सुल्तानपुर में युवकों से मारपीट, जबरन लगवाए गए ‘जय श्रीराम’ के नारे! सड़क पर 20 मिनट तक बर्बरता का आरोप, वीडियो वायरल
सुल्तानपुर। जिले के चांदा थाना क्षेत्र में कथित तौर पर दो युवकों के साथ हुई मारपीट और जबरन धार्मिक नारे लगवाने की घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। प्रतापगढ़ निवासी दो युवकों ने आरोप लगाया है कि बाइक से लौटते समय उन्हें बीच सड़क पर रोककर कुछ लोगों ने न केवल बेरहमी से पीटा, बल्कि उनसे जबरन ‘जय श्रीराम’ के नारे भी लगवाए। पीड़ितों का आरोप है कि इस दौरान उनसे नकदी और सामान भी छीन लिया गया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
पीड़ित आफताब आलम और मोहम्मद जीशान के अनुसार, वे प्रतापगढ़ से बाइक द्वारा अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। इसी दौरान चांदा क्षेत्र के परमापुर के पास 6 से 7 युवकों ने उनकी बाइक रोक ली। आरोप है कि बिना किसी उकसावे के दोनों के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी गई और देखते ही देखते मामला मारपीट में बदल गया।
सड़क पर गिराकर बरसाए लात-घूंसे
वायरल वीडियो में कुछ युवक दो लोगों को घेरकर मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें बाइक से नीचे गिरा दिया गया और फिर लात-घूंसों से पीटा गया। इतना ही नहीं, उन्हें सड़क पर लिटाकर लगातार मारा गया। करीब 20 मिनट तक चली इस कथित पिटाई के दौरान कोई थप्पड़ मारता रहा तो कोई लातें बरसाता रहा। वीडियो में गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार के आरोप भी सामने आए हैं।
पीड़ितों का कहना है कि वे लगातार हमलावरों से रहम की गुहार लगाते रहे। “छोड़ दो भइया” कहते हुए माफी मांगते रहे, लेकिन आरोपियों का गुस्सा कम नहीं हुआ। बाद में किसी साथी के हस्तक्षेप के बाद दोनों को वहां से जाने दिया गया।
जबरन धार्मिक नारे लगवाने का आरोप
घटना का सबसे गंभीर पहलू यह बताया जा रहा है कि मारपीट के दौरान दोनों युवकों से बार-बार ‘जय श्रीराम’ के नारे लगवाए गए। पीड़ितों का आरोप है कि उनसे कहा गया कि यदि वे नारे नहीं लगाएंगे तो उन्हें और पीटा जाएगा। वीडियो में भी कथित तौर पर इसी तरह की बातें सुनाई देने का दावा किया जा रहा है।
यह आरोप सामने आने के बाद मामला केवल मारपीट तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि सामाजिक और सांप्रदायिक संवेदनशीलता से भी जुड़ गया है। स्थानीय लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
नकदी और मशीन छीनने का भी आरोप
पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान हमलावरों ने उनके पास मौजूद करीब 25 हजार रुपये नकद और एक ड्रिल मशीन भी छीन ली। घटना के बाद दोनों युवक शारीरिक और मानसिक रूप से काफी परेशान रहे। परिजनों के अनुसार, मारपीट के कारण दोनों की तबीयत भी बिगड़ गई थी।
शर्म और भय के कारण नहीं पहुंचे पुलिस के पास
परिवार वालों का कहना है कि घटना के बाद दोनों युवक बेहद सदमे में थे। उन्हें सार्वजनिक रूप से पीटे जाने और वीडियो वायरल होने के कारण मानसिक आघात पहुंचा। इसी वजह से वे तत्काल पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने नहीं गए। बाद में परिजनों और शुभचिंतकों के समझाने पर 11 जून को दोनों युवक कोतवाली पहुंचे और पूरी घटना की शिकायत पुलिस को दी।
चार नामजद, तीन अज्ञात पर आरोप
पीड़ितों ने अपनी शिकायत में सक्षम पांडेय, कमल, चंदन और सूरज राजा नामक युवकों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। इसके अलावा तीन अन्य युवकों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। पुलिस वीडियो के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस सक्रिय
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की सत्यता और घटनास्थल की पुष्टि कर ली गई है।
सीओ बोले- दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
क्षेत्राधिकारी ऋतिक कपूर ने बताया कि कुछ व्यक्तियों द्वारा अन्य समुदाय के लोगों के साथ मारपीट और अनुचित व्यवहार किए जाने का वीडियो सामने आया है। पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए जांच की है। जांच में घटना चांदा थाना क्षेत्र के परमापुर की पाई गई है।
सीओ के अनुसार, वीडियो में दिखाई दे रहे कुछ लोगों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित की गई हैं। आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अन्य संदिग्धों की पहचान का प्रयास भी जारी है।
कानून हाथ में लेने वालों पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि पीड़ितों के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह केवल मारपीट का मामला नहीं बल्कि कानून को अपने हाथ में लेने की गंभीर घटना मानी जाएगी। किसी भी व्यक्ति को उसकी पहचान, धर्म या समुदाय के आधार पर अपमानित करना और हिंसा करना कानूनन अपराध है।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। लेकिन वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों ने सुल्तानपुर समेत पूरे क्षेत्र में चर्चा और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।







