प्रतापगढ़: बकरे के मटन की जगह बीफ परोसने का आरोप, शिकायत पर ग्राहकों से उलझा होटल स्टाफ, वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप


प्रतापगढ़ शहर के चर्चित इंडियन होटल  में मंगलवार शाम 4 बजे के आसपास  एक गंभीर और विवादित मामला सामने आया, जिसने खाद्य सुरक्षा और होटल संचालन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। होटल में खाना खाने पहुंचे ग्राहकों ने आरोप लगाया कि उन्हें बकरे के मटन के नाम पर संदिग्ध मांस परोसा गया, जो देखने में बीफ जैसा प्रतीत हो रहा था। मामला तब और बिगड़ गया जब शिकायत करने पर होटल स्टाफ ग्राहकों से उलझ गया।

इसी मांस के टुकड़े को लेकर शक हुआ था लेकिन होटल स्टॉफ की हड़बड़ाहट और गुंडई से शक और गहरा गया


जानकारी के अनुसार, शाम करीब 4 बजे दो युवक होटल में भोजन करने पहुंचे और मटन स्टू का ऑर्डर दिया। खाना खाते समय मटन के टुकड़ों में असामान्य मोटे रेशे दिखाई देने पर उन्हें संदेह हुआ। ग्राहकों का कहना है कि मांस की बनावट सामान्य बकरे के मटन जैसी नहीं लग रही थी, जिसके बाद उन्होंने स्टाफ से इस बारे में जानकारी मांगी।


आरोप है कि शिकायत सुनने के बजाय होटल स्टाफ ने ग्राहकों से बहस शुरू कर दी और कथित तौर पर दबंग अंदाज में जवाब दिया। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब ग्राहकों ने परोसे गए मांस का वीडियो बनाना शुरू किया। आरोप है कि स्टाफ ने वीडियो बनाने पर आपत्ति जताई और कथित रूप से विवादित मांस को तुरंत हटाकर फेंक दिया, हालांकि उससे पहले उसका वीडियो रिकॉर्ड हो चुका था।


ग्राहकों ने यह भी आरोप लगाया कि होटल में साफ-सफाई की स्थिति खराब थी और परोसा गया भोजन बासी तथा बदबूदार लग रहा था। उनका कहना है कि यदि ऐसे भोजन का सेवन किया जाए तो लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।


घटना के बाद वीडियो सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है, जिसके बाद लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो यह न केवल ग्राहकों के साथ धोखा है बल्कि धार्मिक और सामाजिक संवेदनाओं से भी जुड़ा गंभीर मामला बन सकता है।
इस घटना ने खाद्य सुरक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि नियमित जांच और सख्त कार्रवाई के अभाव में कुछ होटल संचालक मनमानी कर रहे हैं और ग्राहकों की सेहत से खिलवाड़ हो रहा है।


हालांकि होटल प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, भोजन के नमूने की जांच हो और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी ग्राहक को इस तरह की स्थिति का सामना न करना पड़े।


अब सबकी निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या इस मामले में सख्त कदम उठाए जाएंगे या यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह दबकर रह जाएगा।

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