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प्रयागराज में खौफनाक वारदात! दो भाइयों पर बड़े भाई की हत्या का आरोप

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प्रयागराज में खौफनाक वारदात: मुंबई से घर लौटे बड़े भाई का कुल्हाड़ी से सिर धड़ से अलग, दो छोटे भाइयों पर हत्या का आरोप

प्रयागराज। प्रयागराज जिले के मऊआइमा थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। जमीन विवाद में दो छोटे भाइयों पर अपने बड़े भाई की कुल्हाड़ी से काटकर निर्मम हत्या करने का आरोप लगा है। वारदात इतनी भयावह थी कि जिसने भी सुना, उसकी रूह कांप उठी। मृतक का सिर धड़ से अलग कर दिया गया। बीच-बचाव करने पहुंची उसकी पत्नी भी हमले में घायल हो गईं। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, जबकि गांव में सनसनी फैल गई।

मामला मऊआइमा थाना क्षेत्र के बादलपुर गांव का है। यहां रहने वाले 45 वर्षीय संतोष कुमार विश्वकर्मा मुंबई में फर्नीचर का काम करते थे। शनिवार सुबह ही वह मुंबई से अपने गांव लौटे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि घर पहुंचने के कुछ ही समय बाद उनकी जिंदगी खत्म हो जाएगी।

जानकारी के मुताबिक संतोष चार भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके पिता नंद किशोर विश्वकर्मा का काफी पहले निधन हो चुका है। परिवार के सभी सदस्य फर्नीचर के काम से जुड़े हुए हैं और अधिकतर समय मुंबई में रहकर काम करते थे। परिवार के पास लगभग चार विश्वा पुश्तैनी जमीन थी, जिसमें चारों भाइयों का एक-एक विश्वा हिस्सा बताया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि करीब एक साल से जमीन के बंटवारे को लेकर परिवार में विवाद चल रहा था। संतोष की पत्नी अर्चना के अनुसार कई बार परिवार और गांव स्तर पर पंचायत भी हुई, लेकिन विवाद का कोई समाधान नहीं निकल सका।

करीब दो महीने पहले संतोष के भाई अशोक और विनोद गांव लौट आए थे और उन्होंने अपना मकान बनवाने की तैयारी शुरू कर दी थी। शनिवार सुबह जब संतोष घर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि अशोक और विनोद जमीन पर मकान निर्माण के लिए गड्ढा खुदवा रहे थे।

अर्चना के मुताबिक संतोष ने सिर्फ इतना कहा कि पहले जमीन का बंटवारा कर लिया जाए, उसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाए। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया।

आरोप है कि बातों-बातों में दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज होने लगी। देखते ही देखते विवाद हिंसक रूप ले बैठा। आरोप है कि अशोक और विनोद ने अचानक संतोष पर हमला कर दिया। इससे पहले कि संतोष कुछ समझ पाते, दोनों ने पास में रखी कुल्हाड़ी उठा ली और उन पर ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए।

प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार हमला इतना खौफनाक था कि संतोष को संभलने तक का मौका नहीं मिला। आरोपियों ने कुल्हाड़ी से कई वार किए और उनका सिर धड़ से अलग कर दिया। कुछ ही पलों में पूरा इलाका खून से लाल हो गया।

घर के अंदर से चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बीच-बचाव करने पहुंची संतोष की पत्नी अर्चना पर भी हमला किया गया, जिससे वह घायल हो गईं।

घटना की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पुलिस और स्थानीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जबकि घायल महिला को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

जांच में यह भी सामने आया कि संतोष की निजी जिंदगी भी उतार-चढ़ाव से भरी रही। ग्रामीणों के अनुसार उनकी पहली शादी वर्ष 1995 में हुई थी, लेकिन कुछ वर्षों बाद उनकी पहली पत्नी उन्हें छोड़कर चली गई थी। इसके बाद वर्ष 2011 में संतोष ने अर्चना से दूसरी शादी की। दोनों के दो बेटे हैं — जय विश्वकर्मा (8 वर्ष) और जनमेजय (5 वर्ष)।

ग्रामीणों का कहना है कि जिस जमीन को लेकर इतना बड़ा खूनी संघर्ष हुआ, उसकी अनुमानित कीमत करीब पांच लाख रुपये बताई जा रही है। हालांकि यह जमीन पुश्तैनी थी और इसी को लेकर लंबे समय से परिवार में विवाद चला आ रहा था।

घटना के बाद मृतक के परिवार में मातम का माहौल है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं। लोगों का कहना है कि कुछ जमीन के टुकड़ों के लिए भाई ने भाई की जान ले ली, यह बेहद दुखद और हैरान करने वाली घटना है।

मृतक की पत्नी अर्चना की तहरीर पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियों में अशोक कुमार विश्वकर्मा (37), विनोद कुमार विश्वकर्मा (33), अशोक की पत्नी नीलम विश्वकर्मा (35), विनोद की पत्नी नीलम विश्वकर्मा (30) और अशोक का बेटा रोहित शामिल हैं।

फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और मामले की जांच की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जमीन-जायदाद के विवाद किस तरह रिश्तों को खून के रिश्तों से भी बड़ा बना देते हैं। एक परिवार जो कभी साथ रहता था, आज उसी परिवार में खून से सनी कहानी लिखी जा चुकी है।

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