हाउस अरेस्ट किए गए सपा जिला महासचिव अब्दुल कादिर जिलानी, बोले- लोकतंत्र की आवाज दबाने का प्रयास
प्रतापगढ़। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार रात अंबेडकर चौराहे पर हुए धरना-प्रदर्शन के बाद बुधवार को प्रतापगढ़ में राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया। पुलिस ने समाजवादी पार्टी के जिला महासचिव अब्दुल कादिर जिलानी को उनके आवास पर ही रोक दिया। सपा नेताओं का आरोप है कि उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई और यह कार्रवाई राजनीतिक गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से की गई है।
बताया जा रहा है कि मंगलवार रात समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अंबेडकर चौराहे पर एकत्र होकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की थी और अखिलेश यादव की गिरफ्तारी का विरोध जताया था। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए थे। प्रदर्शन के अगले ही दिन पुलिस द्वारा कई नेताओं की गतिविधियों पर नजर रखी गई।
बुधवार सुबह पुलिस टीम जिला महासचिव अब्दुल कादिर जिलानी के घर पहुंची और उन्हें बाहर जाने से रोक दिया। सपा नेताओं का कहना है कि केवल अब्दुल कादिर जिलानी ही नहीं, बल्कि कमलेश शर्मा, वसीम, अनिल गौतम सहित कई अन्य कार्यकर्ताओं को भी उनके घरों पर ही रोक दिया गया।
हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद जिला महासचिव अब्दुल कादिर जिलानी ने पुलिस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “मुझे, कमलेश शर्मा, वसीम, अनिल गौतम सहित तमाम साथियों को हाउस अरेस्ट करना लोकतंत्र की आवाज़ को दबाने का प्रयास है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण विरोध करने का अधिकार है, लेकिन सरकार पुलिस के माध्यम से हमारी आवाज़ दबाना चाहती है। समाजवादी पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ता रहेगा और किसी भी दबाव में पीछे नहीं हटेगा।”
सपा नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए इसकी निंदा की है। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना संविधान प्रदत्त अधिकार है और विपक्ष की आवाज को इस तरह दबाना उचित नहीं है।
वहीं, पुलिस की ओर से इस संबंध में आधिकारिक रूप से कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनर्ल पुलिस द्वारा एहतियाती कदम उठाए जाने की बात सामने आ रही है।
घटना के बाद जिले की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साध रहे हैं, जबकि प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने को अपनी प्राथमिकता बता रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर जिले में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।







