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देशभर में साइबर ठगी का नेटवर्क बेनकाब, मास्टरमाइंड विराज सिंह प्रतापगढ़ के लीलापुर से गिरफ्तार

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प्रतापगढ़: ₹2.26 करोड़ की साइबर ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, लीलापुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

प्रतापगढ़। जनपद की थाना लीलापुर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए करोड़ों रुपये की ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी देशभर में सक्रिय साइबर अपराधियों को बैंक खाते, नेट बैंकिंग और मोबाइल नंबर उपलब्ध कराकर साइबर ठगी के नेटवर्क को संचालित करने में सहयोग करता था। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को साइबर अपराध के संगठित नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग भी मिले हैं।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान विराज सिंह के रूप में हुई है। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी कमीशन के लालच में अपने और अन्य लोगों के बैंक खाते, एटीएम, नेट बैंकिंग तथा मोबाइल नंबर साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराता था। इन खातों का इस्तेमाल देशभर में ऑनलाइन ठगी से प्राप्त रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर करने और उसे निकालने के लिए किया जाता था।

थाना लीलापुर पुलिस द्वारा की गई जांच में एनसीआरपी (National Cyber Crime Reporting Portal) पर संबंधित बैंक खाते के विरुद्ध देश के विभिन्न राज्यों से 08 शिकायतें दर्ज मिलीं। इन शिकायतों में कुल ₹2,26,68,490.80 की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है।

पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) बृजनन्दन राय तथा क्षेत्राधिकारी लालगंज राजीव द्विवेदी के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी अमला सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को सगरा सुन्दरपुर पहाड़पुर तिराहे के पास से गिरफ्तार किया।

इस कार्रवाई में निरीक्षक गिरजाशंकर यादव, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अंकुर कैथवास, उपनिरीक्षक सौरभ यादव, हेड कांस्टेबल अजय यादव, कांस्टेबल महेश यादव तथा कांस्टेबल राजीव मौर्या की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे गिरोहों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, मोबाइल नंबर, ओटीपी या नेट बैंकिंग की जानकारी साझा न करें। यदि कोई संदिग्ध साइबर गतिविधि सामने आए तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

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