बच्चों के खेल से शुरू हुआ विवाद बना खूनी संघर्ष, तीन लोग घायल, चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज

प्रतापगढ़। जनपद के रानीगंज थाना क्षेत्र के कायस्थ पट्टी गांव में सोमवार सुबह एक मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। बच्चों के खेलने को लेकर शुरू हुआ झगड़ा देखते ही देखते इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और मारपीट में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर तनाव का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, कायस्थ पट्टी निवासी फज़ील अहमद (48) पुत्र महरोज अली के परिवार और दूसरे पक्ष के बीच बच्चों के खेलने को लेकर सुबह करीब 9 बजे कहासुनी शुरू हुई थी। उस समय स्थानीय लोगों और परिजनों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया था। लेकिन कुछ ही देर बाद दोनों पक्षों के बीच फिर से विवाद भड़क उठा, जो इस बार मारपीट में बदल गया।
इस दौरान फज़ील अहमद, उनकी भाभी शहनाज बानो (42) पत्नी महफूज अली और इंजमाम (19) पुत्र महफूज अली घायल हो गए। बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान लाठी-डंडों का भी इस्तेमाल किया गया, जिससे घायलों को गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद परिजनों ने तत्काल घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही रानीगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने दोनों पक्षों से पूछताछ कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना से गांव में दहशत का माहौल है, वहीं लोग इस बात से हैरान हैं कि एक छोटी सी बात पर इतना बड़ा विवाद हो गया।
फज़ील अहमद की तहरीर के आधार पर पुलिस ने दूसरे पक्ष के इस्तेखार, रहमान, मिस्बाह और उजैफ़ के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते विवाद को पूरी तरह शांत करा दिया जाता, तो शायद इतनी बड़ी घटना नहीं होती। दूसरी तरफ से भी एक महिला के घायल होने की बात की जा रही थी।फिलहाल पुलिस गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी कर रही है और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सतर्क है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सभी आरोपियों की तलाश की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं घायलों की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि छोटे-छोटे विवाद कैसे बड़े हादसों में बदल जाते हैं, अगर समय रहते उन्हें गंभीरता से न लिया जाए।






