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स्कूल का सपना टूटा: ईंट लदे ट्रैक्टर ने ली छात्रा की जान, सड़क पर शव रख प्रदर्शन

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🚨 दर्दनाक हादसा या लापरवाही? साइकिल से स्कूल जा रही छात्रा को ईंट लदे ट्रैक्टर ने कुचला, मौत के बाद परिजनों का सड़क पर हंगामा

परिजन शव को सड़क पर रख बैठे

प्रतापगढ़। जनपद के रानीगंज थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को गम और गुस्से में डुबो दिया। साइकिल से स्कूल जा रही 13 वर्षीय छात्रा को ईंट लदे ट्रैक्टर ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और जमकर हंगामा किया।

घटना रानीगंज थाना क्षेत्र के दमदम गांव के पास बिछुरा-दमदम बॉर्डर की है। मृतक छात्रा की पहचान रोशनी बिंद (13 वर्ष), पुत्री सूर्यपाल बिंद, निवासी दमदम गांव के रूप में हुई है। रोशनी बुधवार सुबह अपनी सहेलियों दिव्या बिंद और करिश्मा बिंद के साथ साइकिल से स्कूल जा रही थी। वह हाल ही में कक्षा 8 पास कर कक्षा 9 में प्रवेश लेने के लिए उत्साहित थी और पढ़ाई को लेकर बेहद गंभीर मानी जाती थी।

सूचना के बार मौके पर पहुंचे परिजन रोते बिलखते

🚴‍♀️ स्कूल जाते समय हुआ हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तीनों छात्राएं अलग-अलग साइकिलों से जा रही थीं। जैसे ही वे बिछुरा-दमदम बॉर्डर के पास पहुंचीं, पीछे से एक ट्रैक्टर आया जिसमें ईंटें लदी हुई थीं। आरोप है कि ट्रैक्टर चालक लापरवाही ही नहीं बल्कि संदिग्ध तरीके से वाहन चला रहा था।

चश्मदीदों का कहना है कि ट्रैक्टर चालक बार-बार ट्रैक्टर को आगे-पीछे कर रहा था। जब छात्राएं आगे बढ़तीं तो वह पीछे करता और जब वे रुकतीं तो आगे बढ़ता। इस दौरान वह छींटाकशी भी कर रहा था, जिससे छात्राएं घबरा गई थीं।

⚠️ जानबूझकर मारी टक्कर का आरोप

इसी ट्रैक्टर ट्राली से हुई घटना

ग्रामीणों और सहेलियों का आरोप है कि ट्रैक्टर चालक ने जानबूझकर ट्रॉली पीछे कर दी, जिससे वह रोशनी की साइकिल से टकरा गई। टक्कर लगते ही रोशनी साइकिल से गिर गई और इससे पहले कि वह संभल पाती, ट्रॉली का पिछला पहिया उसके ऊपर चढ़ गया।

इस दर्दनाक घटना में रोशनी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे को देखकर साथ की छात्राओं ने चीख-पुकार मचाई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घटना के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया।

😢 परिवार में मचा कोहराम

घटना की सूचना मिलते ही रोशनी के घर में कोहराम मच गया। रोशनी चार बहनों और एक भाई में तीसरे नंबर की थी। परिवार के लोग बिलख-बिलख कर रोने लगे। उसकी मां और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था।

रोशनी के पिता सूर्यपाल बिंद मुंबई में मजदूरी करते हैं और वह दो दिन पहले ही काम के लिए मुंबई गए थे। बेटी की मौत की खबर मिलते ही उनके ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

🎓 पढ़ाई में थी होनहार, देखती थी बड़े सपने

ग्रामीणों के अनुसार, रोशनी पढ़ाई में बहुत तेज थी और आगे चलकर सरकारी नौकरी करना चाहती थी। उसने हाल ही में कक्षा 8 पास की थी और बड़े उत्साह के साथ कक्षा 9 में दाखिला लेने जा रही थी। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

🚔 पुलिस पहुंची, लेकिन भड़का आक्रोश

सूचना पर पहुंची पुलिस परिजनों को समझा रही

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन तब तक ग्रामीणों का गुस्सा भड़क चुका था। लोगों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और ट्रैक्टर चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।

ग्रामीणों का आरोप है कि यह हादसा नहीं बल्कि हत्या है और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उनका कहना था कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक शव नहीं उठने दिया जाएगा।

स्थिति को देखते हुए तीन थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और हालात को काबू में करने की कोशिश की। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन और ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे।

⚖️ कार्रवाई की मांग पर अड़े परिजन

परिजनों का साफ कहना है कि जिस तरह से ट्रैक्टर चालक ने लापरवाही और जानबूझकर इस घटना को अंजाम दिया है, उसे सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी हरकत है।

🚧 जाम से आम जनता परेशान

शव को सड़क पर रखकर किए गए जाम के कारण इलाके में यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई।

👮 पुलिस का बयान

खबर लिखे जाने तक पुलिस मौके पर मौजूद थी और परिजनों को समझाने का प्रयास कर रही थी। पुलिस का कहना है कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा और आरोपी ट्रैक्टर चालक की तलाश की जा रही है।

❗ सवालों के घेरे में सिस्टम

इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और लापरवाह ड्राइविंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण इलाकों में बिना नियमों के चलने वाले भारी वाहन अक्सर ऐसे हादसों को जन्म देते हैं।

🕯️ एक सपना अधूरा रह गया

रोशनी बिंद का सपना था कि वह पढ़-लिखकर एक सरकारी अधिकारी बने और अपने परिवार का नाम रोशन करे। लेकिन एक लापरवाह ट्रैक्टर चालक की वजह से उसका यह सपना हमेशा के लिए अधूरा रह गया।


यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि सड़क पर लापरवाही कितनी खतरनाक साबित हो सकती है। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करती है और क्या रोशनी को इंसाफ मिल पाता है या नहीं।

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