत्रकारों को इनामात से नवाजती रहती है माजूर और बुजुर्ग शायरों को पेंशन देने का कार्य करती है एकेडमी प्रमुख अवसरों पर यादगारी मुशायरों, अदबी सेमिनारों का आयोजन भी करती है और उर्दू प्रेमियों के लिए उर्दू एकेडमी द्वारा लर्निंग कोर्स कराने का भी इंतेजाम है।

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