प्रतापगढ़। रानीगंज थाना क्षेत्र के मुनिका पुरवा गांव में दबंगई और मारपीट का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव के कुछ दबंगों ने पहले एक परिवार की दीवार ट्रैक्टर से तोड़ दी और जब पीड़ित पक्ष उस टूटी हुई दीवार को दोबारा बनवा रहा था, तब दर्जनों लोगों के साथ पहुंचकर उन पर हमला कर दिया। इस घटना में तीन युवक घायल हो गए, जबकि पीड़ित परिवार में दहशत का माहौल बना हुआ है।
मुनिका पुरवा निवासी मोहम्मद हलीम ने रानीगंज थाने में दी गई लिखित तहरीर में आरोप लगाया है कि सोमवार सुबह करीब आठ बजे कुछ लोगों ने उनकी दीवार को ट्रैक्टर से क्षतिग्रस्त कर दिया। पीड़ित परिवार का कहना है कि जब वह अपनी टूटी हुई दीवार को दोबारा बनवाने का प्रयास कर रहे थे, तभी विपक्षी पक्ष के नजमें हसन अपने दर्जनों समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए।
पीड़ित के अनुसार, हमलावरों के साथ कई महिलाएं भी मौजूद थीं और सभी लोग एकजुट होकर परिवार के सदस्यों पर टूट पड़े। आरोप है कि दबंगों ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों और मारपीट के जरिए पूरे परिवार को आतंकित करने का प्रयास किया। घटना के दौरान अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग भी सहम गए।
मारपीट में मोहम्मद हलीम के पुत्र कलीम, रहीम और फहीम घायल हो गए। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमलावर घर के अंदर तक घुस आए और परिवार के सदस्यों के साथ बेरहमी से मारपीट की। इतना ही नहीं, आरोपियों ने जान से मारने और दोबारा विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी।
पीड़ित परिवार का कहना है कि विपक्षी जमीन पर कब्जा करने की नीयत से लगातार दबाव बना रहे हैं और इसी उद्देश्य से इस तरह की घटना को अंजाम दिया गया। घटना के बाद घायलों में भय और आक्रोश का माहौल है। परिवार के लोगों ने आरोप लगाया कि दबंगों का मनोबल इतना बढ़ गया है कि वे खुलेआम हमला कर रहे हैं और गांव में भय का वातावरण बना रहे हैं।
मोहम्मद हलीम ने रानीगंज थाने में लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आरोपी दोबारा किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि भूमि विवादों को लेकर इस प्रकार की दबंगई और सामूहिक हमला कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है। घर में घुसकर मारपीट, धमकी और घायल करने जैसी घटनाएं आम लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती हैं।
फिलहाल पीड़ित पक्ष ने न्याय की गुहार लगाई है और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए, ताकि पीड़ित परिवार को सुरक्षा मिल सके और गांव में शांति व्यवस्था कायम रह सके।
नोट: यह समाचार पीड़ित पक्ष द्वारा दी गई तहरीर और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। मामले की निष्पक्ष जांच और पुलिस कार्रवाई के बाद ही सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।







