बेल्हा में नशे के कारोबार पर पुलिस का प्रहार, 40.64 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ तीन गिरफ्तार
फतनपुर में पुलिस और स्पेशल टीम की संयुक्त कार्रवाई, तस्करी में इस्तेमाल स्विफ्ट डिजायर कार भी बरामद; एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज
प्रतापगढ़। बेल्हा में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की कार्रवाई लगातार अहम बनी हुई है। इसी क्रम में फतनपुर पुलिस और स्पेशल टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 40.64 ग्राम कथित अवैध एमडी (मेथामफेटामाइन) ड्रग्स के साथ तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक स्विफ्ट डिजायर कार और तलाशी के दौरान कुल 390 रुपये नकद भी बरामद किए हैं। मामले में थाना फतनपुर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(C) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 14 अक्टूबर 2026 को थाना फतनपुर क्षेत्र में बसिरहा नाला से आगे कैलीडीह की ओर जाने वाली सड़क पर ग्राम बसिरहा के पास की गई। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी आलोक कुमार और सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी रानीगंज प्रशांत राज के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी मनोज कुमार तोमर के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की।
जौनपुर और प्रतापगढ़ के रहने वाले आरोपी गिरफ्तार
पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नीलेश यादव पुत्र प्रकाश नाथ, निवासी साडीकला, थाना सुजानगंज, जनपद जौनपुर; अखिलेश कुमार रंजन पुत्र सोमई राम और मनीष यादव पुत्र लालबहादुर यादव, निवासी भुसहर मुजाही बाजार, थाना पट्टी, जनपद प्रतापगढ़ के रूप में हुई है।
पुलिस ने तीनों के कब्जे से 40.64 ग्राम एमडी ड्रग्स, स्विफ्ट डिजायर कार संख्या UP72AE5565 और 390 रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामदगी के संबंध में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, इस मामले में नशीले पदार्थ की कथित आपूर्ति कहां से हुई और इसे कहां पहुंचाया जाना था, इसकी जानकारी प्रेस नोट में नहीं दी गई है।
क्या है एमडी ड्रग्स और इसका सेवन कितना खतरनाक?
एमडी नाम से प्रचलित मेथामफेटामाइन एक शक्तिशाली उत्तेजक मादक पदार्थ है, जो मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र पर गंभीर असर डाल सकता है। इसके सेवन से कुछ समय के लिए व्यक्ति को अधिक ऊर्जा, जागते रहने और आत्मविश्वास बढ़ने जैसा महसूस हो सकता है। यही अस्थायी प्रभाव कुछ लोगों को इसके दोबारा सेवन की ओर खींच सकता है, लेकिन इसे वास्तविक स्वास्थ्य लाभ नहीं माना जा सकता।





