प्रतापगढ़ में बाबा साहब की खंडित मूर्ति बदलने पर दो पक्ष आमने-सामने, नई मूर्ति पंचायत घर में रखी गई
प्रतापगढ़। जनपद के रानीगंज थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव की हरिजन बस्ती में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की खंडित मूर्ति को बदलने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। करीब 23 साल पहले स्थापित की गई इस मूर्ति के क्षतिग्रस्त होने के बाद नई मूर्ति लगाने की पहल से गांव में तनाव का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2003 में उस समय के प्रधान रहे कन्हैया लाल द्वारा हरिजन बस्ती में बाबा साहब की प्रतिमा स्थापित कराई गई थी। समय बीतने के साथ मूर्ति जर्जर हो गई और कई जगहों से उसमें दरारें पड़ गईं। यहां तक कि मूर्ति का हाथ भी टूट गया था। इसे लेकर ग्रामीणों में लंबे समय से नाराजगी थी। उनका कहना है कि उन्होंने कई बार वर्तमान और पूर्व प्रधान को सूचना दी, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

ग्रामीणों के अनुसार, गांव के ही निवासी सुरेंद्र कुमार यादव ने सोमवार शाम लोगों के सहयोग से वाराणसी से बाबा साहब की नई मूर्ति मंगवाई। जब वह पुरानी मूर्ति को हटाकर नई मूर्ति स्थापित करने लगे, तभी विवाद की स्थिति बन गई। आरोप है कि पूर्व प्रधान मौके पर पहुंचे और नई मूर्ति लगाने का विरोध करते हुए कहा कि पुरानी मूर्ति उनके पिता द्वारा लगवाई गई थी, इसलिए उसे बदलने का अधिकार भी उन्हीं को है। उन्होंने नई मूर्ति को कहीं और स्थापित करने की बात कही और उसी स्थान पर लगाने से मना कर दिया।
इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभालने का प्रयास किया। जब मामला शांत नहीं हुआ तो पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पुलिस ने नई लाई गई मूर्ति को गांव के पंचायत घर में रखकर उस पर ताला लगा दिया है, जिससे लोगों में और नाराजगी बढ़ गई है। ग्रामीणों के अनुसार, मूर्ति लंबे समय से खंडित थी और उनकी भावनाएं आहत हो रही थीं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब जब उन्होंने खुद प्रयास कर नई मूर्ति लाई, तो उसमें भी बाधा डाली जा रही है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द नई मूर्ति को उसी स्थान पर स्थापित कराया जाए, ताकि विवाद समाप्त हो सके और गांव में शांति बनी रहे। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस की निगरानी भी बढ़ा दी गई है। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।







