रानीगंज तहसील में एसडीएम के स्थानांतरण को लेकर अधिवक्ताओं का आंदोलन तेज, क्रमिक अनशन भूख हड़ताल में बदल
प्रतापगढ़ जनपद के रानीगंज तहसील परिसर में उपजिलाधिकारी के स्थानांतरण की मांग को लेकर अधिवक्ताओं का आंदोलन अब और उग्र रूप लेता जा रहा है। पिछले 14 दिनों से चल रहा क्रमिक अनशन सोमवार को भूख हड़ताल में तब्दील हो गया, जिससे तहसील परिसर में आंदोलन का माहौल और गरमा गया।
आंदोलन की अगुवाई कर रहे अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक रानीगंज के एसडीएम विमल कुमार का पूर्ण रूप से स्थानांतरण नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। अधिवक्ताओं के लगातार विरोध प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन ने तीन दिन पूर्व एसडीएम के न्यायिक अधिकार दूसरे अधिकारी को सौंप दिए थे, लेकिन इससे आंदोलनकारी संतुष्ट नहीं हुए।
सोमवार को चल रहे क्रमिक अनशन के दौरान अधिवक्ताओं की बैठक हुई, जिसमें आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद जिला बार के पूर्व उपाध्यक्ष लाल बहादुर यादव तथा तहसील बार एसोसिएशन के मंत्री अजय त्रिपाठी भूख हड़ताल पर बैठ गए।
सभा को संबोधित करते हुए पूर्व न्यायिक सदस्य देवेश प्रताप सिंह ने कहा कि अधिवक्ताओं की मांग न्यायसंगत है और जब तक स्थानांतरण आदेश जारी नहीं होता, आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि पखवाड़े भर से चल रहे आंदोलन के बावजूद किसी भी जनप्रतिनिधि ने अधिवक्ताओं का हाल जानने की जरूरत नहीं समझी।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि जिला प्रशासन उनकी न्यायिक मांगों पर गंभीरता नहीं दिखा रहा है, जिससे अधिवक्ताओं में आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो बड़ी संख्या में अधिवक्ता आमरण अनशन पर बैठ सकते हैं, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस दौरान आंदोलन स्थल पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे, जिनमें शिवेंद्र प्रताप सिंह, सुरेश चंद्र शुक्ला, वसीम अहमद, सीबी सिंह, शैलेश पांडेय, अशोक कुमार पाण्डेय तथा बसंत यादव सहित सैकड़ों अधिवक्ता शामिल रहे।
रानीगंज तहसील क्षेत्र प्रतापगढ़ में चल रहे इस आंदोलन पर अब जिला प्रशासन के अगले कदम का इंतजार किया जा रहा है, क्योंकि अधिवक्ताओं ने पीछे हटने से साफ इनकार कर दिया है।







