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प्रतापगढ़ में दर्दनाक हादसा: घर के बाहर खेल रही कक्षा 3 की छात्रा को बालू लदे बेकाबू ट्रैक्टर ने कुचला, मौत से मचा कोहराम

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रुबरू इंडिया | प्रतापगढ़

प्रतापगढ़ में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने मासूम परिवार की खुशियां छीन लीं। महेशगंज थाना क्षेत्र के रायगढ़ अहलादगंज गांव में घर के बाहर खेल रही कक्षा तीन की छात्रा अंशी सरोज की बालू लदे ट्रैक्टर की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

घर के सामने खेल रही थी मासूम, तभी काल बनकर पहुंचा ट्रैक्टर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे रायगढ़ अहलादगंज गांव निवासी अंशी सरोज अपने घर के सामने सड़क किनारे खेल रही थी। इसी दौरान बालू से लदा एक ट्रैक्टर वहां पहुंचा। आरोप है कि ट्रैक्टर तेज रफ्तार और अनियंत्रित था, जिसकी चपेट में आने से बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे में बच्ची के चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। प्रत्यक्ष घटना विवरण के मुताबिक, उसके दांत और नाक भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और चेहरा खून से लथपथ हो गया।

हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद परिजन और ग्रामीण आनन-फानन में बच्ची को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) महेशगंज पहुंचे, लेकिन वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

मासूम की मौत से गांव में शोक, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

कक्षा तीन में पढ़ने वाली अंशी की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जिस घर के बाहर बच्ची की हंसी-खेल की आवाज गूंजती थी, वहां मातम छा गया। घटना से गांव के लोग भी स्तब्ध हैं। एक मासूम की असमय मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।

पुलिस ने ट्रैक्टर जब्त किया, चालक हिरासत में

घटना की सूचना मिलते ही महेशगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, दुर्घटना में शामिल बालू लदे ट्रैक्टर को जब्त कर लिया गया है।

महेशगंज थाना प्रभारी राहुल कुमार गौतम के मुताबिक, मृतका के पिता की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। ट्रैक्टर चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

बड़ा सवाल: रिहायशी इलाकों में भारी वाहनों की रफ्तार पर लगाम कब?

यह हादसा एक बार फिर गांवों की सड़कों पर भारी वाहनों की रफ्तार और सुरक्षित आवागमन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। रिहायशी इलाकों और आबादी वाले रास्तों पर भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान सावधानी, नियंत्रित गति और सुरक्षा नियमों का पालन बेहद जरूरी है, ताकि किसी दूसरे परिवार को ऐसा असहनीय दर्द न झेलना पड़े।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

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