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प्रतापगढ़ पुलिस महकमे में बड़ा बदलाव: सीओ विनय प्रभाकर साहनी समेत कई अधिकारियों का तबादला, जिले को मिले नए चेहरे

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प्रतापगढ़ के सीओ विनय प्रभाकर साहनी का तबादला, जिले में पुलिस महकमे में चर्चाओं का दौर

प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी डिप्टी एसपी स्तर के 206 अधिकारियों की तबादला सूची में प्रतापगढ़ जनपद भी चर्चा के केंद्र में है। जिले में तैनात कई पुलिस उपाधीक्षकों का स्थानांतरण कर दिया गया है, जबकि कुछ नए अधिकारियों को प्रतापगढ़ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शासन के इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद पुलिस महकमे में नई तैनातियों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

सबसे चर्चित नामों में रानीगंज क्षेत्र के पुलिस उपाधीक्षक विनय प्रभाकर साहनी का है। वर्तमान में प्रतापगढ़ में तैनात विनय प्रभाकर साहनी का स्थानांतरण सोनभद्र जनपद कर दिया गया है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और कई संवेदनशील मामलों के सफल निस्तारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। क्षेत्र में सक्रिय पुलिसिंग और जनसंपर्क को लेकर उनकी कार्यशैली की सराहना होती रही है।

इसके अलावा प्रतापगढ़ में तैनात अमरनाथ गुप्ता को बांदा तथा करिश्मा गुप्ता को चित्रकूट जनपद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं शासन ने रविंद्र प्रताप सिंह को मुजफ्फरनगर से प्रतापगढ़ भेजा है। साथ ही राजीव द्विवेदी को अलीगढ़ से स्थानांतरित कर प्रतापगढ़ में नई तैनाती दी गई है। इन नई नियुक्तियों के बाद जिले की पुलिस व्यवस्था में नई ऊर्जा और प्रशासनिक अनुभव का लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

जानकारों का मानना है कि प्रदेश सरकार समय-समय पर पुलिस अधिकारियों के स्थानांतरण के माध्यम से प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने का प्रयास करती है। प्रतापगढ़ जैसे संवेदनशील और बड़े जनपद में अनुभवी अधिकारियों की तैनाती कानून-व्यवस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है। जिले में आगामी त्योहारों, पंचायत और स्थानीय प्रशासनिक गतिविधियों को देखते हुए भी यह फेरबदल अहम माना जा रहा है।

तबादला सूची जारी होने के बाद पुलिस विभाग में नए पदस्थापित अधिकारियों के कार्यभार ग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिले के पुलिस कर्मियों और आम जनता की नजर अब इस बात पर है कि नई तैनाती पाने वाले अधिकारी कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए क्या रणनीति अपनाते हैं। वहीं स्थानांतरित अधिकारियों को उनके कार्यकाल और उपलब्धियों के लिए शुभकामनाएं दी जा रही हैं।

प्रतापगढ़ से जुड़े प्रमुख तबादले

  • विनय प्रभाकर साहनी — प्रतापगढ़ से सोनभद्र
  • अमरनाथ गुप्ता — प्रतापगढ़ से बांदा
  • करिश्मा गुप्ता — प्रतापगढ़ से चित्रकूट
  • रविंद्र प्रताप सिंह — मुजफ्फरनगर से प्रतापगढ़
  • राजीव द्विवेदी — अलीगढ़ से प्रतापगढ़

रानीगंज के लोकप्रिय सीओ विनय प्रभाकर साहनी का तबादला: चार वर्षों तक अपराधियों पर कहर, जनता के बीच बनाई अलग पहचान



प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बीच प्रतापगढ़ जनपद के रानीगंज क्षेत्राधिकारी (सीओ) विनय प्रभाकर साहनी का स्थानांतरण सोनभद्र जनपद के लिए कर दिया गया है। तबादले की खबर सामने आते ही रानीगंज, फतनपुर, मान्धाता और देल्हूपुर थाना क्षेत्रों में चर्चा का माहौल है। करीब चार वर्षों तक रानीगंज सर्किल की कमान संभालने वाले सीओ विनय प्रभाकर साहनी ने अपने कार्यकाल में ऐसी छाप छोड़ी है, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा।

26 जून 2022 को रानीगंज क्षेत्राधिकारी के रूप में कार्यभार ग्रहण करने वाले विनय प्रभाकर साहनी ने शुरुआत से ही स्पष्ट कर दिया था कि अपराध और अपराधियों के प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। यही कारण रहा कि उनके कार्यकाल में कई बड़े अपराधी सलाखों के पीछे पहुंचे, वांछित अभियुक्त गिरफ्तार हुए और क्षेत्र में कानून व्यवस्था को नई मजबूती मिली।

