रिपोर्ट: मुदस्सिर मेंहदी
प्रतापगढ़। आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के आकारीपुर गांव में बीज विक्रेता ओपी वर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। परिजनों द्वारा हत्या का आरोप लगाए जाने और पुलिस पर मुकदमा दर्ज न करने का आरोप लगाते हुए बुधवार को ग्रामीणों और परिजनों ने शव को घर पर रखकर धरना शुरू कर दिया। मामले को लेकर गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को आकारीपुर गांव निवासी ओपी वर्मा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ था। घटना के बाद परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए कुछ लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर आसपुर देवसरा थाने में दी थी। परिजनों का आरोप है कि तहरीर दिए जाने के बावजूद पुलिस ने अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया, जिससे परिवार में आक्रोश व्याप्त है।
बुधवार सुबह परिजन और गांव के दर्जनों लोग मृतक का शव घर पर रखकर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। परिजनों का कहना है कि जब तक नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा और दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
मृतक के परिजनों ने कहा कि ओपी वर्मा की मौत सामान्य नहीं है और इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। ग्रामीणों ने भी परिवार का समर्थन करते हुए न्याय की मांग की।
धरने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने परिजनों को निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन खबर लिखे जाने तक परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे।
घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। अब सभी की निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। यदि जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन और तेज होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।







