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साइबर ठगी के देशव्यापी नेटवर्क पर प्रतापगढ़ पुलिस का सबसे बड़ा प्रहार, 8 थानों की संयुक्त कार्रवाई

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प्रतापगढ़: साइबर ठगी पर पुलिस का सबसे बड़ा प्रहार, संगठित गिरोह के 16 सदस्य गिरफ्तार

बैंक खाते, सिम कार्ड और दस्तावेज उपलब्ध कराकर देशभर में करोड़ों की ऑनलाइन ठगी कराने वाले नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई


प्रतापगढ़। जनपद पुलिस ने साइबर अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए संगठित साइबर ठगी गिरोह के 16 सदस्यों को विभिन्न थाना क्षेत्रों से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देशन में जनपद के अलग-अलग थानों द्वारा की गई।

पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी सीधे तौर पर ऑनलाइन ठगी करने के बजाय साइबर अपराधियों को अपने नाम से खुलवाए गए बैंक खाते, एटीएम, चेकबुक, नेट बैंकिंग, मोबाइल सिम कार्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराते थे। इन खातों के माध्यम से देशभर में साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि का लेन-देन किया जाता था। इसके बदले आरोपियों को प्रत्येक बैंक खाते और सिम कार्ड के एवज में कमीशन दिया जाता था।


राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) और अन्य तकनीकी जांच के दौरान इन आरोपियों से जुड़े बैंक खातों एवं मोबाइल नंबरों के विरुद्ध देश के विभिन्न राज्यों से ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की अनेक शिकायतें दर्ज मिलीं। जांच के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज कर कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया।


गिरफ्तार किए गए आरोपियों में थाना लीलापुर से विराज सिंह, दिलीपपुर से कन्हैयालाल, बाघराय से सचिन पटेल, आसपुर देवसरा से श्रीराम गौतम एवं सचिन सिंह, पट्टी से मुकेश कुमार वर्मा एवं रवि कुमार, जेठवारा से दीपक सिंह, कृष्ण लाल प्रजापति और हरिश्चंद्र, नगर कोतवाली से श्रेयांश द्विवेदी, अर्पित उपाध्याय, अंकित द्विवेदी, अंकित कुमार पटेल और युवराज सिंह, तथा कुंडा से प्रदीप कुमार सोनकर शामिल हैं।


पुलिस के अनुसार सभी आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की संबंधित धाराओं में मुकदमे दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इन खातों के माध्यम से अब तक कितनी धनराशि का लेन-देन हुआ और गिरोह का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है।


पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने बताया कि जनपद में साइबर अपराधियों एवं उनके सहयोगियों के विरुद्ध अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि कोई भी व्यक्ति लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल सिम, ओटीपी या नेट बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी अन्य को उपलब्ध न कराए। ऐसा करना न केवल साइबर अपराध को बढ़ावा देता है, बल्कि संबंधित व्यक्ति को भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।


जनपद पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर अपराधियों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी हो सकती है।

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