प्रतापगढ़। जिले में अनुसूचित जाति की एक महिला से तमंचा सटाकर दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट हेमंत कुमार की अदालत ने हथिगवां थाना क्षेत्र के आरोपी दिनेश गिरी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास के साथ 21,200 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
अदालत ने मामले में सुनवाई के बाद साक्ष्यों के अभाव में सहआरोपी उमेश और छोटेलाल गिरी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 26 अक्टूबर 2020 की भोर में हुई थी। पीड़िता अपने घर के पास टहल रही थी, तभी हथिगवां थाना क्षेत्र के रहने वाले आरोपी दिनेश गिरी ने उसे रोक लिया। आरोप है कि उसने पीड़िता पर तमंचा सटाकर उसे जबरन जंगल की ओर ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया।
पीड़िता के मुताबिक घटना के दौरान आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी। उसने कहा कि यदि उसने इस घटना के बारे में किसी को बताया तो वह उसके पति और परिवार के अन्य सदस्यों को गोली मार देगा। इस धमकी के कारण पीड़िता काफी समय तक सहमी रही।
घटना के बाद पीड़िता अपने मायके चली गई। पीड़िता का आरोप है कि कुछ दिनों बाद आरोपी दिनेश गिरी उसके मायके पहुंच गया और मामले को दबाने के लिए 20 हजार रुपये देने की कोशिश की। उसने पीड़िता पर दबाव बनाया कि वह किसी से घटना का जिक्र न करे और मामला खत्म कर दे।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी के पक्ष में उमेश और छोटेलाल गिरी ने भी उसके पति और परिवार के सदस्यों को धमकी दी थी। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और मामले की जांच शुरू हुई।
पुलिस ने जांच के दौरान साक्ष्य जुटाकर आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुरेश बहादुर सिंह ने अदालत में पीड़िता के बयान, गवाहों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ मजबूत पैरवी की।
सभी पक्षों को सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने मुख्य आरोपी दिनेश गिरी को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 21,200 रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
हालांकि सहआरोपी उमेश और छोटेलाल गिरी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के कारण अदालत ने उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। अदालत के फैसले के बाद पीड़िता पक्ष ने न्याय मिलने पर संतोष जताया है।






