प्रतापगढ़। जनपद के रानीगंज थाना क्षेत्र में बुधवार गुरुवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां पल भर में उजाड़ दीं। लखनऊ-वाराणसी राज्यमार्ग पर रानीगंज चौराहे के पास हाईवे किनारे खड़ी पलाई (लकड़ी) लदी पिकअप में पीछे से तेज रफ्तार वैगनआर कार जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह पिकअप के नीचे समा गया और पिकअप डिवाइडर पर चढ़कर कार के ऊपर आ गिरी। इस भयावह हादसे में कार में फंसे सगे भाई-बहन की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कार चला रहा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। मृत युवती की दो माह बाद शादी होनी थी और कार चला रहा युवक उसका मंगेतर बताया जा रहा है।

बुधवार गुरुवार की रात करीब 12:30 बजे हुए इस हादसे की तेज धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। सबसे पहले रानीगंज ट्रामा सेंटर के कर्मचारी रजनीश वर्मा और शिवम गौतम मौके पर पहुंचे। दोनों ने बिना समय गंवाए स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और तत्काल पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में चौकी कस्बा प्रभारी अंकित श्रीवास्तव, एसआई शिवेंद्र यादव, भारी पुलिस बल तथा फायर विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई।
कार की हालत देखकर हर कोई सन्न रह गया। टक्कर के बाद कार पूरी तरह पिकअप के पिछले हिस्से में धंस चुकी थी। चालक को किसी तरह बाहर निकाल लिया गया, लेकिन कार के अंदर दो लोग बुरी तरह फंस गए थे। उन्हें निकालना आसान नहीं था। करीब एक घंटे से अधिक समय तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में जेसीबी मशीन बुलानी पड़ी। कार और पिकअप को अलग करने के बाद कड़ी मशक्कत से दोनों को बाहर निकाला गया और तत्काल ट्रामा सेंटर भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हादसे की मुख्य बातें
अयोध्या दर्शन कर लौट रहे परिवार की कार रानीगंज में खड़ी पिकअप से टकराई।
सगे भाई-बहन की मौत, जबकि युवती की दो माह बाद होनी थी शादी।
जेसीबी की मदद से एक घंटे से अधिक चले रेस्क्यू के बाद निकाले गए शव।
जानकारी के अनुसार मोहित सोनी (29) पुत्र दीपकनाथ, निवासी कटरा मुंगरा बादशाहपुर, जनपद जौनपुर, अपनी मंगेतर रोली सोनी (26) पुत्री राजेंद्र प्रसाद तथा उसके भाई आकाश सोनी उर्फ मोनू (23) पुत्र राजेंद्र प्रसाद, निवासी मनकापुर, जनपद गोण्डा के साथ वैगनआर कार से अयोध्या दर्शन कर वापस लौट रहे थे। परिवार के अन्य सदस्य, जिनमें रोली की बहन, जीजा और उनके बच्चे शामिल थे, दूसरी कार से आगे चल रहे थे। दोनों गाड़ियां एक साथ अयोध्या से निकली थीं और मुंगरा बादशाहपुर की ओर लौट रही थीं।
जैसे ही वैगनआर रानीगंज चौराहे से आगे सीओ कार्यालय के पास पहुंची, सड़क किनारे खड़ी पलाई लदी पिकअप से पीछे से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप उछलकर डिवाइडर पर चढ़ गई और उसका पिछला हिस्सा कार के ऊपर आ गिरा। कार चला रहे मोहित सोनी को स्थानीय लोगों ने शीशा तोड़कर बाहर निकाला और तत्काल ट्रामा सेंटर भेज दिया, जहां उनका उपचार शुरू किया गया।
दूसरी ओर कार में फंसे रोली और उसके भाई आकाश को निकालने के लिए राहत दल को काफी संघर्ष करना पड़ा। कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो चुका था। लोहे की चादरों में दोनों बुरी तरह फंस गए थे। जेसीबी से पिकअप को हटाने और कार को काटने के बाद दोनों को बाहर निकाला जा सका। हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी।
हादसे के दौरान बचाव कार्य में पुलिसकर्मियों, ट्रामा सेंटर के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने साहस का परिचय दिया। कांस्टेबल दिलीप, आशीष, ट्रामा सेंटर के कर्मचारी रजनीश वर्मा, शिवम गौतम तथा स्थानीय लोगों के साथ रुबरु इंडिया के संपादक रुस्तम अली भी राहत कार्य में जुटे रहे। सभी ने मिलकर जेसीबी की सहायता से कार और पिकअप को अलग कराया तथा फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया।
हादसे की सबसे दर्दनाक बात यह रही कि मृतक रोली सोनी की शादी मात्र दो महीने बाद मोहित सोनी के साथ होनी थी। दोनों की सगाई पहले ही हो चुकी थी और परिवार शादी की तैयारियों में जुटा था। लेकिन एक पल में खुशियां मातम में बदल गईं। बताया गया कि रोली और आकाश के पिता राजेंद्र प्रसाद का कई वर्ष पहले ही निधन हो चुका था। अब परिवार पर दुखों का एक और पहाड़ टूट पड़ा।
