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एमबीएस अस्पताल के निरीक्षण में अनुपस्थित मिले कई डॉक्टर-कर्मी

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एमबीएस अस्पताल के निरीक्षण में अनुपस्थित मिले कई डॉक्टर-कर्मी

डाक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश

जिलाधिकारी विशाल सिंह ने किया औचक निरीक्षण

भदोही। महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय भदोही का जिलाधिकारी विशाल सिंह ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वार्ड के बाहर यूज सिरिंज व सुई खुले में इधर-उधर बिखरे दिखने पर एवं गन्दगी व समुचित साफ-सफाई प्रबन्ध न होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय तिवारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिया।

उन्होंने नवजात शिशुओं के लिए बनाये गये एनबीएसयू वार्ड का निरीक्षण किया। भर्ती पंजिका के अवलोकन में ज्ञात हुआ कि 11 सितंबर के बाद कोई नवजात शिशु इस वार्ड में भर्ती ही नहीं हुआ है। जिस पर जिलाधिकारी ने प्रभारी को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि शासन प्रशासन नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य के लिए कितना सजग व सतर्क है, इसके बावजूद आप सबके द्वारा लापरवाही बरती जा रही है।
एनबीएसयू वार्ड के कंप्यूटर ऑपरेटर को भी लापरवाही व शिथिलता बरतने पर जिलाधिकारी ने कड़ी फटकार लगाते हुए सचेत किया। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की डीपीएम को निर्देशित किया कि एनएचएम के अंतर्गत संचालित सभी योजनाओं /अभियानों -जननी शिशु सुरक्षा योजना ,पीएम मातृ वंदन योजना की फेक्चुअल प्रगति रिपोर्ट अविलंब उनके समझ प्रस्तुत करें।
निरीक्षण के दौरान डॉ हर्षिता चंद्रा दंत विशेषज्ञ, डॉ एस के गुप्ता जनरल सर्जन ,डॉ दीप्ति पांडेय नाक कान गला विशेषज्ञ सहित अधिकांश डॉक्टर अपने चेंबर में अनुपस्थित पाए गए। साथ ही आउटसोर्सिंग व संविदा स्वास्थ्य कर्मी भी अनुपस्थित पाए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी का एक दिन का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण जारी करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी के पहुंचने पर सीएमएस डॉ.संजय तिवारी भी अपने कक्ष में अनुपस्थित पाए गए, हालांकि बाद में वे उपस्थित हो गए थे। 15 दिन पूर्व ही कार्यदायी संस्था द्वारा 100 बेडेड मदर चाइल्ड बिंग हॉस्पिटल को सीएमएस को हस्तांतरित कर दिया गया था, इसके बावजूद अभी तक संचालन न शुरू होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराज़गी व्यक्त करते हुए सीएमएस को एक सप्ताह के अंदर संचालन करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने वाहय रोग विभाग, इमरजेंसी वार्ड, दवा वितरण, पर्ची काउन्टर, आदि पटल का निरीक्षण किया। सेंट्रल पैथोलॉजी लैब, एक्स रे कक्ष आदि बंद पाया गया। जिलाधिकारी ने मौजूद मरीजों व तीमारदारों से हाल-चाल पूछते हुए प्राप्त होने वाले स्वास्थ्य सुविधाओं की भी जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने जनपद के सभी डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया कि पूर्ण मनोयोग व लगन से मरीजों की सेवा को सुनिशचित करें। दिन रात अपने निर्धारित समय पर डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहे। औचक निरीक्षण में अनुपस्थित पाए जाने पर स्पष्टीकरण के साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने हेतु शासन को अवगत कराया जाएगा। सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं से मरीजों को आच्छादित किया जाय।

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