प्रतापगढ़। मिट्टी की खुशबू से निकलकर जब कोई बेटा सात समंदर पार देश का नाम रोशन करता है तो उसकी सफलता सिर्फ परिवार की नहीं, बल्कि पूरे गांव, जिले और प्रदेश की उपलब्धि बन जाती है। प्रतापगढ़ के नगर कोतवाली क्षेत्र के संग्रामपुर गांव निवासी शाहनवाज खान पुत्र स्वर्गीय नफीस उद्दीन ने अमेरिका में आयोजित विश्व एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप 2026 में लंबी कूद (लॉन्ग जंप) स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीतकर बेल्हा समेत पूरे देश का मान बढ़ाया है।
अमेरिका के ओरेगन में आयोजित यू-20 जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में शाहनवाज खान ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए लंबी कूद में 7.84 मीटर की छलांग लगाकर कांस्य पदक अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि की खबर जैसे ही प्रतापगढ़ पहुंची, संग्रामपुर गांव से लेकर पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई और शाहनवाज के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अमेरिका में चमका प्रतापगढ़ का सितारा
शाहनवाज खान की इस उपलब्धि को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने विश्व स्तर की प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए लंबी कूद में पदक हासिल किया। उनकी शानदार छलांग ने न केवल प्रतियोगिता में उनका स्थान सुनिश्चित किया, बल्कि प्रतापगढ़ जैसे जिले की खेल प्रतिभाओं को भी नई पहचान दिलाई।
शाहनवाज की सफलता से उनके गांव के लोगों में खासा उत्साह है। गांव में उनके परिवार और रिश्तेदारों के पास बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। लोग लगातार पहुंचकर परिवार को बधाई दे रहे हैं और शाहनवाज की उपलब्धि पर गर्व जता रहे हैं।
पिता की पहले ही हो चुकी है मौत, संघर्षों के बीच हासिल किया मुकाम
शाहनवाज खान की सफलता की कहानी भावुक कर देने वाली भी है। उनके पिता नफीस उद्दीन का पहले ही निधन हो चुका है। ऐसे में परिवार के लिए शाहनवाज की यह उपलब्धि किसी बड़ी खुशखबरी से कम नहीं है। कठिन परिस्थितियों के बीच अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर शाहनवाज ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो मुकाम हासिल किया है, वह युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।
गांव के लोग कहते हैं कि शाहनवाज ने यह साबित कर दिया कि यदि प्रतिभा को मेहनत और सही दिशा मिल जाए तो गांव की मिट्टी से निकलने वाला खिलाड़ी भी दुनिया के बड़े मंच पर तिरंगा लहरा सकता है।
कोच भूपेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में मिली सफलता
शाहनवाज खान की इस कामयाबी के पीछे उनकी कड़ी मेहनत के साथ उनके कोच भूपेंद्र सिंह का मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशिक्षण, अनुशासन और लगातार अभ्यास के जरिए शाहनवाज ने अपनी तकनीक और प्रदर्शन में सुधार किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता तक पहुंचे।
लंबी कूद जैसे खेल में खिलाड़ी की गति, संतुलन, तकनीक और मानसिक मजबूती बेहद महत्वपूर्ण होती है। शाहनवाज ने इन सभी पहलुओं पर मेहनत करते हुए अमेरिका के मंच पर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दी बधाई

शाहनवाज खान के कांस्य पदक जीतने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री की ओर से बधाई मिलने के बाद शाहनवाज की उपलब्धि को लेकर जिले के लोगों में और उत्साह बढ़ गया।
लोगों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश और प्रतापगढ़ का नाम रोशन करने वाले ऐसे खिलाड़ियों को सरकार और प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग मिलना चाहिए, ताकि वे आगे भी देश के लिए पदक जीत सकें।
प्रतापगढ़ में मिठाई बांटकर मनाई खुशी
शाहनवाज की जीत की खबर मिलते ही प्रतापगढ़ में उनके शुभचिंतकों और परिचितों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई। रहबर अली, इमरान खान, सलमान, वजहुल खान, अम्बुज यादव, विजय पटेल, लकी मिश्रा समेत अन्य लोगों ने शाहनवाज की उपलब्धि पर खुशी जताई और मिठाई बांटकर जश्न मनाया।
लोगों ने कहा कि यह सिर्फ शाहनवाज की जीत नहीं है, बल्कि यह पूरे प्रतापगढ़ की जीत है। अमेरिका में जब भारतीय खिलाड़ी के रूप में शाहनवाज ने पदक हासिल किया तो उसके साथ प्रतापगढ़ की पहचान भी अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंची।
गांव में दादा के पास पहुंच रहे लोग
संग्रामपुर गांव में शाहनवाज के दादा के पास लगातार लोग पहुंच रहे हैं। हर कोई उन्हें बधाई देते हुए अपने पोते की उपलब्धि पर गर्व जता रहा है। गांव के बुजुर्गों से लेकर युवाओं और बच्चों तक शाहनवाज की चर्चा है।
ग्रामीणों का कहना है कि शाहनवाज की उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के बच्चों को खेलों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। गांव के बच्चों में भी उत्साह है कि उनके गांव का एक युवक अमेरिका जाकर भारत के लिए पदक जीत सकता है।
प्रतिभाओं की कमी नहीं, जरूरत है बेहतर सुविधाओं की
शाहनवाज खान की सफलता ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद खेल प्रतिभाओं और सुविधाओं की कमी का सवाल भी खड़ा कर दिया है। लोगों का कहना है कि प्रतापगढ़ में यदि बेहतर स्टेडियम, आधुनिक खेल सुविधाएं और अच्छे प्रशिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था होती तो जिले के कई और होनहार खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते थे।
लोगों का कहना है कि गांव-कस्बों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ उन्हें पहचानने, तराशने और आगे बढ़ने का अवसर देने की है। यदि खिलाड़ियों को अच्छे मैदान, आधुनिक उपकरण, नियमित प्रशिक्षण, पौष्टिक आहार और अनुभवी कोच उपलब्ध हों तो प्रतापगढ़ की मिट्टी से कई और शाहनवाज निकल सकते हैं।
शाहनवाज खान की सफलता ऐसे ही तमाम युवाओं के लिए उम्मीद की किरण है। उन्होंने अपनी मेहनत से यह संदेश दिया है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार जारी रहे तो सफलता हासिल की जा सकती है।
अमेरिका की धरती पर 7.84 मीटर की छलांग लगाकर कांस्य पदक जीतने वाले प्रतापगढ़ के इस लाल की कामयाबी पर आज पूरा बेल्हा गर्व महसूस कर रहा है। संग्रामपुर की मिट्टी से निकले शाहनवाज ने न सिर्फ अपने परिवार और गांव का नाम रोशन किया, बल्कि देश की खेल प्रतिभा को भी विश्व मंच पर मजबूती से प्रस्तुत किया है। अब लोगों की निगाहें शाहनवाज के आने वाले मुकाबलों पर टिकी हैं और हर कोई उम्मीद कर रहा है कि यह युवा खिलाड़ी भविष्य में इससे भी बड़ी छलांग लगाकर भारत के लिए स्वर्ण पदक हासिल करेगा।







