प्रतापगढ़। जनपद में चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत पुलिस व अभियोजन की प्रभावी पैरवी से एक पुराने हत्या व एससी/एसटी एक्ट मामले में पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
मा. न्यायालय स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट ने रामबाबू, छेदीलाल, श्यामसुन्दर उर्फ कल्लू, त्रिभुवन और हरिनरायन को दोषी मानते हुए प्रत्येक को उम्रकैद और 21-21 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया।
यह मामला वर्ष 2001 का है, जब थाना कुंडा क्षेत्र में हत्या, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों को दोषी करार दिया।
पुलिस महानिदेशक के आदेश पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत इस मामले को प्राथमिकता में रखा गया था। पुलिस द्वारा वैज्ञानिक विवेचना, साक्ष्य संकलन और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी के कारण यह फैसला संभव हो सका।
इस केस में एडीजीसी सुरेश बहादुर सिंह, विवेचक ए.वी. राकेश तथा पैरोकार कांस्टेबल इन्द्रजीत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह फैसला अपराधियों के लिए सख्त संदेश है कि कानून से बचना संभव नहीं है। भविष्य में भी ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई कर दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।
इस निर्णय से पीड़ित पक्ष को न्याय मिला है और आम जनता में कानून के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।







