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प्रतापगढ़ में ड्रग्स सिंडिकेट पर पुलिस का बड़ा प्रहार! एक करोड़ की एमडी के साथ 5 तस्कर दबोचे, खुल रहे हैं बड़े नेटवर्क के राज

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प्रतापगढ़। जनपद में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आसपुर देवसरा पुलिस और स्पेशल टीम ने ऐसी कार्रवाई की है जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। संयुक्त पुलिस टीम ने करीब एक करोड़ रुपये कीमत की 202.31 ग्राम अवैध एमडी (मेथामफेटामाइन ड्रग्स) बरामद करते हुए पांच शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त एक अर्टिगा कार और बिना नंबर प्लेट की स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल भी कब्जे में ले ली है।

पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में नशे के कारोबार पर अब तक की बड़ी चोट माना जा रहा है। गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में ऐसे खुलासे सामने आए हैं जिनसे संकेत मिल रहे हैं कि जिले और आसपास के क्षेत्रों में नशे का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है।

रात की चेकिंग में फंसा ड्रग्स गिरोह

पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देशन में अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी आलोक कुमार और क्षेत्राधिकारी पट्टी मनोज कुमार सिंह रघुवंशी के पर्यवेक्षण में थाना आसपुर देवसरा पुलिस तथा स्पेशल टीम ने संयुक्त कार्रवाई की।

07 और 08 जून की रात सैफाबाद-मुरैनी मार्ग पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान एक अर्टिगा कार और एक बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान पुलिस के हाथ बड़ी सफलता लगी और वाहनों तथा आरोपियों के कब्जे से कुल 202.31 ग्राम एमडी बरामद हुई।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार बरामद नशीला पदार्थ वाणिज्यिक श्रेणी (कमर्शियल क्वांटिटी) में आता है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है।

कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में जौनपुर और प्रतापगढ़ के रहने वाले युवक शामिल हैं। इनमें सूरज दुबे उर्फ दीपेश, आनंद मिश्रा, दिव्यांशु दूबे उर्फ गब्बर, आलोक शुक्ला और मंजीत मिश्रा के नाम शामिल हैं।

पुलिस का कहना है कि सभी आरोपी नशीले पदार्थ की बिक्री और सप्लाई के लिए जा रहे थे। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने एमडी के कारोबार में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।

पूछताछ में खुला बड़े नेटवर्क का सुराग

पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आनंद मिश्रा और मंजीत मिश्रा अपने अन्य साथियों कुशु मिश्रा और छोटू मिश्रा के साथ मिलकर एमडी का कारोबार संचालित कर रहे थे। जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि इस नेटवर्क से जुड़े कुछ लोगों का पहले से लंबा आपराधिक इतिहास रहा है।

पुलिस को जानकारी मिली है कि इस गिरोह से जुड़े लवी मिश्रा को पूर्व में हरियाणा और दिल्ली पुलिस द्वारा एमडी के बड़े कारोबार में संलिप्तता के आरोप में जेल भेजा जा चुका है। अब पुलिस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुट गई है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।

कई आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं मुकदमे

गिरफ्तार आरोपियों में कुछ ऐसे भी हैं जिनके खिलाफ पहले से मारपीट, धमकी, लूट, शस्त्र अधिनियम और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इससे साफ है कि पुलिस के हत्थे चढ़े कई आरोपी पहले से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह गिरफ्तारी केवल पांच लोगों की गिरफ्तारी भर नहीं है, बल्कि जिले में फैल रहे नशे के कारोबार की जड़ों तक पहुंचने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

“थाना प्रभारी राकेश चौरसिया के नेतृत्व में आसपुर देवसरा पुलिस लगातार अपराधियों और नशा तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर रही है। उनकी सक्रिय रणनीति, मुखबिर तंत्र की मजबूत पकड़ और टीम के साथ बेहतर समन्वय का ही परिणाम है कि करोड़ों रुपये के अवैध नशे के कारोबार का पर्दाफाश हुआ। क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और अपराधियों में पुलिस का खौफ कायम करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।”

एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज

इस मामले में थाना आसपुर देवसरा में मुकदमा संख्या 147/2026 के तहत धारा 22(सी) एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायालय भेजा जा रहा है। साथ ही बरामद वाहनों को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।

पुलिस का सख्त संदेश

पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने स्पष्ट कहा है कि नशे का कारोबार समाज को अंदर से खोखला कर रहा है और ऐसे अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी नशा तस्करी या नशीले पदार्थों के कारोबार की सूचना मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।

प्रतापगढ़ पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई के बाद नशे के कारोबार से जुड़े लोगों में खलबली मची हुई है। वहीं पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने और जिले को नशा मुक्त बनाने की दिशा में आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

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