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प्रतापगढ़ में शस्त्र लाइसेंस धारकों मचेगी खलबली! 15 दिन में खुलेगा लाइसेंसी हथियार धारकों का पूरा सच और छीन जाएगा

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प्रतापगढ़ में शस्त्र लाइसेंस धारकों पर बड़ा शिकंजा, अपराधियों की खैर नहीं! डीएम के आदेश से शुरू होगा विशेष सत्यापन अभियान

प्रतापगढ़। जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को किसी भी कीमत पर शस्त्र रखने की छूट नहीं दी जाएगी। इसी उद्देश्य से जिले भर में शस्त्र लाइसेंस धारकों के विरुद्ध विशेष सत्यापन अभियान चलाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

जिलाधिकारी के आदेश के बाद अब पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी उन सभी शस्त्र लाइसेंस धारकों की विस्तृत जांच करेंगे, जिनके खिलाफ किसी भी प्रकार का आपराधिक मुकदमा दर्ज रहा है या वर्तमान में लंबित है। प्रशासन यह भी पता लगाएगा कि लाइसेंस जारी होने के बाद संबंधित व्यक्ति किसी अपराध में शामिल हुआ है या नहीं। यदि जांच में कोई भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

डीएम ने सभी क्षेत्राधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान चलाकर शस्त्र लाइसेंस धारकों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगालें। जांच के दौरान न्यायालयों में चल रहे मामलों, पूर्व में हुई कार्रवाई और उपलब्ध साक्ष्यों को भी गंभीरता से संकलित किया जाएगा ताकि किसी भी निर्णय में तथ्यों की अनदेखी न हो।

प्रशासन का मानना है कि कई बार शस्त्र लाइसेंस प्राप्त करने के बाद कुछ लोग नियमों की अनदेखी करते हैं या फिर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए जाते हैं। ऐसे मामलों में आयुध अधिनियम 1959 और आयुध नियमावली 2016 के तहत निर्धारित शर्तों का उल्लंघन होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने साफ कर दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और शस्त्र लाइसेंस केवल जिम्मेदार एवं कानून का पालन करने वाले नागरिकों के लिए है।

जिलाधिकारी के निर्देश के बाद जिले में लाइसेंसी हथियार रखने वाले लोगों के बीच भी हलचल तेज हो गई है। प्रशासन अब प्रत्येक लाइसेंस धारक की पृष्ठभूमि का बारीकी से परीक्षण करेगा। जिन लोगों का आपराधिक इतिहास सामने आएगा या जिनके खिलाफ गंभीर आरोप दर्ज हैं, उन्हें किसी भी प्रकार की राहत मिलने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है।

डीएम अभिषेक पाण्डेय ने सभी क्षेत्राधिकारियों को 15 दिनों के भीतर जांच पूरी कर विस्तृत आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जनपद में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि कोई व्यक्ति अपराध में लिप्त पाया जाता है तो उसे हथियार रखने का अधिकार नहीं दिया जा सकता।

जिला प्रशासन के इस सख्त फैसले को कानून-व्यवस्था के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस अभियान से ऐसे लोगों की पहचान होगी जो लाइसेंस की आड़ में नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि प्रतापगढ़ में अपराध और अव्यवस्था फैलाने वालों पर अब सीधी और कठोर कार्रवाई होगी। शस्त्र लाइसेंस धारकों के लिए यह अभियान एक चेतावनी है कि नियमों का पालन करें, अन्यथा लाइसेंस निरस्तीकरण सहित कड़ी कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

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