प्रतापगढ़। जनपद के रानीगंज कस्बे में स्थित सीओ कार्यालय के सामने बने ट्रामा सेंटर से चोरी की एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने स्वास्थ्यकर्मियों और स्थानीय लोगों में नाराजगी पैदा कर दी है। मरीजों की सेवा और इलाज के लिए बने अस्पताल परिसर में एक व्यक्ति ने कथित तौर पर इलाज कराने के बहाने पहुंचकर ट्रामा सेंटर कर्मी का मोबाइल चोरी कर लिया। पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसके बाद मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

मिली जानकारी के अनुसार ट्रामा सेंटर में कार्यरत कर्मी राज कुमार का मोबाइल फोन फार्मेसी के पास रखा हुआ था। बताया जा रहा है कि देर रात लगभग 1 बजे के आसपास एक व्यक्ति दवा लेने के लिए ट्रामा सेंटर पहुंचा डॉ को दिखाने के बाद । वह पर्चा लेकर फार्मेसी काउंटर तक आया, जहां मौजूद नर्स ने पर्चा देखकर दवा उपलब्ध कराई। इसके बाद नर्स किसी कार्य से वहां से बाहर चली गई।


इसी दौरान वहां मौजूद व्यक्ति की नीयत बदल गई और उसने मौके का फायदा उठाते हुए आसपास नजर दौड़ाई। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार वह पहले गेट के पास कुछ देर खड़ा दिखाई देता है, फिर इनवर्टर के पास रखे मोबाइल की तरफ बढ़ता है। फुटेज में उसकी गतिविधियां काफी संदिग्ध दिखाई दे रही हैं। आरोप है कि उसने मोबाइल उठाया और उसे तुरंत फ्लाइट मोड पर डालकर अपनी जेब में रख लिया ताकि फोन ट्रेस न किया जा सके। इसके बाद वह तेजी से बाहर निकलता दिखाई देता है।
सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध व्यक्ति सफेद रंग की टी-शर्ट और ब्लू जींस पहने हुए नजर आ रहा है। फुटेज में यह भी दिखाई दे रहा है कि वह बाहर निकलने के बाद यूपी-72 डीटी 4262 नंबर के वाहन में बैठता है। बताया जा रहा है कि वह किसी मरीज को दवा दिलाने या इलाज के लिए ट्रामा सेंटर लेकर आया था, लेकिन इसी दौरान उसने कथित तौर पर चोरी की घटना को अंजाम दे दिया।
घटना के सामने आने के बाद ट्रामा सेंटर कर्मियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती हैं। जहां एक ओर स्वास्थ्यकर्मी मरीजों की सेवा में जुटे रहते हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसे लोग भरोसे का फायदा उठाकर चोरी जैसी घटनाओं को अंजाम देने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं।

फिलहाल सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। यदि फुटेज और वाहन नंबर के आधार पर जांच आगे बढ़ती है तो आरोपी तक पहुंचना आसान हो सकता है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।







