प्रतापगढ़। जनपद की रानीगंज थाना पुलिस ने वाहन चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की एक टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल और उस पर लगी फर्जी नंबर प्लेट बरामद की है। पूछताछ में आरोपियों ने मोटरसाइकिल चोरी कर उसे फर्जी नंबर प्लेट लगाकर बेचने की बात स्वीकार की है। बरामद बाइक प्रयागराज के मऊआइमा क्षेत्र से चोरी की गई थी।
पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी आलोक कुमार एवं सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी रानीगंज प्रशान्त राज के पर्यवेक्षण तथा थाना प्रभारी विजयकान्त सत्यार्थी के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अंकित श्रीवास्तव अपनी टीम के साथ क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर रेलवे फाटक रानीगंज बाजार के पास घेराबंदी कर दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद वहीद (20) पुत्र जमालुद्दीन निवासी कुसफरा थाना देल्हूपुर तथा साहिल उर्फ जानी (23) पुत्र सिद्दीक निवासी मेढ़ौली थाना रानीगंज के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से चोरी की टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल तथा एक फर्जी नंबर प्लेट बरामद हुई।
पूछताछ में मोहम्मद वहीद ने बताया कि उसने यह बाइक साहिल से 20 हजार रुपये में खरीदी थी। साहिल ने उसे विश्वास दिलाया था कि वाहन के कागजात परिवहन विभाग में स्थानांतरण की प्रक्रिया में हैं और जल्द ही उपलब्ध करा दिए जाएंगे। वहीं साहिल उर्फ जानी ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि उसने यह मोटरसाइकिल प्रयागराज के मऊआइमा क्षेत्र से चोरी की थी। पहचान छिपाने और पुलिस की चेकिंग से बचने के लिए उसने बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगवा दी थी। उसने यह भी स्वीकार किया कि वह पहले भी कई बार छोटी-मोटी छिनैती और मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है।
पुलिस ने जब बाइक के वास्तविक स्वामी से दूरभाष पर संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि उनकी मोटरसाइकिल कुछ दिन पहले मऊआइमा से चोरी हो गई थी, जिसकी सूचना संबंधित थाने में पहले ही दी जा चुकी है।
बरामदगी के आधार पर थाना रानीगंज में दर्ज मुकदमा संख्या 341/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में दोनों आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के आपराधिक इतिहास तथा अन्य वाहन चोरी की घटनाओं में संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक अंकित श्रीवास्तव सहित विकास बाबू, दिलीप कुमार, सौरभ यादव, रचित सिंह, अंजनेय तथा विमलेश यादव शामिल रहे।







