पशु चोरी गिरोह पर सांगीपुर पुलिस का शिकंजा, पांच जिंदा बमों के साथ तीन गिरफ्तार
स्पेशल टीम की सटीक सूचना और घेराबंदी से मिली बड़ी सफलता, चोरी में प्रयुक्त टाटा ऐस और 1580 रुपये बरामद









प्रतापगढ़। जिले में पशु चोरी की लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच सांगीपुर पुलिस और स्पेशल टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित पशु चोर गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से पांच जिंदा देशी बम, पशु बिक्री के 1580 रुपये नकद और चोरी में प्रयुक्त टाटा ऐस वाहन बरामद किया गया है। कार्रवाई को अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में अहम सफलता माना जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ दीपक भूकर के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत स्पेशल टीम लगातार संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की निगरानी कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना ने पुलिस को उस गिरोह तक पहुंचा दिया, जो कथित तौर पर रात के अंधेरे में घरों के बाहर बंधे पशुओं को निशाना बनाता था।
भैंस चोरी की घटना से खुला मामला
पुलिस के अनुसार, 1 अगस्त 2026 की रात ग्राम संडवा सुजाखर (गौहानी), थाना सांगीपुर क्षेत्र में एक व्यक्ति के घर के बाहर बंधी भैंस चोरी हो गई थी। सुबह जानकारी होने पर आसपास तलाश की गई तो खेतों की ओर भैंस के ताजा पैरों के निशान और वाहन के पहियों के निशान मिले। इससे आशंका जताई गई कि पशु को खेतों के रास्ते कुछ दूरी तक ले जाकर वाहन में लादा गया और चोर उसे लेकर फरार हो गए।
मामले में तहरीर के आधार पर थाना सांगीपुर में मु0अ0सं0 180/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने घटना के खुलासे के लिए जांच तेज कर दी।
शाहबरी के पास दबोचे गए तीन आरोपी
रात्रि गश्त और संदिग्ध वाहनों की चेकिंग के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली। इसके बाद थाना सांगीपुर पुलिस और स्पेशल टीम ने थाना क्षेत्र के शाहबरी के पास घेराबंदी की। कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को पकड़ लिया गया।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आजाद खां पुत्र शफीक, उम्र करीब 23 वर्ष, शफीक पुत्र नजर मोहम्मद, उम्र करीब 60 वर्ष और हफीज पुत्र शहाबुद्दीन, उम्र करीब 26 वर्ष, सभी निवासी ग्राम रामपुर कुर्मियान, थाना कंधई, जनपद प्रतापगढ़ के रूप में हुई।
तलाशी के दौरान इनके पास से पांच जिंदा देशी बम बरामद हुए। इसके अलावा पशु बिक्री से प्राप्त बताए गए 1580 रुपये नकद और घटना में प्रयुक्त टाटा ऐस वाहन संख्या UP72BT5866 भी पुलिस ने कब्जे में लिया। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराएं भी बढ़ाई गई हैं।
पूछताछ में दो और पशु चोरी का दावा
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर पशु चोरी की अन्य घटनाओं के बारे में भी जानकारी दी। उनके मुताबिक 1 अगस्त को संडवा सुजाखर गौहानी से एक भैंस तथा 21 जुलाई 2026 को ग्राम गोकुला कोठा नेवढ़िया से दो भैंस चोरी कर अमेठी स्थित पशु मेले में बेचने की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी रात में खुले स्थान पर बंधे पशुओं को निशाना बनाते थे और उन्हें वाहन में लादकर पशु मंडी में कम कीमत पर बेच देते थे। पूछताछ में यह भी सामने आया कि पकड़े जाने की स्थिति में बचाव के लिए वे अपने पास कथित तौर पर देशी बम रखते थे।
चालक मौके से फरार, तलाश जारी
पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान वाहन चालक मो. अकील पुत्र अब्दुल हकीम निवासी ताला बाजार, थाना कंधई, प्रतापगढ़ पुलिस को देखकर मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है। जांच में सामने आए अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
पुराने मुकदमों ने बढ़ाई गंभीरता
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है। शफीक के खिलाफ गोहत्या निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट, आयुध अधिनियम सहित करीब एक दर्जन मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। वहीं आजाद खां और हफीज के खिलाफ भी पूर्व में मुकदमे दर्ज होने की बात पुलिस ने बताई है।
खास बात यह है कि पुलिस रिकॉर्ड में शफीक के खिलाफ वर्ष 2009 से लेकर 2026 तक कई मुकदमों का उल्लेख है। इससे पुलिस कार्रवाई की गंभीरता और बढ़ जाती है।
स्पेशल टीम की रणनीति ने दिलाई सफलता
पूरे ऑपरेशन में स्पेशल टीम की भूमिका बेहद अहम रही। प्रभारी स्पेशल टीम उपनिरीक्षक विजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने सूचना को गंभीरता से लेते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी और पुलिस टीम के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई को अंजाम दिया।
स्पेशल टीम के हेड कांस्टेबल भानु प्रताप सिंह, हेड कांस्टेबल मनोज कुमार यादव, कांस्टेबल माधवेश राय, कांस्टेबल मुकेश पटेल, कांस्टेबल आनन्द यादव और कांस्टेबल पियूष यादव की भूमिका भी कार्रवाई में रही। वहीं थाना सांगीपुर की टीम भी शामिल रही वही स्पेशल टीम के कांस्टेबल मुकेश पटेल की अहमद भूमिका रहे लगातार जिस थाने पर रहे अपने काम के दम से हमेशा चर्चा में रहते थे टीम में जाने के बाद लगातार एक के बाद एक घटनाओं का खुलासा करने में मदद के रहे
पुलिस की यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि पशु चोरी जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए केवल मुकदमा दर्ज करना ही नहीं, बल्कि गिरोह की गतिविधियों तक पहुंचकर कार्रवाई करना जरूरी है। मुखबिर तंत्र, रात्रि गश्त और संदिग्ध वाहनों की चेकिंग के बीच स्पेशल टीम की सक्रियता ने इस मामले के खुलासे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब फरार वाहन चालक की गिरफ्तारी और आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर अन्य घटनाओं की कड़ियां जोड़ना पुलिस के सामने अगली चुनौती है।
नोट: उपरोक्त खबर पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट में दिए गए तथ्यों और आरोपों के आधार पर तैयार की गई है।







