गाजियाबाद में 27 लाख की लूट का खूनी अंत: एक लाख के इनामी समीर-जुबैर एनकाउंटर में ढेर, 20 मिनट चली गोलियों की बारिश
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 27 लाख रुपए की सनसनीखेज कैश वैन लूट का मामला अब खूनी मोड़ पर पहुंच गया है। मंगलवार देर रात वेव सिटी थाना क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई जबरदस्त मुठभेड़ में कैश वैन लूटकांड के मास्टरमाइंड पुलिस के अनुसार जुबैर और उसके साथी समीर को पुलिस ने मार गिराया। दोनों पर एक-एक लाख रुपए का इनाम घोषित था। मुठभेड़ इतनी खतरनाक थी कि करीब 20 मिनट तक ताबड़तोड़ गोलियां चलती रहीं। इस दौरान एक सब इंस्पेक्टर समेत दो कॉन्स्टेबल गोली लगने से घायल हो गए।
गाजियाबाद पुलिस की यह कार्रवाई पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गई है। पुलिस का दावा है कि दोनों बदमाश बेहद शातिर थे और 6 मई को हुई 27 लाख रुपए की लूट की पूरी साजिश इन्हीं ने रची थी। पुलिस अब फरार दो अन्य बदमाशों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
रात के अंधेरे में चली गोलियां, जंगल में मची भगदड़

मंगलवार रात पुलिस को सूचना मिली थी कि वेव सिटी इलाके में कुछ बदमाश बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम अलर्ट हो गई। इलाके में घेराबंदी कर वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी गई।
इसी दौरान एक संदिग्ध स्विफ्ट कार तेज रफ्तार में आती दिखाई दी। पुलिस ने कार को रुकने का इशारा किया, लेकिन कार सवार बदमाशों ने रुकने के बजाय पुलिस पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी। अचानक गोलियों की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक बदमाश लगातार फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश कर रहे थे। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया। दोनों तरफ से करीब 15 से ज्यादा राउंड फायरिंग हुई। मुठभेड़ के दौरान एक सब इंस्पेक्टर और दो कॉन्स्टेबल घायल हो गए, लेकिन पुलिस पीछे नहीं हटी।
जब पुलिस का दबाव बढ़ा तो बदमाश स्विफ्ट कार जंगल के किनारे छोड़कर पैदल भागने लगे। इसी दौरान पुलिस की गोली लगने से समीर और जुबैर गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जुबैर था पूरी लूट का मास्टरमाइंड
पुलिस जांच में सामने आया कि मारा गया जुबैर ही पूरी लूटकांड का मास्टरमाइंड था। उसने अपने गैंग के साथ मिलकर कई दिनों तक कैश वैन की रेकी की थी। पुलिस के अनुसार बदमाशों ने पूरी योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया था।
जुबैर और उसके साथी जानते थे कि किस समय कैश वैन एटीएम में पैसा भरने पहुंचती है, कितने कर्मचारी साथ रहते हैं और किस वक्त सुरक्षा में चूक हो सकती है। इसी जानकारी के आधार पर उन्होंने दिनदहाड़े 27 लाख रुपए लूट लिए थे।
समीर भी गैंग का सक्रिय सदस्य था और हथियारों के साथ वारदात में शामिल रहा। दोनों बदमाश गाजियाबाद के विजयनगर इलाके के रहने वाले बताए गए हैं।
पुलिस कमिश्नर ने घोषित किया था एक-एक लाख का इनाम
गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ ने दोनों बदमाशों पर एक-एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। पुलिस लगातार उनकी तलाश में दबिश दे रही थी।
मुठभेड़ के बाद पुलिस कमिश्नर ने बताया कि चार बदमाश स्विफ्ट कार में सवार थे। इनमें से दो बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। उनकी गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं।
पुलिस का कहना है कि फरार बदमाशों में समीर का भाई शोएब और फिरोज शामिल हैं। दोनों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
मौके से बरामद हुए हथियार और लाखों रुपए

पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से दो पिस्टल, दो तमंचे और लूट में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार बरामद की है। इसके अलावा बदमाशों के पास से 9 लाख 10 हजार रुपए नकद भी बरामद हुए हैं।
यह रकम उसी 27 लाख रुपए की लूट का हिस्सा बताई जा रही है, जिसे बदमाशों ने कैश वैन से लूटा था। पुलिस अब बाकी रकम की तलाश में जुटी है।
कैसे हुई थी 27 लाख की सनसनीखेज लूट?
