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कच्चा मकान गिराने के बाद निर्माण कार्य रोकने पर बवाल, पुलिस से धक्का-मुक्की, 14 पर मुकदमा दर्ज

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प्रतापगढ़। जनपद के रानीगंज थाना क्षेत्र के खाखापुर गांव में मकान निर्माण को लेकर विवाद उस समय बढ़ गया जब निर्माण कार्य रुकवाने पहुंचे लोगों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की मारपीट की घटना हो गई। मामले में पुलिस ने प्रधान सहित नौ नामजद तथा पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

जानकारी के अनुसार खाखापुर निवासी राजेंद्र प्रसाद पटेल ने अपने पुराने कच्चे मकान को गिराकर नया पक्का मकान बनवाने का कार्य शुरू कराया था। बताया जाता है कि मकान निर्माण को लेकर पड़ोसियों द्वारा आपत्ति जताई जा रही थी और निर्माण कार्य रुकवा दिया गया था। बाद में विवाद बढ़ने पर मामला राजस्व विभाग तक पहुंचा, जहां जांच के बाद राजस्व टीम ने राजेंद्र पटेल के पक्ष में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।

राजस्व विभाग की रिपोर्ट मिलने के बाद राजेंद्र प्रसाद पटेल ने पुनः अपने मकान का निर्माण कार्य शुरू कराया। शुक्रवार सुबह निर्माण कार्य चल रहा था कि इसी दौरान दर्जनों से भी अधिक की संख्या में पुरुष और महिलाएं मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि लोगों ने निर्माण कार्य रुकवाने का प्रयास करते हुए मजदूरों और परिजनों से गाली-गलौज शुरू कर दी तथा धमकियां देने लगे।

स्थिति तनावपूर्ण होने पर इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम तथा रानीगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के पहुंचने के बाद भी विवाद शांत नहीं हुआ। आरोप है कि कुछ लोगों ने पुलिस कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की मारपीट की और सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए बांस और डंडा उठाकर हमलावर हो गये। इससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और दबंगों ने भीड़ जुटा कार्य में लगी उपकरणों को तोड़ने का प्रयास करने लगे।

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की। रानीगंज थाना में पवन पटेल, उमाशंकर, कृपाशंकर, ब्रह्म कुमार, उमा देवी, ऊषा देवी, अर्चना देवी, रामरती और रविंद्र यादव सहित चार से पांच अज्ञात लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। दर्ज मुकदमे में सरकारी कार्य में बाधा डालने, गाली-गलौज, मारपीट,धमकी देने तथा पुलिस से अभद्रता करने जैसी धाराएं शामिल की गई हैं।

सूत्रों के अनुसार, घटना के दौरान ग्राम प्रधान के मौके पर पहुंचने के बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया। बताया जा रहा है कि उनके पहुंचने के बाद कुछ लोगों को आगे बढ़ने और विरोध करने के लिए उकसाया गया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। हालांकि, इस संबंध में पुलिस जांच कर रही है और आधिकारिक तौर पर किसी भी भूमिका की पुष्टि अभी नहीं की गई है।

थाना पुलिस का कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और कानून व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई। वायरल वीडियो में हंगामे और विवाद की तस्वीरें सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की। हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रहे लोगों की भूमिका की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।

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