प्रतापगढ़। रेप के आरोप में मुकदमा दर्ज होने के बाद लंबे समय से फरार चल रहे दरोगा अर्जुन सिंह को प्रतापगढ़ महिला थाना पुलिस ने वाराणसी से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी दरोगा को वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र स्थित उसके रिश्तेदार के घर से दबोचा। गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को पुलिस ने आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। आरोपी के खिलाफ गौतमबुद्धनगर निवासी महिला की शिकायत पर प्रतापगढ़ के महिला थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, गौतमबुद्धनगर निवासी महिला ने 27 जून को दरोगा अर्जुन सिंह के खिलाफ महिला थाने में शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। महिला का आरोप है कि जब अर्जुन सिंह की तैनाती भदोही जनपद में थी, उसी दौरान उसकी महिला से मुलाकात और संपर्क हुआ था। इसके बाद दोनों के बीच संपर्क बढ़ा। महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी दरोगा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69, 352 और 351 (3) के तहत मुकदमा दर्ज किया।
अर्जुन सिंह प्रतापगढ़ के मांधाता थाने में भी तैनात रह चुका है। मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा। पुलिस टीम ने उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन वह लगातार स्थान बदलता रहा। आरोपी के फरार रहने के कारण मामले में पुलिस पर भी गिरफ्तारी का दबाव बढ़ रहा था।
बताया गया कि गिरफ्तारी नहीं होने पर पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से कई बार मुलाकात कर आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की थी। पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी दरोगा की तलाश और तेज कर दी। महिला थाना पुलिस ने आरोपी के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटानी शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा कि आरोपी वाराणसी में मौजूद है।
जानकारी मिलने के बाद महिला थाना पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की। महिला थाना प्रभारी संगीता के नेतृत्व में पुलिस टीम वाराणसी पहुंची। पुलिस ने स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने के बाद आरोपी के संभावित ठिकाने की निगरानी शुरू की। पुलिस को पता चला कि आरोपी कैंट थाना क्षेत्र के टकटकपुर इलाके में अपने रिश्तेदार के घर ठहरा हुआ है।
इसके बाद पुलिस टीम ने 10 अगस्त की शाम कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, शाम करीब 5 बजकर 34 मिनट पर टीम ने वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र में गैस गोदाम के पीछे टकटकपुर स्थित आरोपी के रिश्तेदार के घर दबिश दी। पुलिस की अचानक हुई कार्रवाई से आरोपी को संभलने का मौका नहीं मिला और उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में महिला थाना प्रभारी संगीता के अलावा कांस्टेबल अखिलेश, महिला आरक्षी कुसुम सरोज और महिला आरक्षी सुलेखा शर्मा शामिल रहीं। पुलिस टीम आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए प्रतापगढ़ लेकर पहुंची।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान अर्जुन सिंह पुत्र स्वर्गीय पृथ्वी सिंह के रूप में हुई है। उसका वर्तमान पता एस-28/54, गैस गोदाम के पीछे टकटकपुर, थाना कैंट, वाराणसी बताया गया है, जबकि उसका स्थायी पता ग्राम तारीघाट, थाना सुहवल, जनपद गाजीपुर है।
मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी दरोगा के लगातार फरार रहने को लेकर पीड़िता की ओर से गिरफ्तारी की मांग की जा रही थी। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की तलाश लगातार की जा रही थी। तकनीकी और अन्य माध्यमों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम आरोपी तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी अर्जुन सिंह को मंगलवार, 11 अगस्त को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। पुलिस की ओर से आरोपी को न्यायालय में पेश करते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया।
मामले की विवेचना महिला थाना पुलिस द्वारा की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मुकदमे से जुड़े सभी तथ्यों और साक्ष्यों की जांच की जा रही है। विवेचना के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दरोगा की गिरफ्तारी के बाद अब मामले की जांच पर लोगों की नजर है। पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोपों की विवेचना में पुलिस साक्ष्यों, बयानों और अन्य तथ्यों को शामिल करेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून के अनुसार मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम में खास बात यह रही कि मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी दरोगा लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा, लेकिन महिला थाना पुलिस ने उसकी लोकेशन और संभावित ठिकाने की जानकारी जुटाकर वाराणसी तक पहुंच बनाई। रिश्तेदार के घर दबिश देकर की गई गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
फिलहाल मामले की विवेचना जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पीड़िता द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी के लिए की जा रही मांग के बाद हुई इस कार्रवाई को मामले में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।