रानीगंज सर्किल के अंतर्गत आने वाले रानीगंज, फतनपुर, मान्धाता और देल्हूपुर थानों की निगरानी करते हुए उन्होंने पुलिसिंग का ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया जिसमें अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आम जनता की समस्याओं को भी प्राथमिकता दी गई। उनकी कार्यशैली का सबसे बड़ा गुण यह रहा कि वे केवल कार्यालय तक सीमित अधिकारी नहीं रहे, बल्कि अक्सर सड़कों, बाजारों, गांवों और संवेदनशील क्षेत्रों में स्वयं मौजूद दिखाई दिए।

उनके कार्यकाल में कई सनसनीखेज घटनाओं का खुलासा हुआ। लूट, चोरी, गैंगस्टर, हत्या और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में पुलिस टीमों को नेतृत्व प्रदान कर उन्होंने उल्लेखनीय सफलता दिलाई। कई शातिर अपराधियों और गैंग के सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। अपराधियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट और संपत्ति कुर्की जैसी कठोर कार्यवाहियों को भी उन्होंने प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया।

क्षेत्र में अवैध शराब, मादक पदार्थों की तस्करी और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया गया। त्योहारों और संवेदनशील अवसरों पर शांति व्यवस्था बनाए रखने में उनकी भूमिका हमेशा सराहनीय रही। चाहे मोहर्रम हो, दुर्गा पूजा, दीपावली, होली या ईद, हर अवसर पर उन्होंने पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने में सफलता प्राप्त की।

सीओ साहनी की पहचान केवल सख्त पुलिस अधिकारी के रूप में ही नहीं रही, बल्कि एक ऐसे अधिकारी के रूप में भी बनी जो आम नागरिकों की बात सुनते थे। जनसुनवाई के दौरान आने वाली शिकायतों के निस्तारण में उनकी विशेष रुचि रहती थी। फरियादियों को घंटों इंतजार नहीं करना पड़ता था और कई मामलों का मौके पर ही समाधान कराया जाता था।

रानीगंज क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के कारण अपराध जगत में उनका नाम सख्ती के प्रतीक के रूप में लिया जाने लगा। कई बार पुलिस मुठभेड़ों, बड़े खुलासों और विशेष अभियानों में उनका नेतृत्व चर्चा का विषय बना। उनके निर्देशन में थाना पुलिस ने कई महत्वपूर्ण मामलों का खुलासा कर जिले का नाम प्रदेश स्तर तक पहुंचाया।

विनय प्रभाकर साहनी ने पुलिस बल के मनोबल को मजबूत करने का भी कार्य किया। अधीनस्थ पुलिसकर्मियों के साथ बेहतर तालमेल, टीम भावना और अनुशासन बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। यही कारण रहा कि रानीगंज सर्किल की पुलिस टीम कई बार उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रशंसा प्राप्त करती रही।

उनके कार्यकाल में महिला सुरक्षा, छात्राओं की सुरक्षा और सड़क सुरक्षा जैसे विषयों पर भी विशेष अभियान चलाए गए। विद्यालयों और कॉलेजों के आसपास एंटी रोमियो अभियान, बाजारों में पैदल गश्त तथा रात्रि चेकिंग को लगातार प्रभावी बनाया गया। इससे आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सीओ साहनी ने हर संवेदनशील मामले को गंभीरता से लिया। भूमि विवाद, पारिवारिक विवाद और सामाजिक तनाव जैसे मामलों में समय रहते हस्तक्षेप कर उन्होंने कई संभावित बड़ी घटनाओं को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यही वजह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी उनकी एक सकारात्मक छवि बनी।

पत्रकारों, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों के साथ भी उनके संबंध हमेशा बेहतर रहे। कानून व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर वे खुलकर संवाद करते थे और आवश्यक सुझावों को गंभीरता से लेते थे। यही कारण है कि उनके स्थानांतरण की खबर के बाद विभिन्न वर्गों के लोगों ने उनके कार्यकाल की सराहना की है।

अब शासन ने उन्हें नई जिम्मेदारी देते हुए सोनभद्र जनपद भेजा है। हालांकि प्रशासनिक सेवा में स्थानांतरण एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन रानीगंज सर्किल में बिताया गया उनका कार्यकाल लंबे समय तक चर्चा में रहेगा। अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई, जनता के प्रति संवेदनशीलता और प्रभावी नेतृत्व के कारण उन्होंने क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।

रानीगंज, फतनपुर, मान्धाता और देल्हूपुर थाना क्षेत्रों के लोगों के लिए विनय प्रभाकर साहनी केवल एक पुलिस अधिकारी नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था को मजबूत करने वाले ऐसे अधिकारी के रूप में याद किए जाएंगे जिन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ किया। उनके कार्यकाल की उपलब्धियां आने वाले समय में भी पुलिस विभाग और जनता के बीच एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में याद की जाएंगी।

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