आसपुर देवसरा पुलिस ने चेकिंग के दौरान गधियावां-पट्टी रोड पर नारायण महाविद्यालय के पास तीन आरोपियों को पकड़ा, दहेज में दोपहिया वाहन और एक लाख रुपये मांगने का आरोप
प्रतापगढ़। जिले के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र में दहेज हत्या के एक गंभीर मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मृतका के पति और सास-ससुर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, रविवार को गधियावां-पट्टी रोड पर नारायण महाविद्यालय के पास चेकिंग के दौरान तीनों आरोपियों को पकड़ा गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मृतका का पति निखिल वर्मा, ससुर रामकुमार वर्मा और सास संगीता देवी शामिल हैं। पुलिस ने रविवार दोपहर करीब तीन बजे गिरफ्तारी की जानकारी दी। मामले में चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
दहेज की मांग और प्रताड़ना का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जौनपुर जिले के एक गांव के निवासी व्यक्ति ने अपनी बेटी काजल की शादी प्रतापगढ़ के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के गधियावां निवासी निखिल वर्मा के साथ की थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष की ओर से दहेज में दोपहिया वाहन और एक लाख रुपये की मांग की जा रही थी।
मृतका के मायके पक्ष का आरोप है कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर काजल को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। उसके साथ मारपीट किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। परिजनों ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि दहेज की मांग को लेकर काजल के साथ गंभीर ज्यादती की गई।
जहरीला पदार्थ खाने की सूचना के बाद बिगड़ी हालत
बताया गया कि 28 जुलाई 2026 को काजल के जहरीला पदार्थ खाने की सूचना मिली थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन उसे उपचार के लिए प्रयागराज लेकर पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
काजल की मौत के बाद मायके पक्ष में कोहराम मच गया। परिजनों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि दहेज की मांग को लेकर उनकी बेटी को प्रताड़ित किया गया और उसे जहरीला पदार्थ खिलाकर उसकी हत्या की गई।
हालांकि, जहरीला पदार्थ किस परिस्थिति में शरीर में पहुंचा और मौत के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच एवं संबंधित चिकित्सकीय और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगा। फिलहाल हत्या से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।
शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ मुकदमा
घटना के बाद मृतका के परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के क्रम में रविवार को पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है—
- निखिल वर्मा, उम्र करीब 22 वर्ष, मृतका का पति।
- रामकुमार वर्मा, उम्र करीब 46 वर्ष, मृतका का ससुर।
- संगीता देवी, उम्र करीब 42 वर्ष, मृतका की सास।
पुलिस ने तीनों को गधियावां-पट्टी रोड पर नारायण महाविद्यालय के पास चेकिंग के दौरान गिरफ्तार किया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और विवेचना जारी है। चौथे नामजद आरोपी की स्थिति के संबंध में उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट विवरण नहीं है।
दहेज उत्पीड़न के मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी
काजल की मौत का मामला एक बार फिर दहेज जैसी सामाजिक कुप्रथा के गंभीर और दर्दनाक परिणामों की ओर ध्यान दिलाता है। विवाह के बाद किसी महिला को दहेज की मांग के लिए प्रताड़ित करना न केवल सामाजिक अपराध है, बल्कि कानून के तहत भी गंभीर परिणाम वाला कृत्य हो सकता है।
ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच, साक्ष्यों का संकलन और दोषियों को कानून के दायरे में लाना बेहद जरूरी है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और समाज में स्पष्ट संदेश जाए कि दहेज उत्पीड़न और महिलाओं के खिलाफ हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फिलहाल आसपुर देवसरा पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी है। आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
थाना प्रभारी राकेश चौरसिया की कार्यशैली की सराहना
दहेज हत्या जैसे संवेदनशील मामले में पुलिस की सक्रियता सराहनीय, थाना प्रभारी राकेश चौरसिया के नेतृत्व में प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद
आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र में दहेज हत्या के गंभीर मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी को पुलिस की कार्रवाई के रूप में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे संवेदनशील प्रकरण में त्वरित कार्रवाई, निष्पक्ष विवेचना और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में प्रयास बेहद अहम होते हैं।
थाना प्रभारी राकेश चौरसिया की सराहना करते हुए कहा जा सकता है कि कानून-व्यवस्था के साथ-साथ महिलाओं की सुरक्षा और दहेज उत्पीड़न जैसे मामलों में गंभीरता बरतना पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इस प्रकरण में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस की कार्रवाई का उल्लेखनीय पहलू है।
जनता की अपेक्षा रहती है कि थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस इसी तरह संवेदनशील मामलों में तत्परता, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कार्य करे। साथ ही, विवेचना में हर तथ्य और साक्ष्य को महत्व देते हुए वास्तविक दोषियों को कानून के मुताबिक सजा दिलाने की दिशा में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए।