यह पूरा मामला 6 मई का है। क्रासिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र में एक्सप्रेस-वे से सटे एचपी पेट्रोल पंप के पास इंडिया वन का एटीएम बूथ मौजूद है। यह एटीएम मुख्य सड़क से करीब 50 मीटर अंदर गली में स्थित है।
दोपहर करीब 1 बजे कंपनी की कैश वैन वहां पहुंची। वैन में चार कर्मचारी मौजूद थे। गार्ड और दो कर्मचारी कैश लेकर एटीएम में पैसा डालने चले गए, जबकि ड्राइवर तेजभान वैन में बैठा रहा।
इसी दौरान पहले से घात लगाए बदमाशों ने हमला बोल दिया। बदमाशों ने तमंचे के बल पर ड्राइवर को कब्जे में ले लिया। जब ड्राइवर ने विरोध करने की कोशिश की तो बदमाशों ने उसकी पिटाई की और हवा में फायरिंग कर दहशत फैला दी।
इसके बाद बदमाश कैश वैन लेकर फरार हो गए। पूरी घटना इतनी तेजी से हुई कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
दो घंटे बाद मिली खाली कैश वैन
लूट की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। जिलेभर में नाकेबंदी कर दी गई। पुलिस टीमों ने सीसीटीवी कैमरे खंगालने शुरू कर दिए।
करीब दो घंटे बाद मसूरी थाना क्षेत्र में एक्सप्रेस-वे किनारे कैश वैन बरामद हुई, लेकिन उसमें रखे 27 लाख रुपए गायब थे।
पुलिस जब वैन के अंदर पहुंची तो देखा कि बदमाशों ने सबूत मिटाने के लिए सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर को कुल्हाड़ी से तोड़ डाला था। इससे साफ हो गया कि लूट की योजना बेहद प्रोफेशनल तरीके से बनाई गई थी।
ड्राइवर और कर्मचारियों पर भी गया था शक
शुरुआत में पुलिस को इस लूट में अंदरूनी मिलीभगत की आशंका हुई। वजह थी कि कर्मचारियों और ड्राइवर के बयान अलग-अलग थे।
पुलिस को यह बात भी खटक रही थी कि जब गार्ड और कर्मचारी कैश लेकर एटीएम के अंदर गए, तब ड्राइवर ने वैन की खिड़की क्यों खुली रखी? आमतौर पर ऐसी स्थिति में कैश वैन पूरी तरह लॉक रहती है।
पुलिस ने ड्राइवर तेजभान और एक कर्मचारी को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की। अधिकारियों का मानना था कि बदमाशों को कैश वैन की हर गतिविधि की सटीक जानकारी थी।
हालांकि बाद में सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के जरिए साफ हुआ कि वारदात बाहरी बदमाशों ने अंजाम दी थी। इसके बाद पुलिस ने असली लुटेरों की तलाश तेज कर दी।
रेकी के बाद रची गई थी पूरी साजिश
जांच में पता चला कि बदमाश कई दिनों से कैश वैन की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। उन्होंने यह भी देख लिया था कि किस वक्त सुरक्षा में सबसे ज्यादा ढील रहती है।
घटना वाले दिन बदमाश पैदल ही एटीएम के आसपास घूमते रहे। जैसे ही गार्ड और कर्मचारी कैश लेकर अंदर गए, उन्होंने ड्राइवर को निशाना बना लिया।
पुलिस का कहना है कि बदमाशों ने पहले ड्राइवर को डराया, फिर हथियार दिखाकर खिड़की खुलवाई। इसके बाद पूरी वारदात को कुछ ही मिनटों में अंजाम दे दिया गया।
पुलिस ने ऐसे पहुंचा बदमाशों तक
गाजियाबाद पुलिस ने इस केस को सुलझाने के लिए कई टीमें बनाई थीं। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस धीरे-धीरे बदमाशों तक पहुंची।
सोमवार को पुलिस ने मोहम्मद कैफ और मोहम्मद रिजवान को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने कई अहम खुलासे किए। इन्हीं इनपुट्स के आधार पर पुलिस को समीर और जुबैर की लोकेशन मिली।
इसके बाद वेव सिटी इलाके में जाल बिछाया गया और देर रात मुठभेड़ हो गई।
मुठभेड़ के बाद इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
एनकाउंटर के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। पुलिस लगातार जंगल और आसपास के क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन चला रही है ताकि फरार बदमाशों को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
घायल पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। अधिकारियों ने कहा कि सभी घायल खतरे से बाहर हैं।
अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश
गाजियाबाद पुलिस की इस कार्रवाई को अपराधियों के खिलाफ बड़ा संदेश माना जा रहा है। दिनदहाड़े 27 लाख की लूट से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे थे, लेकिन अब एनकाउंटर के बाद पुलिस ने साफ कर दिया है कि बड़े अपराधियों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा।
हालांकि इस मुठभेड़ को लेकर सोशल मीडिया पर बहस भी शुरू हो गई है। कुछ लोग पुलिस की कार्रवाई की तारीफ कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठा रहे हैं।
अभी भी बाकी हैं कई सवाल
हालांकि दो बदमाशों के मारे जाने के बाद भी कई सवाल बाकी हैं। आखिर बदमाशों को कैश वैन की इतनी सटीक जानकारी कैसे मिली? क्या किसी अंदरूनी व्यक्ति ने मदद की थी? बाकी लूटी गई रकम कहां छिपाई गई? फरार बदमाश किसकी मदद से भागे?
इन सभी सवालों के जवाब पुलिस की आगे की जांच में सामने आ सकते हैं।
फिलहाल गाजियाबाद में 27 लाख की लूट का यह मामला यूपी के सबसे चर्चित अपराध मामलों में शामिल हो चुका है, जहां दिनदहाड़े हुई लूट का अंत देर रात गोलियों की गूंज और दो इनामी बदमाशों की मौत के साथ हुआ।







