प्रतापगढ़ में मस्जिद का ताला तोड़कर धमकी भरी इबारत! तीन लोगों को जान से मारने की चेतावनी से मचा हड़कंप, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश तो नहीं?
रानीगंज के सुल्तानपुर बाजार में रात के अंधेरे में हुई घटना, मस्जिद की दीवार पर लाल पेंट से लिखे गए आपत्तिजनक शब्द; माइक भी उठा ले गए अज्ञात लोग, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
प्रतापगढ़। जिले के रानीगंज थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर बाजार में शुक्रवार की रात एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने इलाके में हलचल मचा दी। अज्ञात लोगों ने मस्जिद के गेट का ताला तोड़कर न केवल अंदर प्रवेश किया, बल्कि दीवार पर लाल पेंट से आपत्तिजनक बातें लिखते हुए मस्जिद के जिम्मेदार तीन लोगों को जान से मारने की धमकी भी दे डाली। शनिवार सुबह घटना की जानकारी होते ही बाजार और आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई। दीवार पर लिखी धमकी और धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली इबारत देखकर स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया।
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात किसी समय अज्ञात लोग मस्जिद के गेट का ताला तोड़कर अंदर घुस गए। आरोप है कि उन्होंने मस्जिद की दीवार पर विशेष समुदाय को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक शब्द लिखे। दीवार पर लाल पेंट से हैदर अली और कुटुन्नू के नाम लिखकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। इसके साथ ही हॉर्न लगाने को लेकर भी आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। दीवार पर लिखे संदेश में प्रशासन की ओर से मना किए जाने के बावजूद हॉर्न लगाने का जिक्र करते हुए धमकी दी गई थी। इतना ही नहीं, मस्जिद के अंदर लगा माइक भी अज्ञात लोग उठा ले गए।

शनिवार सुबह करीब पांच बजे जब लोग मस्जिद पहुंचे तो गेट खुला हुआ मिला। अंदर जाकर दीवार पर लिखी इबारत देखी तो लोगों के होश उड़ गए। देखते ही देखते यह खबर पूरे बाजार में फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मस्जिद के पास इकट्ठा हो गए। घटना को लेकर लोगों में नाराजगी देखी गई और मौके पर हंगामे जैसी स्थिति बन गई।

सूचना मिलते ही रानीगंज पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और स्थिति को संभाला। इसके बाद मस्जिद की दीवार पर लिखे गए आपत्तिजनक शब्दों को मिटवा दिया गया। हैदर अली की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
आखिर किसकी साजिश? कई सवालों के घेरे में घटना
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं। आखिर रात के अंधेरे में मस्जिद का ताला तोड़कर इस तरह की हरकत करने वाले लोग कौन हैं? तीन लोगों के नाम लिखकर जान से मारने की धमकी देने के पीछे उनकी मंशा क्या थी? क्या यह किसी पुरानी रंजिश का नतीजा है या फिर धार्मिक भावनाओं को भड़काकर इलाके का माहौल खराब करने की कोई कोशिश की गई है?
सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि जब एक धार्मिक स्थल की दीवार को निशाना बनाकर आपत्तिजनक बातें लिखी गईं और माइक भी उठा ले जाया गया, तो इसके पीछे आखिर किसका हाथ है? क्या कोई आपसी भाईचारे और वर्षों से कायम सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाना चाहता है? हालांकि, अभी तक इन सवालों के जवाब सामने नहीं आए हैं। किसी भी संभावित साजिश या व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
अब पुलिस के खुलासे पर टिकी निगाहें
स्थानीय लोगों में घटना को लेकर नाराजगी है, लेकिन सभी की निगाहें अब पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। लोगों की मांग है कि मस्जिद में घुसकर धमकी लिखने और माइक ले जाने वाले आरोपियों की जल्द पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो और इलाके का आपसी भाईचारा कायम रहे।
सीओ प्रशांत राज ने बताया कि हैदर की शिकायत पर धमकी भरे लेख के मामले की जांच की जा रही है। पुलिस मामले को गंभीरता से ले रही है और जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है कि सुल्तानपुर बाजार की इस घटना के पीछे कौन लोग हैं और उनका मकसद क्या था? इसका जवाब पुलिस की जांच और खुलासे के बाद ही सामने आएगा।







