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तहसील परिसर में अधिवक्ताओं की भूख हड़ताल जारी, स्वास्थ्य बिगड़ने लगा, जिम्मेदार अब तक बेखबर

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तहसील परिसर में अधिवक्ताओं की भूख हड़ताल जारी, स्वास्थ्य बिगड़ने लगा, जिम्मेदार अब तक बेखबर

प्रतापगढ़। तहसील परिसर में अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। बीते 14 दिनों से चल रहे क्रमिक अनशन ने अब भूख हड़ताल का रूप ले लिया है, जिसके चलते आंदोलनरत अधिवक्ताओं की तबीयत पर भी असर पड़ने लगा है। सोमवार 16 फरवरी की दोपहर से अधिवक्ताओं ने क्रमिक अनशन समाप्त कर पूर्ण भूख हड़ताल शुरू कर दी, जिसके बाद से वे लगातार तहसील परिसर में डटे हुए हैं।

बताया जा रहा है कि अधिवक्ता लाल बहादुर यादव व अजय त्रिपाठी,रात भर भी परिसर में ही धरने पर बैठे रहे। मंगलवार सुबह जब साथी अधिवक्ता और स्थानीय लोग धरनास्थल पर पहुंचे तो भूख हड़ताल पर बैठे दोनों अधिवक्ताओं की सेहत में गिरावट देखी गई। लंबे समय से भोजन न लेने के कारण कमजोरी और चक्कर आने जैसी शिकायतें सामने आईं। इसके बावजूद आंदोलनरत अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों से पीछे हटने से साफ इनकार कर दिया है।

धरने पर बैठे अधिवक्ताओं का कहना है कि उनका आंदोलन 3 फरवरी से लगातार जारी है, लेकिन अब तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी, जनप्रतिनिधि या प्रशासनिक प्रतिनिधि उनकी समस्याओं को सुनने तक नहीं पहुंचा। उनका आरोप है कि प्रशासन जानबूझकर इस मुद्दे को नजरअंदाज कर रहा है, जिससे अधिवक्ताओं में भारी नाराजगी है।

अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र किया जा सकता है,और अधिवक्ता अजय त्रिपाठी ने कहा जरूरत पड़ी तो आत्मदाह भी करूंगा ज़

जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

तहसील परिसर में चल रहे इस आंदोलन को लेकर स्थानीय लोगों में भी चर्चा तेज है। कई सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने चिंता जताते हुए प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर मामले का समाधान निकालने की अपील की है, ताकि आंदोलनरत अधिवक्ताओं के स्वास्थ्य पर कोई गंभीर असर न पड़े।

फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और सबकी निगाहें प्रशासनिक कदमों पर टिकी हैं कि आखिर कब जिम्मेदार अधिकारी धरनास्थल पहुंचकर आंदोलनकारियों की मांगों पर ध्यान देंगे।

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