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कोर्ट लॉकअप में बंदी से मारपीट का आरोप, परिजनों के हंगामे के बाद पहुंची पुलिस; जांच शुरू

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प्रतापगढ़। जिला न्यायालय परिसर में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब पेशी पर लाए गए एक बंदी के साथ न्यायालय के सेशन लॉकअप में कथित रूप से मारपीट किए जाने का मामला सामने आया। घटना के बाद बंदी के परिजनों ने अदालत परिसर में हंगामा कर दिया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित किया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर क्षेत्र के मीरा भवन निवासी हलीम पठान वर्ष 2014 से जिला कारागार में बंद है। वह हत्या के प्रयास के एक मामले में निरुद्ध है। मंगलवार को उसे जिला जेल से पेशी के लिए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) कक्ष संख्या-1 में पेश करने के लिए लाया गया था।

पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता का आरोप है कि पेशी से पहले जब हलीम पठान को न्यायालय परिसर के सेशन लॉकअप में रखा गया था, उसी दौरान वहां ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी ने उसके साथ मारपीट कर दी। अधिवक्ता का कहना है कि मारपीट के कारण बंदी गंभीर रूप से घायल हो गया और लॉकअप के अंदर ही लहूलुहान अवस्था में पड़ा रहा।

बताया जा रहा है कि इसी दौरान अदालत में पैरवी के लिए आए बंदी के परिजनों को जब इस घटना की जानकारी हुई और उन्होंने हलीम पठान को घायल अवस्था में देखा तो वे आक्रोशित हो उठे। परिजनों ने मौके पर ही जोरदार विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से न्यायालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और वहां मौजूद लोगों की भीड़ जुट गई।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय परिसर में तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल उच्च अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए और परिजनों को समझाकर मामला शांत कराया। इसके बाद घायल बंदी की स्थिति की जानकारी ली गई और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई।

पीड़ित बंदी के अधिवक्ता ने इस मामले को गंभीर बताते हुए संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अधिवक्ता ने न्यायालय में तहरीर देकर बंदी का मेडिकल परीक्षण कराए जाने तथा मारपीट करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी बंदी के साथ न्यायालय परिसर के भीतर ही इस प्रकार की घटना होती है तो यह बेहद चिंताजनक है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। लॉकअप में तैनात पुलिसकर्मियों से पूछताछ की जा रही है और वहां मौजूद अन्य लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के बाद कुछ देर तक न्यायालय परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। हालांकि पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हो गई। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बंदी के साथ वास्तव में क्या हुआ और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

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