जब हादसे की जानकारी आगे चल रही दूसरी कार में सवार रोली की बहन और जीजा को मिली तो वे तुरंत घटनास्थल पहुंचे। बहन अपनी बहन और भाई की हालत देखकर बदहवास हो गई। घटनास्थल पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। बाद में मुंगरा बादशाहपुर और अन्य स्थानों से भी परिजन मौके पर पहुंच गए। पूरे घटनास्थल पर चीख-पुकार और मातम का माहौल छा गया।
सूचना मिलने पर चौकी कस्बा प्रभारी अंकित श्रीवास्तव और एसआई शिवेंद्र यादव पुलिस बल के साथ पूरी कार्रवाई में जुटे रहे। पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लिया, घायल को उपचार के लिए अस्पताल भेजा और दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के कारण कुछ समय तक हाईवे पर यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे बाद में पुलिस ने सामान्य कराया।
पुलिस की कार्रवाई
घायल चालक को तत्काल अस्पताल भेजा गया।
दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर वाहन कब्जे में लिए गए।
हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि ट्रामा सेंटर के कर्मचारी, स्थानीय लोग और पुलिस समय रहते मौके पर नहीं पहुंचते तो राहत कार्य और अधिक देर से शुरू होता। सभी ने मिलकर पूरी रात रेस्क्यू अभियान चलाया। इस घटना ने एक बार फिर हाईवे किनारे खड़े वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था और सड़क पर बरती जाने वाली सावधानियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रानीगंज की यह दर्दनाक दुर्घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। जिस परिवार में दो माह बाद शहनाई बजने वाली थी, वहां अब मातम पसरा है। सगे भाई-बहन की एक साथ हुई मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। देर रात तक घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुटी रही और हर कोई इस हृदयविदारक हादसे की चर्चा करता नजर आया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हादसे के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।





रेस्क्यू के असली हीरो: ट्रामा सेंटर के कर्मचारी रजनीश वर्मा और शिवम गौतम
हादसे की तेज आवाज सुनते ही सबसे पहले रानीगंज ट्रामा सेंटर के कर्मचारी रजनीश वर्मा और शिवम गौतम मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना अपनी जान की परवाह किए कार में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास शुरू किया, स्थानीय लोगों को इकट्ठा किया और तत्काल पुलिस व फायर टीम को सूचना दी। पूरी रात दोनों लगातार राहत कार्य में जुटे रहे। स्थानीय लोगों ने उनके साहस और मानवता की जमकर सराहना की।
पुलिस ने अंधेरे में संभाली कमान, घंटों चलाया राहत अभियान
चौकी कस्बा प्रभारी अंकित श्रीवास्तव और एसआई शिवेंद्र यादव , दिलीप सिंघानिया पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे रेस्क्यू अभियान की कमान संभाली। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित किया, जेसीबी मंगवाई, फायर टीम के साथ समन्वय बनाया और घायलों को अस्पताल पहुंचाने से लेकर शवों को बाहर निकलवाने तक पूरी कार्रवाई कराई। पुलिस की तत्परता से राहत कार्य व्यवस्थित ढंग से पूरा हो सका।
पत्रकार भी बने मददगार, सिर्फ कवरेज नहीं बल्कि बचाव में भी निभाई भूमिका
घटनास्थल पर पहुंचे वरिष्ठ पत्रकार अजय ओझा अज्जू और रुबरु इंडिया के संपादक रुस्तम अली ने केवल समाचार कवरेज तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि स्थानीय लोगों, पुलिस और ट्रामा सेंटर स्टाफ के साथ मिलकर कार में फंसे लोगों को निकालने के बचाव अभियान में भी सक्रिय सहयोग किया। जेसीबी की मदद से वाहन अलग कराने और घायलों को बाहर निकालने तक वह मौके पर मौजूद रहे। इस दौरान पत्रकारिता के साथ मानवीय जिम्मेदारी निभाने की भी चर्चा रही।
चौकी प्रभारी कस्बा अंकित श्रीवास्तव ने बताया रात्रि लगभग 12:30 बजे सड़क दुर्घटना की सूचना प्राप्त होते ही मैं पुलिस बल के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचा। मौके पर एक वैगनआर कार हाईवे किनारे खड़ी पिकअप में पीछे से टकराई हुई थी, जिसमें लोग फंसे हुए थे। राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया।फंसे लोगों को बाहर निकालकर तत्काल ट्रामा सेंटर भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने दो लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल चालक का उपचार कराया जा रहा है।
पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।







