ससुराल वालों को फोन कर पति ने दी आत्महत्या की सूचना, शरीर पर मिले चोट के निशान से गहराया शक; पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान हत्या की बात कबूलने का दावा
प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के नया पुरवा लालूपट्टी गांव में एक महिला और उसके दो साल के मासूम बेटे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, महिला के पति सुरेश पटेल पर पत्नी नीता पटेल और बेटे ईशु की गला दबाकर हत्या करने का आरोप है। आरोप है कि वारदात को आत्महत्या का रूप देने के लिए दोनों के शवों को फंदे से लटका दिया गया। इसके बाद आरोपी ने ससुराल वालों को फोन कर बताया कि उसकी पत्नी ने बेटे के साथ फांसी लगा ली है। हालांकि, मौके पर पहुंची पुलिस की शुरुआती जांच में दोनों के शरीर पर चोट के निशान मिलने के बाद मामला संदिग्ध हो गया। पुलिस ने पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने हत्या की बात कबूल की। यह जानकारी पुलिस की ओर से दी गई है।
फोन पर दी आत्महत्या की सूचना, मौके पर पहुंचे मायके वाले
घटना का खुलासा उस समय शुरू हुआ, जब सुरेश पटेल ने अपने ससुराल पक्ष को फोन करके सूचना दी कि उसकी पत्नी नीता ने अपने दो साल के बेटे के साथ फांसी लगा ली है। सूचना मिलने के बाद मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे। नीता के भाई लवकुश पटेल ने अपनी बहन और भांजे की मौत पर संदेह जताते हुए जीजा सुरेश पर हत्या का आरोप लगाया और पुलिस को सूचना दी।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। घर में महिला और बच्चे की मौत से हड़कंप मच गया। दोनों शवों को घर के बाहर चारपाई पर रखा गया था। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिस्थितियों की जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए।
शरीर पर चोट के निशान मिलने से पुलिस का शक गहराया
शुरुआत में मामला आत्महत्या का बताया जा रहा था, लेकिन पुलिस की शुरुआती जांच में महिला और उसके मासूम बेटे के शरीर पर मारपीट के निशान मिलने की बात सामने आई। इन परिस्थितियों ने पुलिस को मामले की गहराई से जांच करने की दिशा में आगे बढ़ाया।
पुलिस ने घटनास्थल की परिस्थितियों, परिजनों के आरोपों और शरीर पर मिले चोट के निशानों को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू की। इसके बाद महिला के पति सुरेश पटेल को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान सुरेश ने पत्नी और बेटे की हत्या करने की बात कबूल की। आरोप है कि उसने दोनों की हत्या करने के बाद वारदात को आत्महत्या दिखाने के लिए शवों को फंदे से लटकाया था। इसके बाद उसने ससुराल वालों को फोन करके पत्नी और बेटे के फांसी लगाने की कहानी बताई।
हालांकि, घटना के सटीक समय, हत्या से लेकर पुलिस के सामने कथित कबूलनामे तक कितने घंटे बीते और वारदात की पूरी समयरेखा के संबंध में उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया है।
शराब पीने और घरेलू विवाद को लेकर पहले भी होते थे झगड़े
नीता की मां लखपति ने आरोप लगाया कि सुरेश शराब पीने के बाद उनकी बेटी के साथ आए दिन मारपीट करता था। उनका कहना है कि कई बार मारपीट से परेशान होकर नीता मायके चली आती थी। घरेलू विवाद के कारण नीता करीब एक साल तक मायके में रही थी और लगभग दो महीने पहले ही वापस ससुराल आई थी।
परिजनों के अनुसार, सुरेश ने शराब पीने के लिए अपनी मोटरसाइकिल भी 80 हजार रुपये में गिरवी रख दी थी। इसकी जानकारी होने पर ससुराल पक्ष के लोगों ने रुपये देकर मोटरसाइकिल छुड़वाई थी। उस समय सुरेश को समझाया गया था और आगे से पत्नी के साथ मारपीट नहीं करने की हिदायत दी गई थी।
नीता की मां का आरोप है कि परिवार की ओर से समझाने और विवाद खत्म करने की कोशिशों के बावजूद उनकी बेटी की जान चली गई। इन आरोपों की पुष्टि जांच के अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जानी है।
दस साल पहले हुई थी शादी, तीन बच्चों की मां थी नीता
पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के अनुसार, सुरेश पटेल (32) की शादी करीब दस साल पहले मानिकपुर थाना क्षेत्र के अंतामऊ गांव की रहने वाली नीता पटेल (30) से हुई थी। दंपती के तीन बच्चे थे—वैष्णवी (7), नितिन (5) और ईशु (2)।
इस घटना में नीता और उसके सबसे छोटे बेटे ईशु की मौत हो गई। परिवार में हुई इस दोहरी मौत से गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। नीता के भाई लवकुश पटेल ने आरोप लगाया कि उसकी बहन और भांजे की हत्या सुरेश ने ही की है।
आईजी और एसपी समेत अधिकारी पहुंचे घटनास्थल
दो लोगों की मौत और हत्या की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। प्रयागराज के आईजी अजय मिश्रा, प्रतापगढ़ के एसपी दीपक भूकर और अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और संबंधित पुलिसकर्मियों से जानकारी ली।
फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया, ताकि मौत के कारणों और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों की चिकित्सकीय जांच हो सके।
पोस्टमॉर्टम और साक्ष्यों से स्पष्ट होगी घटना की पूरी तस्वीर
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आए चोट के निशान, परिजनों के आरोप और पूछताछ में हत्या की बात कबूलने संबंधी पुलिस के दावे ने मामले को गंभीर बना दिया है। अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर मौत की परिस्थितियों की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि पत्नी और मासूम बेटे की मौत को आत्महत्या बताने के लिए क्या-क्या किया गया और वारदात के पीछे की पूरी परिस्थितियां क्या थीं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना का सटीक समय, पुलिस को सूचना मिलने और आरोपी को हिरासत में लेने के बीच का अंतराल तथा पूछताछ की विस्तृत समयरेखा की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
नोट: यह समाचार उपलब्ध विवरण और पुलिस के बताए शुरुआती निष्कर्षों के आधार पर तैयार किया गया है। हत्या के आरोप, कथित कबूलनामे और घरेलू हिंसा संबंधी आरोपों को अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।







