(रुबरु इंडिया न्यूज )
प्रतापगढ़ जनपद के कटरा मेदनीगंज इलाके में झाड़ियों से बरामद हुए युवक आकाश यादव की मौत ने अब नया मोड़ ले लिया है। जहां पहले यह मामला एक संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के रूप में देखा जा रहा था, वहीं अब मृतक के परिजन इसे साफ तौर पर हत्या बता रहे हैं। घटना के दूसरे दिन मृतक के पिता उदय राज यादव दुबई से सीधे पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए पूरी जांच पर सवाल उठाए।
गौरतलब है कि सोमवार सुबह कटरा मेदनीगंज स्थित मां शीतला देवी धाम गेट के सामने एटीएल गेट नंबर एक के पास झाड़ियों में युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। शुरू में किसी ने भी युवक की हालत पर ध्यान नहीं दिया, क्योंकि लोगों को लगा कि शायद वह नशे में पड़ा है। दोपहर बाद जब उसी स्थिति में युवक के पड़े रहने की सूचना एक स्थानीय नागरिक ने पुलिस को दी, तब कोतवाली देहात पुलिस मौके पर पहुंची और पूरी घटना की जांच शुरू हुई।
मोबाइल से हुई पहचान, फोन बजते ही सामने आया नाम
पुलिस ने घटनास्थल से मृतक के पास पड़ा मोबाइल बरामद किया, जो डिस्चार्ज होने के कारण बंद था। चार्ज करने पर जैसे ही फोन ऑन हुआ, उस पर लगातार कॉल आने लगे। इन्हीं कॉल्स के जरिए युवक की पहचान पंडितपुर गांव, थाना रानीगंज निवासी आकाश यादव (पुत्र उदय राज यादव) के रूप में हुई।
आकाश सोमवार की शाम बगल के बाग में जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन देर रात वापस न आने पर परिजन उसकी तलाश में भटकते रहे। सुबह रानीगंज थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज भी कराई गई थी।
पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे दुबई से पिता, फूट-फूटकर रोते हुए लगाया हत्या का आरोप
बुधवार दोपहर आकाश के पिता उदय राज यादव दुबई से सीधे मोर्चरी पहुंचे। पिता को बेटे का शव देखकर रोना रोकना मुश्किल हो गया। उन्होंने जोरदार तरीके से हत्या का आरोप लगाया और कहा कि “मेरे बेटे को मारकर फेंका गया है, यह कोई सामान्य मौत नहीं है।”
मोर्चरी के बाहर पहले से मौजूद परिजनों ने भी पिता के पहुंचते ही हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का कहना है कि आकाश की हत्या की गई है और किसी ने सुनियोजित तरीके से उसके शव को झाड़ियों में फेंका है।
परिजन अंतिम संस्कार को तैयार नहीं, कहा—पहले अपराधी पकड़े जाएं
पोस्टमार्टम हो जाने के बाद बुधवार शाम करीब 4:30 बजे परिजन शव ग्रामीणों के साथ पंडितपुर गांव पहुंचा। शव घर पहुंचते ही माहौल मातम में बदल गया। आकाश की मां व चार बहनें बदहवास होकर गिर-गिरकर रोने लगीं। परिजनों का कहना था कि आकाश चार बहनों में इकलौता भाई था और परिवार का सहारा भी वही था।
परिजनों ने साफ कहा कि जब तक हत्या की गुत्थी नहीं सुलझती, तब तक वह अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। उनका कहना है कि पुलिस पहले अपराधियों को गिरफ्तार करे, उसके बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।
रानीगंज पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार परिजनों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन परिवार अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं है। गांव के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
आकाश की जिंदगी: पढ़ाई कर रहा था, पिता विदेश में
आकाश यादव ग्रेजुएशन कर रहा था और घर पर अपनी मां और बहनों के साथ रहता था। पिता उदय राज यादव रोजी-रोटी के सिलसिले में दुबई में काम करते हैं। परिजनों के अनुसार, आकाश शांत स्वभाव का था और किसी से दुश्मनी जैसी बात भी नहीं थी।
बहनों का कहना है कि उनका भाई बाग में गया था लेकिन रात भर वापस नहीं लौटा शीतला देवी मंदिर के पास रात में एक पोस्ट इंस्टाग्राम पर किया था जिससे लगता है कि वह अकेला नहीं था किसी के साथ गया हुआ था? ऐसे में सच्चाई आना जरूरी है। उन्होंने बताया कि “अगर किसी बात को लेकर विवाद हुआ होता तो वह घर जरूर फोन करता, पर ऐसा कुछ नहीं था। यह साफ-साफ हत्या लग रहा है।
फोरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत, पुलिस सभी एंगल पर कर रही जांच
फोरेंसिक टीम व पुलिस की जांच जारी, मोबाइल डेटा और कॉल डिटेल खंगाले जा रहे
फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई नमूने एकत्र किए हैं। पुलिस अब मोबाइल की सीडीआर, लोकेशन और आखिरी बार मिले संपर्कों की जांच कर रही है।
जांच के मुख्य बिंदु—
आकाश सोमवार शाम बाग में किससे मिलने गया था
वहां किसके साथ उसकी आखिरी लोकेशन ट्रेस हुई
इंस्टाग्राम पर आखिरी पोस्ट (स्टोरी)के बाद उसकी गतिविधियां क्या थीं
रात में उसका मोबाइल किस लोकेशन पर बंद हुआ
पुलिस का कहना है कि हत्या, दुर्घटना या किसी अन्य साजिश—सभी एंगल पर जांच जारी है।
गांव में तनाव, लोग गुस्से में—“पहले न्याय, फिर अंतिम संस्कार”पूरे गांव में आक्रोश है। ग्रामीणों ने भी कहा कि जब तक पुलिस सच्चाई सामने नहीं लाती, अंतिम संस्कार नहीं होने देंगे।
परिजन शव के पास बैठे रोते रहे और बार-बार एक ही मांग करते रहे—“पहले हत्यारे को पकड़ो, फिर हम दाह संस्कार करेंगे।”
घर में मातम, गांव में गुस्सा, पुलिस पर बढ़ा दबाव
आकाश की मौत से गांव में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती और आरोपी गिरफ्तार नहीं होते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
पोस्टमार्टम हाउस से शव घर लाने के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया। महिलाएँ विलाप करती रहीं। परिजनों ने शव को जमीन पर रखने से भी इनकार कर दिया और कहा कि “पहले न्याय, फिर अंतिम संस्कार।”
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि टीम लगातार लगी हुई है और जल्द ही घटना की तह तक पहुँचकर खुलासा किया जाएगा।
मामला अब बड़े विवाद में बदलता दिख रहा
जहां एक ओर पुलिस अपनी जांच में जुटी हुई है, वहीं दूसरी तरफ परिजनों का गुस्सा और अविश्वास बढ़ रहा है। पिता के दुबई से लौटते ही हत्या का आरोप लगना और परिजनों द्वारा अंतिम संस्कार से इंकार करना इस पूरे मामले को बेहद संवेदनशील बना देता है।
फिलहाल पुलिस गांव में मौजूद है और परिजनों को शांत कराने की कोशिश की जा रही है। आकाश की मौत का सच क्या है—इस पर पूरा प्रतापगढ़ टकटकी लगाए हुए है।
जांच की दिशा क्या मोड़ लेगी, यह आने वाले 24 घंटों में सामने आ सकता है।
























